Bengal Draft Electoral Rolls Today: आज जारी होगी पश्चिम बंगाल की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट, 58 लाख नाम कटने की आशंका से बढ़ी सियासी हलचल

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव 2026 से पहले आज एक अहम कदम उठाया जा रहा है। चुनाव आयोग आज Bengal Draft Electoral Rolls प्रकाशित करने जा रहा है। यह ड्राफ्ट सूची राज्यभर में चल रही Special Intensive Revision (SIR) प्रक्रिया के पूरा होने के बाद जारी की जाएगी। चुनाव अधिकारियों के मुताबिक, सभी तैयारियां तय समय पर पूरी कर ली गई हैं और ड्राफ्ट लिस्ट को लेकर प्रशासन पूरी तरह तैयार है।
Bengal Draft Electoral Rolls के जारी होते ही राज्य में चुनावी प्रक्रिया का एक नया और ज्यादा संवेदनशील चरण शुरू हो जाएगा, जिसमें दावे, आपत्तियां और सुनवाई शामिल होंगी।

आज से ऑनलाइन भी देख सकेंगे अपना नाम

चुनाव आयोग के सूत्रों के अनुसार, Bengal Draft Electoral Rolls पहले ही Booth Level Officer (BLO) ऐप पर अपलोड कर दी गई है। इससे फील्ड स्तर पर तैनात अधिकारी बूथवार डेटा देख पा रहे हैं। वहीं, राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) के कार्यालय ने जिला स्तर की वेबसाइट्स भी एक्टिव कर दी हैं, ताकि आम वोटर आज से ऑनलाइन अपना नाम और विवरण जांच सकें।
चुनाव आयोग का कहना है कि Bengal Draft Electoral Rolls के प्रकाशन के साथ ही गणना यानी enumeration का चरण खत्म हो जाएगा। इसके बाद असली चुनौती शुरू होगी, जब लाखों मतदाताओं के नामों को लेकर आपत्तियां और सत्यापन होंगे।

कब तक चलेगी आपत्ति और सुनवाई की प्रक्रिया

Bengal Draft Electoral Rolls जारी होने के बाद दावा-आपत्ति और सुनवाई का दौर फरवरी 2026 तक चलेगा। जिन मतदाताओं के नामों में गड़बड़ी पाई गई है, उन्हें सत्यापन के लिए बुलाया जाएगा। अंतिम मतदाता सूची को अस्थायी रूप से 14 फरवरी 2026 तक प्रकाशित करने की योजना है।
चुनाव अधिकारियों ने साफ किया है कि ड्राफ्ट लिस्ट में नाम होना यह गारंटी नहीं है कि वह अंतिम सूची में भी रहेगा। हर संदिग्ध या चिह्नित वोटर को अपनी बात रखने का मौका मिलेगा।

SIR प्रक्रिया कब शुरू हुई थी

Special Intensive Revision की शुरुआत 4 नवंबर को हुई थी। इससे पहले 27 अक्टूबर को चुनाव आयोग ने इसका शेड्यूल घोषित किया था। उस वक्त पश्चिम बंगाल में कुल मतदाताओं की संख्या 7,66,37,529 थी।
इस प्रक्रिया के तहत सभी मतदाताओं के लिए फॉर्म छपवाए गए और BLO द्वारा घर-घर जाकर वितरित किए गए। अधिकारियों के अनुसार, जिन लोगों ने हस्ताक्षरित फॉर्म जमा किए, भले ही वे आंशिक रूप से भरे हुए हों, उन्हें Bengal Draft Electoral Rolls में शामिल किया गया है, हालांकि उनका डेटा आगे सत्यापन के दायरे में रहेगा।

30 लाख से ज्यादा वोटर ‘नो-मैपिंग’ कैटेगरी में

चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, Bengal Draft Electoral Rolls तैयार करते समय बड़ी संख्या में मतदाताओं को चिह्नित किया गया है। करीब 30 लाख वोटर्स को “नो-मैपिंग” कैटेगरी में रखा गया है, क्योंकि उनके नाम 2002 की वोटर लिस्ट से लिंक नहीं हो पाए।
इस समूह की सुनवाई बुधवार से शुरू होने वाली है। अधिकारियों का कहना है कि यह प्रक्रिया बेहद संवेदनशील है और हर मामले को अलग-अलग देखा जाएगा।

