देश में Aadhaar Card Disable अभियान तेज हो चुका है और UIDAI ने आधिकारिक रूप से बताया है कि करीब 2 करोड़ Aadhaar Card Disable किए जा चुके हैं। इससे लोगों के मन में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या उनका आधार नंबर सुरक्षित है और क्या यह अभी भी सक्रिय (Active) है। सरकार का कहना है कि यह पूरा अभियान केवल मृत व्यक्तियों के Aadhaar Card Disable करने के लिए चलाया गया है, लेकिन फिर भी कई लोग एहतियात के तौर पर अपना स्टेटस चेक करना चाहते हैं। इस रिपोर्ट में हम समझेंगे कि आखिर इतने Aadhaar Card Disable क्यों किए गए, किसका आधार बंद हुआ है, और अपना स्टेटस कैसे चेक करें।
Aadhaar Card Disable अभियान क्यों चला?
UIDAI लंबे समय से आधार डेटाबेस को साफ और अपडेट रखने पर काम कर रहा है। इसी प्रक्रिया के तहत मृत व्यक्तियों के आधार नंबर बंद किए जा रहे हैं ताकि किसी तरह की धोखाधड़ी या फर्जी पहचान का इस्तेमाल न हो सके। मृत व्यक्ति के नाम पर बैंक खाता खुलवाना, सब्सिडी क्लेम करना या योजनाओं का लाभ लेना जैसी समस्याएं पहले सामने आती रही हैं। ऐसे मामलों को रोकने के लिए UIDAI ने 2024 में एक बड़े पैमाने पर डेटाबेस अपडेट अभियान शुरू किया था, जिसे 2025 में और तेज कर दिया गया। इसी वजह से Aadhaar Card Disable की संख्या 2 करोड़ से अधिक हो गई।
सरकार का कहना है कि आधार नंबर दोबारा किसी दूसरे नागरिक को जारी नहीं किया जाता। इसलिए मृत व्यक्तियों का आधार सक्रिय छोड़ने से सुरक्षा जोखिम बढ़ते हैं। ऐसे में UIDAI का यह कदम डेटाबेस की विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए जरूरी माना जा रहा है।
Aadhaar Card Disable कैसे तय हुए?
सवाल यह है कि UIDAI ने किन आधार नंबरों को निष्क्रिय (Deactivate) किया? इसके लिए कई सरकारी एजेंसियों के डेटा को क्रॉस-वेरिफाई किया गया। मृत व्यक्तियों की पहचान के लिए मुख्य रूप से इन स्रोतों का इस्तेमाल किया गया:
• रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया (RGI)
• राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों के जन्म–मृत्यु पंजीकरण रिकॉर्ड
• पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम (PDS)
• नेशनल सोशल असिस्टेंस प्रोग्राम
• भविष्य में बैंक और बीमा कंपनियों से भी डेटा जोड़ा जाएगा
इन सरकारी रिकॉर्ड्स के आधार पर UIDAI ने जिन नागरिकों की मृत्यु की पुष्टि की, उनके Aadhaar Card Disable कर दिए गए।
UIDAI का कहना है कि सारी जांच कई स्तर पर की जाती है, फिर भी अगर किसी जीवित व्यक्ति का आधार गलती से निष्क्रिय हो जाता है, तो उसके लिए री-एक्टिवेशन की प्रक्रिया मौजूद है।
क्या आपका Aadhaar Card Disable हो सकता है?
अभी तक जो Aadhaar Card Disable किए गए हैं, वे केवल मृत व्यक्तियों के आधार नंबर हैं। जीवित नागरिकों के आधार पर किसी बड़े पैमाने पर असर की जानकारी सामने नहीं आई है। फिर भी UIDAI ने साफ कहा है कि अगर किसी आधार नंबर पर कोई गड़बड़ी दिखती है या OTP नहीं आता, तो स्टेटस चेक कर लेना चाहिए।
कई बार डेटा अपडेट न होने या गलत रिकॉर्ड मैच होने के कारण आधार नंबर गलती से भी निष्क्रिय हो सकता है। अगर ऐसा होता है, तो UIDAI ने उसे दोबारा सक्रिय करने की व्यवस्था तय कर रखी है।
परिवार क्या करें? मृत्यु के बाद आधार रिपोर्ट करना क्यों जरूरी है?
