32 साल की उम्र में घर-विहीन हो गए Ranveer Brar, रेस्टोरेंट बंद होने के बाद बेंच पर सोते थे

भारत के प्रसिद्ध शेफ Ranveer Brar आज टेलीविजन और सोशल मीडिया पर हर घर में पहचाने जाते हैं। लेकिन सफलता की यह ऊंचाई उन्हें एक लंबा संघर्ष झेलने के बाद मिली। हाल ही में एक पॉडकास्ट में उन्होंने खुलासा किया कि 32 साल की उम्र में वे घरविहीन हो गए थे, रेस्टोरेंट बंद हो गया था और जीने के लिए कुछ भी नहीं बचा था। उनकी कहानी बताती है कि असफलता के बाद भी जीवन दोबारा शुरू किया जा सकता है।

बचपन और खाना बनाने की शुरुआत

Ranveer Brar का जन्म लखनऊ में हुआ। बचपन से ही उन्हें खाना बनाने का शौक था। दादी की किचन में मदद करते हुए उन्होंने खाना बनाने की बारीकियां सीखीं। केवल 13 साल की उम्र में उन्होंने गुरुद्वारे में प्रसाद के रूप में मीठे चावल बनाए। बाद में उन्होंने लखनऊ के मशहूर कबाब गुरु मुनीर उस्ताद के साथ रहकर कबाब बनाना सीखा। घरवाले इस पेशे से खुश नहीं थे, मगर Ranveer Brar ने हार नहीं मानी। लखनऊ और प्रयागराज में छोटे काम करते हुए उन्होंने अपने करियर की नींव रखी। उनकी मेहनत रंग लाई और 25 साल की उम्र में वे भारत के सबसे युवा एक्जीक्यूटिव शेफ बन गए।

अमेरिका में असफलता का सामना

लखनऊ से मुंबई और फिर बोस्टन तक का सफर Ranveer Brar के जीवन का सबसे बड़ा मोड़ साबित हुआ। उन्होंने बोस्टन में अपना पहला रेस्टोरेंट खोला, लेकिन पार्टनर्स से मनमुटाव के कारण यह वेंचर असफल रहा। उन्होंने बताया, “जब रेस्टोरेंट बंद हुआ तो पांच हजार डॉलर के अलावा कुछ नहीं बचा था। कुछ समय बाद वे भी खत्म हो गए।” इस कठिन समय में Ranveer Brar पार्क की बेंचों पर सोने लगे। वे कहते हैं, “मैं मदद मांगने में बहुत झिझकता था। असफलता पहली बार देखी थी, इसलिए टूट गया था।” 32 वर्ष की उम्र में उन्होंने अपने जीवन की सबसे कठिन परीक्षा दी।

सबक जिसने बदली सोच

Ranveer Brar बताते हैं कि उस कठिन दौर ने उन्हें सिखाया कि जिंदगी को ज्यादा गंभीरता से नहीं लेना चाहिए। “उन दिनों ने मुझे सिखाया कि जब सब कुछ चला जाए, तब भी तुम्हारे पास तुम्हारा हुनर रहता है, जो दो वक्त की रोटी दिला सकता है,” वे कहते हैं। उन्होंने चाहा तो था कि बड़े रेस्टोरेंट्स चलाएं लेकिन महसूस किया कि अगर जरूरत पड़ी तो वे एक छोटा फूड कार्ट लगाकर भी खुश रह सकते हैं। यही सोच उन्हें वापस खड़ा करने की प्रेरणा बनी।

नया मोड़ और भारत वापसी

2012 में, Ranveer Brar भारत लौट आए क्योंकि उनके पिता को कैंसर था। उन्होंने इस मुश्किल समय को अवसर में बदला। वे टेलीविजन दुनिया में आए और कई शो होस्ट किए। कुछ ही समय में Ranveer Brar ‘MasterChef India’ के जज बन गए। खाना बनाने के साथ-साथ कहानी सुनाने की कला ने उन्हें दर्शकों के दिलों तक पहुंचा दिया। अब उनकी पहचान सिर्फ एक शेफ के रूप में नहीं, बल्कि टीवी और डिजिटल स्टार के रूप में है।

एक्टिंग और नई शुरुआत

सफलता के बाद Ranveer Brar ने खुद को एक्टिंग में भी आजमाया। वे करीना कपूर के साथ फिल्म ‘Buckingham Murders’ में नजर आए। उनकी जर्नी यह साबित करती है कि असफलता अंत नहीं बल्कि नई शुरुआत होती है। Lucknow की गलियों से लेकर इंटरनेशनल मंच तक का सफर उनकी मेहनत और जज्बे की मिसाल है।

जमीन से जुड़े कैसे रहते हैं Ranveer Brar

एक पॉडकास्ट में Ranveer Brar ने बताया कि वे आज भी खुद को जमीन से जोड़े रखने के लिए रोज ऑटो में सफर करने की कोशिश करते हैं। दादाजी की सीख आज भी उनके दिल में है— “जब लगे कि तू बहुत बड़ा आदमी हो गया, तो जमीन को देख ले। वो तभी फल देगी जब तू मेहनत करेगा।” वे कहते हैं, “जब भी अहंकार चढ़ जाए, माता-पिता को देख लो, सब ठीक हो जाता है।” यही सोच उन्हें हमेशा विनम्र और वास्तविक बनाए रखती है।

प्रेरणा भरी यात्रा

Ranveer Brar की कहानी आज के युवाओं के लिए प्रेरणा है। उन्होंने दिखाया कि सफलता केवल टैलेंट से नहीं, बल्कि धैर्य और हिम्मत से हासिल की जाती है। 32 साल की उम्र में सब कुछ खो देने के बाद भी उन्होंने खुद को संभाला और दोबारा उठ खड़े हुए। आज Ranveer Brar वे व्यक्ति हैं जिन्हें देखकर लगता है— अगर इच्छाशक्ति मजबूत हो, तो कोई असफलता मंज़िल नहीं रोक सकती।

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