30 मिनट का ऑपरेशन और राष्ट्रपति की गिरफ्तारी: कैसे US ने अंजाम दी Nicolas Maduro गिरफ्तारी | Maduro US Operation

Maduro US Operation: शनिवार को अंतरराष्ट्रीय राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया, जब अमेरिका ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति को हिरासत में लेने की पुष्टि की। इस पूरे घटनाक्रम को अमेरिका ने “ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिज़ॉल्व” नाम दिया। सिर्फ 30 मिनट में पूरा हुआ यह मिशन अब Maduro US Operation के नाम से चर्चा में है। इस कार्रवाई ने न केवल वेनेजुएला बल्कि पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।

ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिज़ॉल्व: 30 मिनट की सटीक कार्रवाई

अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, इस मिशन में अमेरिकी सेना की सबसे खास टुकड़ी, डेल्टा फोर्स को तैनात किया गया था। टीम ने वेनेजुएला की राजधानी में स्थित राष्ट्रपति आवास को चारों ओर से घेर लिया। पूरी कार्रवाई इतनी तेजी से हुई कि मादुरो को संभलने का मौका तक नहीं मिला। Maduro US Operation को महीनों की तैयारी का नतीजा बताया जा रहा है।

सेफ रूम तक पहुंचने से पहले पकड़े गए मादुरो

रिपोर्ट्स के अनुसार, जैसे ही अमेरिकी विशेष बल परिसर में दाखिल हुए, मादुरो अपने स्टील से सुरक्षित सेफ रूम की ओर बढ़ने लगे। लेकिन उससे पहले ही उन्हें हिरासत में ले लिया गया। अमेरिका का दावा है कि इस पूरे ऑपरेशन में किसी भी अमेरिकी सैनिक की मौत नहीं हुई। यही वजह है कि Maduro US Operation को सैन्य स्तर पर बेहद सटीक मिशन माना जा रहा है।

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अगस्त से चल रही थी खुफिया निगरानी

अमेरिकी खुफिया एजेंसियां अगस्त महीने से ही मादुरो की गतिविधियों पर नजर रख रही थीं। जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन केन ने बताया कि मादुरो कहां जाते हैं, क्या खाते हैं, किससे मिलते हैं, यहां तक कि उनके पालतू जानवरों तक की जानकारी इकट्ठा की गई थी। इसी विस्तृत निगरानी के बाद Maduro US Operation को हरी झंडी दी गई।

मादुरो के घर की बनाई गई थी हूबहू कॉपी

अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस मिशन को लेकर कहा कि अमेरिकी बलों ने मादुरो के ठिकाने जैसी एक इमारत तैयार की थी। उसी जगह पर महीनों तक रिहर्सल की गई। ट्रंप ने यह भी कहा कि उन्होंने इस ऑपरेशन का अंतिम चरण लाइव देखा। उनके अनुसार, मादुरो का परिसर किसी किले से कम नहीं था। Maduro US Operation में इस तरह की तैयारी ने दुनिया को चौंका दिया।

अमेरिका ने वेनेजुएला पर हमला क्यों किया

डोनाल्ड ट्रंप पिछले कई हफ्तों से वेनेजुएला में ड्रग कार्टेल्स के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात कर रहे थे। अमेरिका ने कैरेबियन इलाके में अपनी सैन्य मौजूदगी भी बढ़ा दी थी। इसमें दुनिया का सबसे आधुनिक एयरक्राफ्ट कैरियर और कई युद्धपोत शामिल थे। ट्रंप का आरोप है कि मादुरो ड्रग तस्करी के नेटवर्क का नेतृत्व कर रहे हैं। इसी आरोप के चलते Maduro US Operation को अंजाम दिया गया।

तेल, माइग्रेशन और ड्रग्स का मुद्दा

अमेरिका का कहना है कि वेनेजुएला से ड्रग तस्करी और अवैध माइग्रेशन उसकी बड़ी समस्याएं हैं। इसके अलावा वेनेजुएला के विशाल तेल भंडार भी अमेरिका की नीति में अहम भूमिका निभाते हैं। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका वेनेजुएला को “चलाएगा” और उसके तेल संसाधनों का इस्तेमाल करेगा। Maduro US Operation के बाद इन बयानों ने और ज्यादा बहस छेड़ दी है।

मादुरो की वैधता पर पहले से उठते रहे सवाल

अमेरिका और कई यूरोपीय देशों ने मादुरो की सरकार को वैध मानने से इनकार किया है। उन पर 2018 और 2024 के चुनावों में धांधली के आरोप लगे। मादुरो 2013 से सत्ता में हैं और उन्होंने अपने राजनीतिक मार्गदर्शक के बाद सत्ता संभाली थी। मादुरो इन आरोपों को खारिज करते रहे हैं। उनके मुताबिक, Maduro US Operation का मकसद वेनेजुएला के तेल संसाधनों पर कब्जा करना है।

गिरफ्तारी से पहले मादुरो का आखिरी इंटरव्यू

गिरफ्तारी से दो दिन पहले मादुरो ने स्पेनिश पत्रकार को इंटरव्यू दिया था। इसमें उन्होंने अमेरिका के प्रति नरम रुख दिखाया और ड्रग तस्करी पर बातचीत की पेशकश की। उन्होंने कहा कि वेनेजुएला अमेरिका का “भाई देश” है और तेल निवेश पर भी चर्चा संभव है। लेकिन उन्होंने यह भी कहा था कि अमेरिका धमकी और दबाव का रास्ता अपना रहा है। Maduro US Operation के बाद यह इंटरव्यू काफी अहम माना जा रहा है।

कराकस में धमाके और हमले की पुष्टि

शनिवार तड़के कराकस में कई धमाकों की आवाजें सुनी गईं और आसमान में लड़ाकू विमान नजर आए। बाद में वेनेजुएला ने अमेरिका पर हमले का आरोप लगाया, जिसे ट्रंप ने स्वीकार किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि मादुरो और उनकी पत्नी को देश से बाहर ले जाया गया है। इसके बाद Maduro US Operation पूरी दुनिया की सुर्खियों में आ गया।

आगे क्या होगा, इस पर टिकी हैं नजरें

हमले से पहले अमेरिका ने कथित ड्रग तस्करी में शामिल कई नावों पर कार्रवाई की, तेल टैंकर जब्त किए और CIA की ड्रोन स्ट्राइक भी हुई। इन सभी घटनाओं ने संकेत दिए थे कि बड़ा कदम आने वाला है। Maduro US Operation के बाद अब यह साफ है कि अमेरिका और वेनेजुएला के रिश्ते निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुके हैं। आने वाले दिनों में यह तय होगा कि इस कार्रवाई का असर सिर्फ वेनेजुएला तक सीमित रहेगा या वैश्विक राजनीति पर भी गहरा प्रभाव डालेगा।

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