Delhi Govt. Action: दिल्ली में किन गाड़ियों को अब नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल, नियम नहीं समझे तो लग सकता है ₹20,000 तक जुर्माना

दिल्ली में Delhi Govt. Action को लेकर एक बार फिर सख्ती देखने को मिल रही है। राजधानी की खराब होती हवा के बीच सरकार और प्रशासन ने उन गाड़ियों पर फोकस बढ़ा दिया है जो प्रदूषण का बड़ा कारण मानी जाती हैं। अगर आप रोज़ अपनी कार से दिल्ली या NCR की सड़कों पर निकलते हैं, तो Delhi Govt. Action से जुड़े नियम जानना अब बेहद ज़रूरी हो गया है। नियमों की अनदेखी करने पर आपका चालान सीधे ₹20,000 तक पहुंच सकता है।

Delhi Govt. Action का ताज़ा अपडेट क्या है

फिलहाल दिल्ली-NCR में जब भी एयर क्वॉलिटी इंडेक्स यानी AQI 400 के पार जाकर ‘severe’ कैटेगरी में पहुंचता है, तब GRAP-3 के तहत Delhi Government Action लागू किया जाता है। इस स्थिति में BS-III पेट्रोल और BS-IV डीज़ल कारों को सड़कों पर चलने की अनुमति नहीं होती। यह नियम सिर्फ दिल्ली तक सीमित नहीं है, बल्कि नोएडा, गाज़ियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद जैसे पूरे NCR इलाके में Delhi Government Action के तहत लागू होता है। सर्दियों के मौसम में यह स्थिति बार-बार देखने को मिलती है, जब अचानक से कई गाड़ियों पर रोक लग जाती है।

किन गाड़ियों पर लागू है Delhi Govt. Action

Delhi Govt. Action को दो हिस्सों में समझना आसान है। पहला हिस्सा फ्यूल भरवाने से जुड़ा है और दूसरा सड़कों पर चलने से। जुलाई 2025 से दिल्ली में 10 साल से पुरानी डीज़ल कारों और 15 साल से पुरानी पेट्रोल कारों को पेट्रोल पंप से फ्यूल देने पर रोक है। इन्हें End-of-Life Vehicles की कैटेगरी में रखा गया है।
इसके अलावा, जब GRAP-3 लागू होता है, तब BS-III पेट्रोल और BS-IV डीज़ल कारों पर अस्थायी बैन लगाया जाता है। यानी उस दौरान ये गाड़ियां सड़क पर भी नहीं चल सकतीं। इस तरह Delhi Government Action के दौरान नियम और ज्यादा सख्त हो जाते हैं।

Delhi Govt. Action के पीछे कानूनी आधार

Delhi Govt. Action कोई अचानक लिया गया फैसला नहीं है। इसके पीछे सुप्रीम कोर्ट और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के पुराने आदेश हैं। अदालत पहले ही साफ कर चुकी है कि 10 साल से पुरानी डीज़ल और 15 साल से पुरानी पेट्रोल गाड़ियां दिल्ली के प्रदूषण में बड़ा योगदान देती हैं। इन्हीं आदेशों को लागू करने के लिए Delhi Govt. Action को धीरे-धीरे ज़मीन पर उतारा गया।
इसके साथ ही CAQM यानी Commission for Air Quality Management की गाइडलाइन भी कहती है कि AQI के गंभीर स्तर पर पहुंचते ही BS-III पेट्रोल और BS-IV डीज़ल कारों पर रोक लगाई जाए। आम लोग इसी प्रक्रिया को Delhi Government Action के नाम से जानते हैं।

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क्या CNG और EV पर भी Delhi Govt. Action लागू है

फिलहाल Delhi Govt. Action के दायरे में CNG और इलेक्ट्रिक व्हीकल शामिल नहीं हैं। 15 साल से पुरानी CNG गाड़ियों को भी अभी फ्यूल बैन से छूट मिली हुई है। हालांकि एक्सपर्ट्स का मानना है कि भविष्य में पॉलिसी और सख्त हो सकती है, इसलिए Delhi Govt. Action के नए अपडेट पर नज़र रखना ज़रूरी होगा।
इलेक्ट्रिक व्हीकल को सरकार बढ़ावा दे रही है, यही वजह है कि Delhi Government Action के बीच EV की डिमांड बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।

