योगी आदित्यनाथ ने लॉन्च किया YAKSH app: स्मार्ट पुलिसिंग की नई शुरुआत

लखनऊ से एक बड़ी और अहम खबर सामने आई है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने Police Manthan-2025 के उद्घाटन के दौरान YAKSH app लॉन्च कर दिया है। यह ऐप आधुनिक तकनीक, AI और बिग डेटा के जरिए अपराध नियंत्रण और साइबर क्राइम से निपटने में उत्तर प्रदेश पुलिस को नई ताकत देगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि YAKSH app से अपराधियों पर नकेल कसना अब और ज्यादा आसान और तेज होगा।

Police Manthan-2025: वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी

लखनऊ स्थित पुलिस मुख्यालय में शुरू हुए दो दिवसीय Police Manthan-2025 सम्मेलन में प्रदेश के शीर्ष पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। इस मौके पर मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद, डीजीपी राजीव कृष्ण और एडीजी (लॉ एंड ऑर्डर) अमिताभ यश जैसे वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया। बीट पुलिसिंग सत्र के दौरान मुख्यमंत्री ने YAKSH app को औपचारिक रूप से लॉन्च किया।

YAKSH ऐप क्या है और कैसे करेगा काम?

YAKSH app AI और बिग डेटा आधारित प्लेटफॉर्म है, जिसमें थानावार और बीट स्तर पर अपराधियों का विस्तृत डेटाबेस तैयार किया जाएगा। इसमें अपराधियों का सत्यापन, संदिग्धों की पहचान, वॉइस सर्च, CrimeGPT, गैंग एनालिसिस और रिस्क-बेस्ड स्कोरिंग जैसी आधुनिक सुविधाएं दी गई हैं। रीयल-टाइम अलर्ट्स के जरिए जुआ, शराब तस्करी, मानव तस्करी और अन्य अवैध गतिविधियों पर तुरंत कार्रवाई संभव होगी।

फील्ड पुलिस के लिए कैसे आसान होगा काम?

YAKSH app पुलिसकर्मियों के रोजमर्रा के काम को आसान बनाएगा। फील्ड से सीधे डेटा अपलोड होगा, जिससे अवैध गतिविधियों की क्विक रिपोर्टिंग संभव होगी। संवेदनशील इलाकों पर लगातार नजर रखी जा सकेगी, जहां पत्थरबाजी या अन्य घटनाओं की आशंका रहती है। गैंग और अपराध नेटवर्क का पूरा डेटा एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगा, जिससे फैसले तेजी से लिए जा सकेंगे।

पुलिस स्टेशन मैनेजमेंट पर योगी का जोर

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पुलिस स्टेशन मैनेजमेंट पुलिसिंग की रीढ़ है। SHO की पोस्टिंग मेरिट के आधार पर होनी चाहिए ताकि पीड़ितों को त्वरित और संवेदनशील सहायता मिल सके। उन्होंने ग्रामीण और शहरी थानों को कॉर्पोरेट स्टाइल, नागरिक-अनुकूल लुक देने की बात कही और साफ किया कि स्मार्ट पुलिसिंग के लिए फंड की कोई कमी नहीं है।

साइबर क्राइम कंट्रोल में यूपी की बड़ी छलांग

Police Manthan-2025 में साइबर क्राइम कंट्रोल पर खास फोकस रहा। मुख्यमंत्री ने बताया कि 2017 के बाद भर्ती, ट्रेनिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर, साइबर सिक्योरिटी और फॉरेंसिक क्षमता में बड़ा सुधार हुआ है। प्रदेश के सभी 75 जिलों में साइबर थाने, 12 फॉरेंसिक लैब और एक फॉरेंसिक यूनिवर्सिटी स्थापित की जा चुकी है। 60,000 से अधिक कांस्टेबल स्थानीय स्तर पर ट्रेनिंग ले रहे हैं और YAKSH app इसी प्रो-एक्टिव और प्रीडिक्टिव पुलिसिंग का अहम हिस्सा है।

इसके अलावा YAKSH App को आने वाले समय में और भी advanced features के साथ upgrade करने की योजना है। इसमें CCTV networks, facial recognition systems, vehicle tracking databases और national crime records के साथ integration किया जाएगा, जिससे inter-district और inter-state criminals पर भी सख्त निगरानी रखी जा सकेगी। YAKSH app के जरिए beat level से लेकर headquarters तक data flow seamless होगा, जिससे senior officers ground situation को real-time में monitor कर पाएंगे और law and order से जुड़े फैसले और ज्यादा fast, accurate और evidence-based हो सकेंगे। यह पहल साफ तौर पर दिखाती है कि UP Police भविष्य की चुनौतियों के लिए technology-first policing model अपनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है।

मेरिट बेस्ड प्रमोशन और पुलिस परिवारों का सहयोग

मुख्यमंत्री ने मेरिट बेस्ड प्रमोशन पर जोर देते हुए बताया कि अब तक 1.55 लाख पुलिसकर्मियों को पदोन्नति दी जा चुकी है। वामा सारथी प्लेटफॉर्म के जरिए पुलिस परिवारों, महिलाओं और स्किल डेवलपमेंट को भी सपोर्ट दिया जा रहा है। डीजीपी राजीव कृष्ण ने कहा कि Police Manthan-2025 साफ जिम्मेदारी, समयबद्ध फैसले और नतीजों पर फोकस करेगा।

YAKSH App से UP Police बनेगी faster and smarter

YAKSH app के लॉन्च से साफ है कि उत्तर प्रदेश पुलिस अब डेटा-ड्रिवन, टेक्नोलॉजी आधारित और ज्यादा तेज हो रही है। साइबर क्राइम कंट्रोल, अपराध रोकथाम और अपराधियों की ट्रैकिंग में यह ऐप बड़ी भूमिका निभाएगा। Police Manthan-2025 जैसे प्रयास यूपी पुलिस को अपराधियों के लिए डर और आम नागरिकों के लिए भरोसे का प्रतीक बनाएंगे।

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