मोबाइल फोन पर जीएसटी में कटौती: 3 सितंबर को हुई जीएसटी काउंसिल की बैठक के बाद से ही देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। टीवी, एसी और डिशवॉशर जैसे उपकरणों पर जीएसटी दरों में कमी ने उपभोक्ताओं में एक नई उम्मीद जगाई है। स्वाभाविक है कि इस घोषणा के बाद बहुत से लोगों के मन में सवाल आ रहा है: **क्या मोबाइल फोन पर जीएसटी में कटौती होगी? क्या अब स्मार्टफोन की कीमतों में भी कुछ राहत मिलेगी?
आइए, इस सवाल का जवाब तथ्यों के साथ समझते हैं और जानते हैं कि आखिर इस नए बदलाव का आपके अगले फोन की खरीदारी पर क्या असर पड़ेगा।
जीएसटी काउंसिल ने क्या फैसला लिया?
सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि आखिर हुआ क्या है। जीएसटी काउंसिल ने जीएसटी की संरचना को सरल बनाने का फैसला किया है। पहले मौजूद 12% और 28% के स्लैब को खत्म कर दिया गया है। अब मुख्य रूप से केवल तीन स्लैब रह गए हैं: 5%, 18% और एक नया 40% का स्लैब (जो तंबाकू उत्पादों और कुछ विशेष लग्जरी कारों पर लागू होगा)।
इस restructring के तहत, टीवी, एसी, डिशवॉशिंग मशीन और प्रोजेक्टर जैसे उत्पादों को 28% के पुराने स्लैब से हटाकर 18% के स्लैब में शामिल कर दिया गया है। इसका सीधा मतलब है कि इन चीजों पर अब कम टैक्स लगेगा और वे सस्ते होंगे।
तो क्या मोबाइल फोन भी 18% के स्लैब में हैं?
यहीं पर हमारे मुख्य सवाल का जवाब आता है। जी हाँ, मोबाइल फोन पहले से ही 18% के जीएसटी स्लैब में आते हैं। इस नए बदलाव में इन्हें किसी दूसरे स्लैब में नहीं किया गया है। यानी, मोबाइल फोन पर जीएसटी में कटौती जैसा कोई प्रावधान अभी घोषित नहीं हुआ है।
कई लोगों को उम्मीद थी कि मोबाइल फोनों को 12% के स्लैब में शिफ्ट किया जा सकता है, लेकिन चूंकि 12% का स्लैब ही खत्म कर दिया गया है, ऐसे में अब ऐसी कोई संभावना नहीं बची है। फिलहाल, मोबाइल फोन खरीदने पर आपको पहले की ही तरह 18% जीएसटी देना होगा।
क्यों नहीं हुई मोबाइल फोन पर जीएसटी में कमी?
यह एक तार्किक सवाल है। एक तरफ टीवी-एसी पर टैक्स कम हुआ है, तो दूसरी तरफ मोबाइल पर क्यों नहीं? इसके पीछे सरकार का राजस्व (Revenue) एक बड़ा कारण माना जा रहा है। मोबाइल फोन का बाजार बेहद बड़ा है और स्मार्टफोन की बिक्री से government को होने वाला राजस्व काफी substantial है। इस राजस्व में किसी भी तरह की कमी government के लिए एक बड़ा नुकसान हो सकता है, खासकर ऐसे time में जब economy को नुकसान की भरपाई की जरूरत है।
इसलिए, यह कहा जा सकता है कि मोबाइल फोन पर जीएसटी में कटौती का proposal शायद राजस्व के मद्देनजर मंजूर नहीं किया गया।
क्या मोबाइल रिपेयर पर कोई राहत मिलेगी?
नहीं, इस मामले में भी कोई बदलाव नहीं हुआ है। मोबाइल फोन की मरम्मत और सर्विसिंग पर भी 18% का जीएसटी ही लागू रहेगा। इसलिए, screen repair या कोई दूसरा सर्विस चार्ज अब भी पहले जितना ही होगा।
निष्कर्ष: तो क्या है भविष्य?
हाल के बदलावों से यह स्पष्ट है कि सरकार ने घरेलू उपकरणों (white goods) को सस्ता करने पर focus किया है, जबकि **मोबाइल फोन पर जीएसटी में कटौती** इस बार का agenda नहीं थी। ऐसे में निकट भविष्य में स्मार्टफोन की कीमतों में जीएसटी की वजह से कोई कमी आने की उम्मीद नहीं है।
हाँ, फोन निर्माता कंपनियाँ अपनी ओर से किसी festival sale या offer के तहत छूट जरूर दे सकती हैं, लेकिन वह जीएसटी में official कटौती नहीं होगी। तो अगर आप एक नया फोन खरीदने की सोच रहे हैं, तो यह समझ लें कि मोबाइल फोन पर जीएसटी में कटौती जैसा कोई benefit अभी आपको नहीं मिलने वाला है। आपको अभी भी उतना ही टैक्स देना होगा जितना पहले देना पड़ता था।