आम लोगों पर Delhi Govt. Action का असर

Delhi Govt. Action का सबसे ज्यादा असर उन लोगों पर पड़ा है जिनके पास पुराने डीज़ल वाहन हैं। कई कार मालिक सवाल उठा रहे हैं कि जब उन्होंने पूरे 15 साल का रोड टैक्स दिया था, तो 10 साल में डीज़ल कार को सड़क से हटाना कितना सही है। लेकिन नियमों के मुताबिक 10 साल पुरानी डीज़ल और 15 साल पुरानी पेट्रोल कारों को दिल्ली में फ्यूल नहीं मिलेगा, और यही Delhi Govt. Action का मुख्य आधार है।
कुछ लोग अपनी पुरानी कार स्क्रैप करवा रहे हैं, तो कुछ नई BS-VI या इलेक्ट्रिक कार खरीदने की योजना बना रहे हैं। वहीं कई लोग NCR से बाहर के राज्यों में रजिस्ट्रेशन ट्रांसफर करवा कर Delhi Govt. Action से बचने की कोशिश कर रहे हैं।

पुराने वाहन मालिकों के पास क्या विकल्प हैं

अगर आपकी कार Delhi Govt. Action के दायरे में आ गई है, तो आपके पास सीमित विकल्प हैं। पहला विकल्प है कि आप गाड़ी को अधिकृत स्क्रैपिंग सेंटर पर देकर सर्टिफिकेट लें। इससे नई कार खरीदते समय कुछ टैक्स बेनिफिट मिल सकता है। यह पूरी प्रक्रिया अदालत और CAQM की गाइडलाइन का हिस्सा है और Delhi Govt. Action के बाद इसे और बढ़ावा दिया गया है।
दूसरा विकल्प यह है कि वाहन को किसी दूसरे राज्य में ट्रांसफर कराया जाए, जहां अभी ऐसे सख्त नियम लागू नहीं हैं। हालांकि विशेषज्ञ मानते हैं कि लंबे समय में वहां भी Delhi Government Action जैसी नीति लागू हो सकती है।

क्या Delhi Govt. Action में बदलाव संभव है

जुलाई 2025 में Delhi Govt. Action को लेकर सरकार को एक बार यू-टर्न भी लेना पड़ा था। भारी विरोध और तकनीकी दिक्कतों के चलते पुराने वाहनों पर लगाया गया फ्यूल बैन आंशिक रूप से वापस लिया गया। शुरुआत में ANPR कैमरों के जरिए End-of-Life वाहनों की पहचान कर तुरंत फ्यूल रोकने का प्लान था, लेकिन व्यावहारिक दिक्कतों के कारण नीति को नरम किया गया।
इसके बावजूद सुप्रीम कोर्ट के आदेश अभी भी लागू हैं, इसलिए लंबे समय में Delhi Govt. Action का ढांचा बना रहेगा, बस इसके लागू करने के तरीके बदल सकते हैं।

आगे कितना सख्त हो सकता है Delhi Govt. Action

एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले सालों में Delhi Govt. Action और सख्त हो सकता है। अभी GRAP-3 के दौरान BS-III पेट्रोल और BS-IV डीज़ल पर रोक है, लेकिन भविष्य में दायरा और बढ़ाया जा सकता है। इसका मकसद राजधानी में पुराने इंजनों की संख्या कम करना है।
स्क्रैप पॉलिसी, इलेक्ट्रिक व्हीकल सब्सिडी और पब्लिक ट्रांसपोर्ट को मज़बूत करना भी इसी Delhi Government Action का हिस्सा माना जा रहा है।

अभी के लिए इतना साफ है कि अगर आप दिल्ली या NCR में कार चलाते हैं, तो Delhi Govt. Action से जुड़े हर अपडेट पर नज़र रखना ज़रूरी है। सही जानकारी न सिर्फ आपको भारी जुर्माने से बचाएगी, बल्कि आगे चलकर यह तय करने में भी मदद करेगी कि नई गाड़ी खरीदते समय कौन-सा विकल्प आपके लिए बेहतर रहेगा।

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