Vijay Hazare Trophy 2025/26 में बड़ौदा और हैदराबाद के बीच खेला गया ग्रुप बी मुकाबला राजकोट में 31 दिसंबर को हुआ और यह मैच अपने स्कोरकार्ड के कारण लंबे समय तक याद किया जाएगा। बड़ौदा ने 50 ओवर में 4 विकेट खोकर 417 रन बनाए। इस बड़े स्कोर की सबसे अहम वजह Krunal Pandya की नाबाद 109 रन की पारी रही। Krunal ने इस पारी के साथ टूर्नामेंट में अपनी मौजूदगी एक बार फिर मजबूती से दर्ज कराई।
मैच की शुरुआत: ओपनर्स ने रखी ठोस नींव
टॉस के बाद बड़ौदा की शुरुआत वैसी ही रही, जैसी किसी भी टीम की योजना होती है। नित्या पंड्या और अमित पासी ने पहले विकेट के लिए 230 रन जोड़कर हैदराबाद के गेंदबाज़ों पर शुरुआती दबाव बना दिया। नित्या पंड्या ने 110 गेंदों पर 122 रन बनाए, जबकि अमित पासी ने 93 गेंदों में 127 रन की पारी खेली। इस साझेदारी ने आगे आने वाले बल्लेबाज़ों के लिए माहौल तैयार किया और Krunal Pandya के लिए भी मंच सजा दिया।
बीच में झटके, लेकिन नियंत्रण बना रहा
ओपनिंग जोड़ी के आउट होने के बाद बड़ौदा को थोड़ी परेशानी जरूर आई। जितेश शर्मा और विष्णु सोलंकी बिना खाता खोले आउट हो गए और स्कोर 302/4 हो गया। यहां से लग रहा था कि रन गति थोड़ी थम सकती है, लेकिन Krunal Pandya ने जिम्मेदारी संभाली और पारी को संभलकर आगे बढ़ाया।
Krunal Pandya की सेंचुरी: कप्तान की समझ भरी बल्लेबाज़ी
कप्तान Krunal Pandya ने सिर्फ 63 गेंदों में नाबाद 109 रन बनाए। उनकी पारी में 18 चौके और 1 छक्का शामिल रहा। यह पारी ताकत से ज्यादा सही समय पर शॉट चुनने और मैदान के गैप का इस्तेमाल करने पर आधारित थी। आखिरी ओवरों में Krunal ने भानु पेनिया के साथ मिलकर रन गति को और तेज किया। दोनों के बीच आखिरी विकेट के लिए 115 रन की नाबाद साझेदारी हुई, जिसमें भानु पेनिया ने 27 गेंदों पर 42 रन बनाए।
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हैदराबाद के सामने मुश्किल लक्ष्य
417 रन का लक्ष्य किसी भी टीम के लिए आसान नहीं होता। हैदराबाद के गेंदबाज़ पूरे मुकाबले में दबाव में दिखे और बड़ौदा ने पूरे 50 ओवर खेलकर सिर्फ 4 विकेट गंवाए। Krunal Pandya की इस पारी के बाद बड़ौदा ने ग्रुप बी में अपनी स्थिति मजबूत कर ली है।
टूर्नामेंट में Krunal Pandya का लगातार असर
यह प्रदर्शन किसी एक मैच तक सीमित नहीं है। इसी मैदान पर Krunal Pandya ने उत्तर प्रदेश के खिलाफ 82 रन बनाए थे। उससे पहले बंगाल के खिलाफ उन्होंने 57 रन बनाने के साथ 3 विकेट भी लिए थे। Vijay Hazare Trophy 2025/26 में Krunal बल्ले और गेंद दोनों से टीम के लिए लगातार योगदान दे रहे हैं।
आंकड़ों में Krunal Pandya का सफर
अगर Krunal Pandya के लिस्ट ए करियर पर नजर डालें तो उनके नाम 95 मैचों में 2,930 रन दर्ज हैं, औसत 37 से ज्यादा का है। यह उनकी तीसरी लिस्ट ए सेंचुरी रही, जबकि 17 अर्धशतक भी वह पहले लगा चुके हैं। गेंदबाज़ी में उनके खाते में 110 से ज्यादा विकेट हैं। भारत के लिए Krunal Pandya पांच वनडे मैच भी खेल चुके हैं।
उम्र नहीं, निरंतरता दिख रही है
34 साल की उम्र में भी Krunal Pandya की फिटनेस और मैदान पर सक्रियता साफ नजर आती है। घरेलू क्रिकेट में बड़ौदा की कप्तानी करते हुए वह युवा खिलाड़ियों के लिए एक स्थिर उदाहरण बन रहे हैं। मौजूदा सीजन में उनका प्रदर्शन यही दिखाता है कि टीम उन्हें क्यों भरोसेमंद मानती है।
कप्तानी में भी संतुलन
इस मैच में Krunal Pandya ने सिर्फ रन ही नहीं बनाए, बल्कि कप्तान के तौर पर भी सही फैसले लिए। गेंदबाज़ी में बदलाव और फील्ड सेटिंग में उनकी सोच साफ दिखी। बड़ौदा की टीम संतुलित नजर आई और इसमें Krunal Pandya की भूमिका अहम रही।
आगे की राह
अब सबकी नजर इस बात पर है कि हैदराबाद 418 रन के लक्ष्य का पीछा कैसे करता है। इतने बड़े स्कोर के सामने चुनौती साफ है। इस पारी के बाद Krunal Pandya की मौजूदगी ने बड़ौदा को ग्रुप बी में आगे बढ़ने का मजबूत दावेदार बना दिया है।
निष्कर्ष
अगर Krunal Pandya की सेंचुरी न होती, तो बड़ौदा का स्कोर शायद 350 के आसपास रुक जाता। लेकिन आखिरी ओवरों में उनकी और भानु पेनिया की साझेदारी ने मैच की तस्वीर बदल दी। Vijay Hazare Trophy 2025/26 में यह पारी दिखाती है कि अनुभव और समझ से कैसे बड़े स्कोर तक पहुंचा जा सकता है। अब देखना होगा कि Krunal Pandya आने वाले मुकाबलों में इस लय को कैसे आगे बढ़ाते हैं।