Richa Ghosh की 94 पड़ी बेकार, Nadine de Klerk की तूफानी पारी से भारत को Vizag में हार

भारत और साउथ अफ्रीका के बीच खेले गए रोमांचक मुकाबले में टीम इंडिया को अपने घरेलू मैदान पर हार का सामना करना पड़ा। भारतीय बल्लेबाज Richa Ghosh की संघर्षपूर्ण 94 रन की शानदार पारी भी टीम को जीत नहीं दिला सकी। Nadine de Klerk ने साउथ अफ्रीका के लिए 54 गेंदों में नाबाद 84 रन की विस्फोटक पारी खेली और मैच को आखिरी ओवरों में पलट दिया। इस जीत के साथ साउथ अफ्रीका ने टूर्नामेंट में अपनी दूसरी जीत दर्ज की, जबकि भारत को चल रहे ICC Women’s World Cup में पहली हार मिली।

Richa Ghosh की मेहनत रही बेकार

पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने 49.5 ओवर में 251 रन बनाए। इस स्कोर तक पहुंचाने का श्रेय सबसे ज्यादा Richa Ghosh को जाता है, जिन्होंने 77 गेंदों में 94 रन बनाए। हालांकि, जब टीम को जीत की जरूरत थी, तब साउथ अफ्रीका की बल्लेबाज Nadine de Klerk ने मैच का रुख बदल दिया।

भारतीय टीम की शुरुआत अच्छी रही थी। प्रातिका रावल और स्मृति मंधाना ने मिलकर पारी को स्थिर शुरुआत दी। रावल ने मरिज़ाने कैप की गेंदों पर शुरुआती ओवरों में कुछ शानदार शॉट लगाए और रनगति को तेज रखा। हालांकि, जैसे ही मंधाना सेट होने लगीं, नोंकुलुलेको म्लाबा ने उन्हें लॉन्ग ऑन पर कैच करा दिया।

मध्यक्रम फिर लड़खड़ाया

मंधाना के आउट होने के बाद भारतीय बल्लेबाजी थोड़ी धीमी पड़ गई। हरलीन देओल ने रावल के साथ साझेदारी जमाने की कोशिश की, लेकिन म्लाबा ने उन्हें भी बोल्ड कर दिया। इसके बाद भारतीय मध्यक्रम ताश के पत्तों की तरह बिखर गया। 26वें ओवर तक भारत का स्कोर 102 पर 6 विकेट हो गया था।

ऐसे मुश्किल वक्त में Richa Ghosh और अमनजोत कौर ने मिलकर पारी को संभाला। दोनों ने सातवें विकेट के लिए अर्धशतकीय साझेदारी की। अमनजोत ने संयम दिखाया, वहीं Richa Ghosh ने रन बनाने की जिम्मेदारी उठाई। जब अमनजोत आउट हुईं, तब टीम अभी भी मुश्किल में थी, लेकिन इसके बाद रिचा ने आक्रामक अंदाज अपनाया।

Richa Ghosh ने पलटा मोर्चा, लेकिन अंत में चूकीं

Richa Ghosh ने Nadine de Klerk की स्लोअर गेंद पर छक्का लगाकर अपना अर्धशतक पूरा किया। इसके बाद उन्होंने म्लाबा और ट्रायन की गेंदों पर भी कुछ बेहतरीन शॉट खेले। स्नेह राणा के साथ मिलकर उन्होंने आठवें विकेट के लिए तेज 88 रन जोड़े।

इस दौरान Richa Ghosh ने कई बार किस्मत का साथ भी पाया। उन्हें दो बार कैच ड्रॉप मिला और एक बार रन आउट के मौके पर भी बच गईं। उन्होंने आखिरी ओवर में एक बड़ा शॉट लगाने की कोशिश की, लेकिन गेंद सीधे ट्रायन के हाथों में चली गई और उनकी पारी 94 रन पर खत्म हुई। भारत की पारी 251 रन पर सिमट गई।

साउथ अफ्रीका की शुरुआत खराब, फिर Wolvaardt ने थामी पारी

252 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी साउथ अफ्रीका की शुरुआत बेहद खराब रही। तज़मिन ब्रिट्स पहली ही ओवर में बिना खाता खोले आउट हो गईं। इसके बाद सून लूस भी जल्दी पवेलियन लौट गईं।

लौरा वूलवर्ड्ट और मरिज़ाने कैप ने कुछ देर साझेदारी की, लेकिन स्नेह राणा की गेंद ने कैप को बोल्ड कर दिया। 20वें ओवर तक साउथ अफ्रीका का स्कोर 81 पर 5 विकेट हो गया था और ऐसा लग रहा था कि मैच पूरी तरह भारत के पक्ष में है।

Tryon और Nadine de Klerk ने पलट दिया मैच

यहां से क्लोए ट्रायन और Nadine de Klerk ने मिलकर खेल की दिशा बदल दी। पहले ट्रायन और वूलवर्ड्ट ने मिलकर 61 रन जोड़े। वूलवर्ड्ट के आउट होने के बाद ट्रायन और de Klerk ने सातवें विकेट के लिए 69 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी की।

46वें ओवर से Nadine de Klerk ने अपना असली रूप दिखाया। उन्होंने उस ओवर में एक छक्का और एक चौका लगाया। ट्रायन के आउट होने के बाद उन्होंने जिम्मेदारी खुद ली और आखिरी ओवरों में लगातार बाउंड्री लगाती रहीं।

47वें ओवर में उन्होंने क्रांति गौड़ की गेंद पर 18 रन ठोक दिए। इसी ओवर ने मैच का पासा पलट दिया। आखिरी के दो ओवरों में Nadine de Klerk ने लगातार दो छक्के लगाकर टीम को जीत दिलाई।

भारत की पहली हार, लेकिन Richa Ghosh की पारी रही खास

भारत के लिए यह हार निराशाजनक रही, क्योंकि टीम एक समय पूरी तरह से मैच में हावी थी। गेंदबाजों ने शुरुआती विकेट दिलाए, लेकिन अंत में Nadine de Klerk की पारी ने सब बदल दिया।

हालांकि, इस मैच में Richa Ghosh की पारी चर्चा का विषय रही। उन्होंने अपनी 94 रन की पारी से साबित किया कि वह टीम इंडिया की मध्यक्रम की सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज हैं। अगर उन्हें थोड़ा और साथ मिलता, तो नतीजा शायद अलग होता।

मैच का सारांश

भारत: 251 रन (Richa Ghosh 94, प्रातिका रावल 37, क्लोए ट्रायन 3-32, मरिज़ाने कैप 2-45)
साउथ अफ्रीका: 252/7 (Nadine de Klerk 84*, लौरा वूलवर्ड्ट 70)
परिणाम: साउथ अफ्रीका 3 विकेट से जीता

विजाग में खेले गए इस मुकाबले में Richa Ghosh की 94 रन की पारी भले ही भारत के लिए जीत में तब्दील नहीं हो पाई, लेकिन यह मैच भारतीय टीम के लिए कई सबक छोड़ गया। Nadine de Klerk की आक्रामक बल्लेबाजी ने दिखाया कि आखिरी ओवरों तक मैच किसी का भी हो सकता है। अब देखना होगा कि टीम इंडिया अगले मैच में इस हार से कैसे उबरती है और क्या Richa Ghosh एक बार फिर अपनी शानदार फॉर्म जारी रख पाएंगी।

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