Prime Minister Narendra Modi के हालिया बयान – “मैं गया था उसकी ताली बजा रहे हो, आया हूं उसकी ताली बजाओ” – ने Social Media पर जबरदस्त चर्चा छेड़ दी है। यह बात उन्होंने Japan और China की यात्रा से लौटने के बाद कही थी। पहली नज़र में यह एक सामान्य टिप्पणी लग सकती है, लेकिन अब कई लोग इसे “Tashkent 2.0” Theory से जोड़ रहे हैं।
Social Media पर दावा किया जा रहा है कि China में हुए SCO (Shanghai Cooperation Organization) Summit के दौरान Prime Minister Narendra Modi पर किसी तरह का खतरा मंडरा रहा था, जिसे Indian Agencies ने समय रहते टाल दिया।
SCO Summit में क्या हुआ था?
SCO यानी Shanghai Cooperation Organization का शिखर सम्मेलन इस बार China की धरती पर हुआ, जिसमें Russia के President Vladimir Putin, India के Prime Minister Narendra Modi समेत कई देशों के शीर्ष नेता शामिल हुए।
इस दौरान एक तस्वीर ने दुनिया का ध्यान खींचा — वह पल जब Prime Minister Narendra Modi, Vladimir Putin की Limousine में जाकर बैठे और दोनों के बीच करीब 40-45 मिनट की लंबी बातचीत हुई।
Russian Media और अंतरराष्ट्रीय अखबारों ने इस मुलाकात को India-Russia Friendship का प्रतीक बताया। लेकिन अब Social Media पर चर्चा यह है कि इस मुलाकात के पीछे सिर्फ “दोस्ती” नहीं, बल्कि “जानकारी का आदान-प्रदान” भी था। कुछ लोगों का मानना है कि Vladimir Putin ने कार में Prime Minister Narendra Modi को कोई “Critical Information” दी थी — जो किसी बड़े खतरे से जुड़ी थी।
“Tashkent 2.0” Theory क्या है?
इस पूरे घटनाक्रम को लोग “Tashkent 2.0” कह रहे हैं। 1966 में जब उस समय के Prime Minister Lal Bahadur Shastri, Tashkent Agreement के लिए गए थे, तो वहीं उनकी रहस्यमय मौत हो गई थी। बताया गया कि उन्हें Heart Attack आया था, लेकिन बाद में यह शक भी जताया गया कि उन्हें Poison दिया गया था।
अब Social Media पर यह चर्चा चल रही है कि क्या China में भी Prime Minister Narendra Modi के साथ कुछ वैसा ही Plan था — यानी “Tashkent 2.0”। हालांकि इस दावे की कोई Official Confirmation नहीं है, लेकिन इसने Social Media पर बहस जरूर छेड़ दी है।
Prime Minister Modi का इशारा या मज़ाक?
Prime Minister Narendra Modi ने China से लौटकर कहा था — “मैं गया था उसकी ताली बजा रहे हो, आया हूं उसकी ताली बजाओ।”
पहले तो लोगों को लगा कि यह बस एक हल्का-फुल्का मज़ाक है, लेकिन अब कई लोग इसे एक “संकेत” के रूप में देख रहे हैं। उनका मानना है कि Prime Minister Modi ने इशारों में यह बताया कि China में कुछ “असामान्य” हुआ था, जिसे Indian Agencies ने समय रहते संभाल लिया।
Prime Minister Modi की यह टिप्पणी उस वक्त की भी याद दिलाती है जब Punjab में उनकी Rally के दौरान उनका Convoy रास्ते में रुक गया था। उस समय Prime Minister Modi ने कहा था – “जाकर अपने Chief Minister को बोलना, मैं जिंदा लौट आया हूं।”
Dhaka की रहस्यमय घटना भी जुड़ी
इस कहानी में एक और घटना का जिक्र हो रहा है — Dhaka में एक US Special Forces Officer की संदिग्ध मौत। रिपोर्ट्स के मुताबिक, Dhaka के एक Hotel में एक American Agent मृत पाया गया था। Local Police जांच शुरू ही कर पाती, उससे पहले US Embassy के अधिकारी वहां पहुंचे और Body को अपने कब्जे में ले गए।
कुछ लोगों का दावा है कि यह मामला भी “Tashkent 2.0” से जुड़ा हुआ है। Social Media पर चल रही Posts में कहा जा रहा है कि China में जो कुछ होने वाला था, उसमें कई International Agencies की भूमिका हो सकती थी, लेकिन Indian Agencies, Russia की KGB और China की Intelligence Teams ने समय रहते मिलकर स्थिति संभाल ली।
Putin और Modi की Car Meeting का रहस्य
Vladimir Putin और Prime Minister Narendra Modi की मुलाकात को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। जब दोनों नेता एक ही Car में लगभग 45 मिनट तक बातचीत करते दिखे, तो कई International Media Outlets ने इसे “Friendly Discussion” बताया।
लेकिन कुछ Analysts का कहना है कि अगर यह सिर्फ दोस्ताना बातचीत होती, तो इतने लंबे समय तक Security Arrangements क्यों किए जाते?
बताया जा रहा है कि उस दौरान Vladimir Putin ने Prime Minister Modi को Former US President Donald Trump से अपनी पिछली Meeting की बातें भी बताईं थीं। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि बातचीत का विषय क्या था, लेकिन Social Media Theory के मुताबिक, वही पल था जब Prime Minister को संभावित खतरे के बारे में सतर्क किया गया।
क्या यह सिर्फ Social Media की अफवाह है?
Official Sources की ओर से इस तरह की किसी भी घटना की न तो पुष्टि हुई है, न ही कोई बयान जारी हुआ है। न India, न Russia और न China ने इस मामले में कुछ कहा है। लेकिन “Tashkent 2.0” की यह Theory अब Social Media पर तेजी से फैल रही है।
कुछ Experts इसे “Political Speculation” मानते हैं, जबकि कुछ का कहना है कि Prime Minister Narendra Modi की Security को लेकर हमेशा Serious Threats बने रहते हैं, और यह घटना शायद उन्हीं में से एक थी जिसे Indian Agencies ने सफलतापूर्वक रोका।
आखिर में सवाल वही — “Tashkent 2.0” सच या कहानी?
Prime Minister Narendra Modi और Vladimir Putin की वह Car वाली तस्वीर अब फिर से चर्चा में है। क्या वाकई China में कुछ बड़ा हुआ था? क्या यह “Tashkent 2.0” की कोशिश थी जिसे Indian Agencies ने नाकाम कर दिया? या यह सब सिर्फ Social Media की अफवाहें हैं जो Prime Minister के एक वाक्य से जन्म ले बैठीं?
फिलहाल इन सवालों के जवाब किसी के पास नहीं हैं। लेकिन Prime Minister Modi के उस वाक्य ने देशभर में जिज्ञासा जरूर बढ़ा दी है — “आप गया था उसकी ताली बजा रहे हो, आया हूं उसकी ताली बजाओ।”