Trump Allies TikTok Control: अमेरिका में TikTok को लेकर लंबे समय से खींचतान चल रही थी। सवाल था—क्या चीन की कंपनी ByteDance इस ऐप को अमेरिका में चला पाएगी या फिर उसे अपना सबसे बड़ा मार्केट गंवाना पड़ेगा? गुरुवार को व्हाइट हाउस में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस पर बड़ा फैसला लिया और एक्जीक्यूटिव ऑर्डर साइन कर दिया। इस ऑर्डर के तहत अब TikTok का अमेरिकी वर्ज़न ट्रंप के करीबी निवेशकों के हाथों में जाएगा और चीनी स्वामित्व घटकर सिर्फ 20 प्रतिशत रह जाएगा।
कौन होंगे नए मालिक?
ट्रंप ने साफ किया कि अमेरिकी TikTok को “highly sophisticated” यानी बेहद अनुभवी निवेशक चलाएंगे। इनमें Oracle के संस्थापक लैरी एलिसन, टेक इन्वेस्टर माइकल डेल और मीडिया टाइकून रूपर्ट मर्डोक का नाम शामिल है।
इसके अलावा इन्वेस्टमेंट फर्म Silver Lake Management और वेंचर कैपिटल दिग्गज Andreessen Horowitz भी इस सौदे का हिस्सा बताए जा रहे हैं।
ट्रंप का बयान: “अगर संभव होता तो इसे 100% MAGA बना देता”
Trump Allies TikTok Control डील की घोषणा करते वक्त ट्रंप ने मजाकिया अंदाज़ में कहा कि अगर संभव होता तो वह TikTok को पूरी तरह से MAGA (Make America Great Again) बना देते, लेकिन ऐसा करना मुमकिन नहीं है। उन्होंने वादा किया कि ऐप पर किसी एक विचारधारा का दबदबा नहीं होगा और हर समूह और सोच को निष्पक्ष जगह मिलेगी।
अमेरिकी यूज़र्स के लिए क्या बदलेगा?
TikTok के करीब 170 मिलियन अमेरिकी यूज़र्स इस फैसले से सीधे तौर पर जुड़े हैं। ट्रंप ने कहा कि नया सेटअप सुनिश्चित करेगा कि लोग TikTok का इस्तेमाल पहले की तरह कर सकें, साथ ही राष्ट्रीय सुरक्षा भी सुरक्षित रहे।
सबसे अहम बात यह है कि TikTok का अमेरिकी वर्ज़न अब अपने एल्गोरिदम के होमग्रोन मॉडल के साथ काम करेगा। यही एल्गोरिदम TikTok की “सीक्रेट सॉस” मानी जाती है, जिसने इसे कुछ ही सालों में दुनिया का सबसे लोकप्रिय ऐप बना दिया।
व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने बताया कि इस एल्गोरिदम की लगातार निगरानी की जाएगी ताकि यह किसी बाहरी दबाव या प्रभाव में न आए।
इस डील की पृष्ठभूमि
दरअसल, Trump Allies TikTok Control यह नया ढांचा एक ऐसे कानून के चलते सामने आया है जो ट्रंप के पूर्ववर्ती राष्ट्रपति जो बाइडन के कार्यकाल में पास हुआ था। उस कानून के मुताबिक ByteDance को अपने अमेरिकी ऑपरेशंस बेचना अनिवार्य था, वरना ऐप पर बैन लग सकता था।
अमेरिकी नेताओं का तर्क रहा है कि TikTok के ज़रिए चीन अमेरिकी नागरिकों का डेटा इकट्ठा कर सकता है या एल्गोरिदम के ज़रिए प्रभाव डाल सकता है।
ट्रंप पहले भी कई बार डेडलाइन बढ़ाते रहे हैं। हाल ही में उन्होंने इसे 16 दिसंबर 2025 तक बढ़ाया था। गुरुवार के ऑर्डर के साथ अब इस डील को पूरा करने के लिए 120 दिन और मिल गए हैं, यानी 23 जनवरी तक लेन-देन करना होगा।
डील की कीमत और JD Vance की भूमिका
Trump Allies TikTok Control डील को आकार देने में उपराष्ट्रपति जे.डी. वांस की बड़ी भूमिका रही है। खुद एक समय वेंचर कैपिटलिस्ट रहे वांस ने निवेशकों की टीम को साथ लाने का काम किया। उनका अनुमान है कि TikTok का अमेरिकी एंटिटी करीब 14 बिलियन डॉलर में वैल्यू होगी। हालांकि, अंतिम कीमत का फैसला निवेशक ही करेंगे।
क्या चीन तैयार है?
सबसे बड़ा सवाल यही था कि क्या चीन इस Trump Allies TikTok Control डील को मान लेगा। ट्रंप ने बताया कि हाल ही में उनकी चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से फोन पर बात हुई और उन्होंने इस डील को हरी झंडी दे दी।
ट्रंप ने कहा, “मुझे राष्ट्रपति शी के प्रति बहुत सम्मान है और मैं आभारी हूं कि उन्होंने इस डील को मंजूरी दी। इसे सही तरीके से पूरा करने के लिए चीन का सहयोग ज़रूरी था।”
हालांकि TikTok की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई और बीजिंग भी इस सौदे पर ज़्यादा कुछ बोलने से बच रहा है। चीन के सरकारी टीवी चैनल CCTV ने बस इतना कहा कि राष्ट्रपति शी ने बाज़ार-आधारित बातचीत का समर्थन किया है, जो चीनी कानूनों के अनुरूप हो।
क्या TikTok अब सुरक्षित है?
Trump Allies TikTok Control डील के बाद सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि अमेरिका में TikTok का भविष्य फिलहाल सुरक्षित हो गया है। ऐप का इस्तेमाल करने वाले करोड़ों लोग बिना किसी रुकावट के इसे चला पाएंगे।
साथ ही, अमेरिकी नीति-निर्माताओं के लिए यह भी एक तरह की जीत है कि अब TikTok का नियंत्रण उनके भरोसेमंद निवेशकों के पास होगा।
निष्कर्ष
TikTok को लेकर अमेरिका और चीन के बीच तनाव पिछले कई सालों से जारी था। अब Trump Allies TikTok Control Deal के बाद तस्वीर साफ़ होती दिख रही है। हालांकि आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या TikTok का अमेरिकी वर्ज़न अपने मूल स्वरूप को बनाए रख पाएगा या फिर निवेशकों और राजनीतिक दबावों के चलते इसमें बड़े बदलाव होंगे।
फिलहाल इतना तय है कि TikTok का अमेरिकी सफर अभी खत्म नहीं होने वाला।