UIDAI ने अब परिवारों से भी जिम्मेदारी निभाने की अपील की है। यदि परिवार में किसी सदस्य की मृत्यु हो जाती है, तो आधार नंबर को अपडेट कराना जरूरी है। इसके लिए “Reporting of death of a family member” नाम की ऑनलाइन सुविधा शुरू की गई है, जो फिलहाल 25 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में उपलब्ध है।
परिवार के लिए प्रक्रिया इस तरह है:
• मृत्यु प्रमाणपत्र (Death Certificate) तैयार रखें
• myaadhaar.uidai.gov.in पर लॉगिन करें
• “Report death of a family member” सेक्शन में जाएं
• मृत व्यक्ति का आधार नंबर, मृत्यु पंजीकरण संख्या और अन्य आवश्यक विवरण भरें
• UIDAI सत्यापन के बाद Aadhaar Card Disable कर देता है
यह प्रक्रिया इसलिए जरूरी है ताकि भविष्य में मृत व्यक्ति के नाम पर धोखाधड़ी या पहचान का गलत इस्तेमाल न हो।
अगर आपका Aadhaar Card Disable हो गया हो तो क्या करें?
UIDAI के अनुसार, अगर किसी जीवित व्यक्ति का आधार नंबर गलती से ‘deceased category’ में चला जाए, तो उसे दोबारा सक्रिय करने की व्यवस्था पहले से मौजूद है। ऐसे मामलों में संबंधित व्यक्ति को यह साबित करने के लिए दस्तावेज देने होते हैं कि वह जीवित है — जिसमें फोटो पहचान पत्र, मोबाइल OTP वेरिफिकेशन और कुछ अतिरिक्त दस्तावेज शामिल हो सकते हैं।
UIDAI आवेदन की जांच के बाद Aadhaar Card Disable हटाकर आधार नंबर को फिर से सक्रिय कर देता है।
Aadhaar Card Status कैसे चेक करें? मिनटों में ऐसे पता चलेगा आपका आधार एक्टिव है या नहीं
चूंकि Aadhaar Card Disable अभियान अभी जारी है, इसलिए अपना आधार सक्रिय है या नहीं, यह चेक करना आसान और जरूरी है। इसके लिए UIDAI कई सुविधाएं देता है।
1. Verify Email/Mobile सेवा
• वेबसाइट खोलें: myaadhaar.uidai.gov.in/verify-email-mobile
• आधार नंबर डालें
• मोबाइल या ईमेल दर्ज करें
• कैप्चा भरें और OTP मांगें
• अगर OTP तुरंत आ जाए तो आधार एक्टिव है
• अगर OTP न आए या “Aadhaar is deactivated” दिखे तो समस्या हो सकती है
2. mAadhaar ऐप
• ऐप इंस्टॉल करें
• आधार नंबर + OTP से लॉगिन करें
• प्रोफाइल खुले तो आधार एक्टिव
3. Resident UIDAI Portal
• resident.uidai.gov.in/check-aadhaar-status
• आधार नंबर + कैप्चा डालें
• यहां साफ दिखेगा — Active या Deactivated
4. टोल-फ्री नंबर
• UIDAI हेल्पलाइन 1947 पर कॉल करें
• आधार नंबर बताएं
• कस्टमर केयर प्रतिनिधि आपके Aadhaar Card Status की पुष्टि कर देगा
सरकार के लिए इसका बड़ा महत्व क्या है?
Aadhaar देश की सबसे बड़ी पहचान प्रणाली है और इससे जुड़ी योजनाएं करोड़ों लोगों तक पहुंचती हैं। मृत व्यक्तियों के Aadhaar Card Disable होने से फर्जी सब्सिडी, गलत क्लेम और पहचान चोरी जैसे मामलों में कमी आएगी। इससे सरकारी योजनाओं की पारदर्शिता बढ़ेगी और सही लाभार्थियों तक सहायता पहुंचाने में आसानी होगी।
आम लोगों के लिए संदेश
सरकार का यह पूरा अभियान दिखाता है कि Aadhaar डेटाबेस को अपडेट रखना कितना जरूरी है। अगर परिवार में किसी की मृत्यु होती है, तो समय रहते UIDAI पोर्टल पर इसकी रिपोर्ट जरूर करें। इससे भविष्य में किसी तरह की जटिलता, बैंकिंग धोखाधड़ी या पहचान की चोरी जैसी समस्याएं नहीं होंगी।
Aadhaar से जुड़ी सेवाएं आज हर घर और हर काम का हिस्सा हैं, इसलिए अपना Aadhaar Card Status एक बार चेक कर लेना समझदारी है, खासकर जब देशभर में इतने Aadhaar Card Disable किए जा चुके हैं।
Also read
PAN-Aadhaar linking कैसे करें? जानिए स्टेप बाय स्टेप आसान गाइड