1.7 करोड़ वोटर जांच के दायरे में

इसके अलावा करीब 1.7 करोड़ मतदाताओं को अलग-अलग स्तर की जांच में रखा गया है। Bengal Draft Electoral Rolls जारी होने के बाद BLOs इन मतदाताओं का फिर से डोर-टू-डोर वेरिफिकेशन करेंगे।
इसी बीच, नाम कटने के आंकड़े भी चर्चा का विषय बन गए हैं। ताजा रिपोर्ट के अनुसार, करीब 58 लाख नाम ड्राफ्ट लिस्ट में डिलीट के तौर पर मार्क किए गए हैं। ये नाम मृत, स्थानांतरित, लापता, डुप्लीकेट या फॉर्म जमा न करने जैसी सामान्य श्रेणियों में आते हैं।

59 लाख नाम कटने का अनुमान

BLO Adhikar Raksha Committee के एक सदस्य ने बताया कि उनका आकलन है कि Bengal Draft Electoral Rolls में करीब 59 लाख नाम डिलीट दिख सकते हैं।
इससे पहले CEO कार्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा था कि 56 लाख से ज्यादा वोटर “अनकलेक्टेबल” पाए गए हैं, जिनमें मौत, राज्य से बाहर शिफ्ट होना, पता न चलना और डुप्लीकेट एंट्री जैसे मामले शामिल हैं।

सीटवार आंकड़ों ने बढ़ाई सियासी गर्मी

Bengal Draft Electoral Rolls सार्वजनिक होने से पहले ही पिछले हफ्ते जारी सीटवार डिलीशन डेटा ने राजनीति को गर्म कर दिया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भबानीपुर विधानसभा क्षेत्र में डिलीशन का आंकड़ा विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी के नंदीग्राम से कहीं ज्यादा बताया गया।
इस तुलना ने 2021 के कड़े विधानसभा मुकाबले की यादें ताजा कर दी हैं। हालांकि चुनाव अधिकारियों का कहना है कि भबानीपुर सबसे ज्यादा प्रभावित सीट नहीं है। कोलकाता की चौतरफा सीटों में चौरंगी सबसे ऊपर है, उसके बाद कोलकाता पोर्ट और टॉलीगंज का नंबर आता है।

BJP की सीटों में भी बड़े आंकड़े

BJP के कब्जे वाली सीटों में आसनसोल साउथ और सिलीगुड़ी में भी बड़ी संख्या में नाम कटे हैं। जिला स्तर पर देखें तो साउथ 24 परगना में सबसे ज्यादा डिलीशन दर्ज की गई है, जबकि बांकुड़ा के कोतुलपुर में सबसे कम नाम हटाए गए हैं।
इस पूरी प्रक्रिया में राज्यभर में 90 हजार से ज्यादा BLOs की तैनाती की गई थी। अब कर्मचारी यूनियन और वोटर संगठनों की नजर सुनवाई के चरण पर टिकी है।

सुनवाई चरण को लेकर चिंता

Vote Workers’ United Forum के महासचिव स्वपन मंडल ने कहा कि BLOs को नोटिस भेजने और बड़ी संख्या में सुनवाई संभालने की जिम्मेदारी निभानी होगी। उन्होंने विवादित मामलों के प्रबंधन को लेकर चिंता भी जताई।
इस बड़े संशोधन की तुलना बिहार से की जा रही है, जहां इसी साल SIR के दौरान 65 लाख नाम ड्राफ्ट लिस्ट से बाहर हो गए थे और वहां राजनीतिक विरोध देखने को मिला था।

निष्कर्ष

कुल मिलाकर, Bengal Draft Electoral Rolls के आज जारी होते ही पश्चिम बंगाल की राजनीति और प्रशासन दोनों के लिए एक अहम दौर शुरू हो जाएगा। चुनाव आयोग के सामने चुनौती है कि वह संशोधन प्रक्रिया की विश्वसनीयता बनाए रखे और एक राजनीतिक रूप से संवेदनशील माहौल में निष्पक्ष सुनवाई कराए।
जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आएंगे, Bengal Draft Electoral Rolls पर होने वाली हर छोटी-बड़ी हलचल पर सबकी नजर बनी रहेगी।

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