ISIS Strike Syria: ‘हम ढूंढेंगे और मारेंगे’ – अमेरिका और सहयोगियों का सीरिया में एक और बड़ा हमला, क्या है पूरा मामला?

ISIS Strike Syria को लेकर एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल तेज हो गई है। अमेरिका और उसके सहयोगी देशों ने सीरिया में इस्लामिक स्टेट यानी ISIS के खिलाफ एक और बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए हैं। अमेरिकी सेना का कहना है कि ये कार्रवाई पिछले महीने हुए उस हमले के जवाब में की गई है, जिसमें तीन अमेरिकी नागरिकों की मौत हो गई थी। ISIS Strike Syria की यह कार्रवाई शनिवार, 10 जनवरी को की गई और इसे पहले से चल रहे एक सैन्य अभियान का हिस्सा बताया गया है।

किस वक्त और कैसे हुआ हमला

अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी US Central Command (CENTCOM) के मुताबिक ये हमले अमेरिकी समय के अनुसार दोपहर करीब 12:30 बजे किए गए। इस पूरे ऑपरेशन को ‘Operation Hawkeye Strike’ नाम दिया गया है। CENTCOM ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि ISIS Strike Syria के तहत सीरिया के अलग-अलग इलाकों में ISIS के कई ठिकानों को निशाना बनाया गया।

Operation Hawkeye Strike क्या है

Operation Hawkeye Strike दरअसल ISIS के खिलाफ चलाया जा रहा एक लगातार अभियान है। CENTCOM का कहना है कि इस ऑपरेशन का मकसद साफ है—ISIS को पूरी तरह कमजोर करना, भविष्य में होने वाले हमलों को रोकना और अमेरिकी व सहयोगी बलों की सुरक्षा सुनिश्चित करना। ISIS Strike Syria इसी रणनीति का हिस्सा है, जिसमें आतंकवादी नेटवर्क, हथियार ठिकानों और लॉजिस्टिक सपोर्ट सिस्टम को टारगेट किया जा रहा है।

क्यों दी गई इतनी सख्त चेतावनी

इस हमले के साथ अमेरिका की ओर से कड़ा संदेश भी दिया गया है। CENTCOM की पोस्ट में साफ शब्दों में कहा गया, “अगर आप हमारे सैनिकों को नुकसान पहुंचाएंगे, तो हम आपको ढूंढेंगे और दुनिया के किसी भी कोने में जाकर मारेंगे।” ISIS Strike Syria के जरिए अमेरिका यह दिखाना चाहता है कि आतंकवाद के खिलाफ उसकी नीति में कोई नरमी नहीं है।

पिछले हमलों से क्या जुड़ा है यह ऑपरेशन

CENTCOM के अनुसार Operation Hawkeye Strike को 19 दिसंबर 2025 को शुरू किया गया था। इसे सीधे तौर पर Donald Trump के निर्देश पर लॉन्च किया गया। इसकी वजह 13 दिसंबर 2025 को सीरिया के पालमायरा इलाके में हुआ वह हमला था, जिसमें ISIS ने अमेरिकी और सीरियाई बलों को निशाना बनाया था। उसी हमले के जवाब में ISIS Strike Syria अभियान को तेज किया गया।

पहले चरण में क्या हुआ था

इस अभियान के शुरुआती दौर में अमेरिका ने सीरिया के मध्य हिस्से में करीब 70 ठिकानों पर हमला किया था। इन इलाकों में ISIS का बुनियादी ढांचा और हथियारों से जुड़े ठिकाने मौजूद थे। CENTCOM ने 30 दिसंबर को जानकारी दी थी कि इन कार्रवाइयों में करीब 25 ISIS लड़ाके मारे गए या पकड़े गए। ISIS Strike Syria की यह रणनीति धीरे-धीरे आतंकवादी संगठन की ताकत को कमजोर करने पर केंद्रित है।

अमेरिका के साथ कौन-कौन शामिल

ISIS Strike Syria में अमेरिका अकेला नहीं है। इससे पहले अमेरिका और जॉर्डन मिलकर भी ISIS के ठिकानों पर हमले कर चुके हैं। गठबंधन बलों का कहना है कि यह सहयोग इसलिए जरूरी है ताकि सीरिया में फैले आतंकवादी नेटवर्क को पूरी तरह खत्म किया जा सके। अमेरिकी सेना का मानना है कि क्षेत्रीय साझेदारी के बिना इस तरह के खतरे से निपटना मुश्किल है।

Also read

Trump Putin capture पर बड़ा सवाल: क्या US करेगा अगला बड़ा ऑपरेशन?

30 मिनट का ऑपरेशन और राष्ट्रपति की गिरफ्तारी: कैसे US ने अंजाम दी Nicolas Maduro गिरफ्तारी | Maduro US Operation

सीरिया में ISIS अब भी क्यों चुनौती बना हुआ है

हालांकि पिछले कुछ वर्षों में ISIS को बड़ा झटका लगा है, लेकिन संगठन पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। सीरिया के कई हिस्सों में उसके छोटे-छोटे सेल अब भी सक्रिय बताए जाते हैं। ISIS Strike Syria इसी वजह से लगातार जारी रखा जा रहा है, ताकि संगठन को दोबारा मजबूत होने का मौका न मिले।

आम लोगों पर क्या असर

सीरिया पहले ही लंबे समय से संघर्ष झेल रहा देश है। ऐसे में ISIS Strike Syria जैसे सैन्य अभियानों का असर आम नागरिकों पर भी पड़ता है। हालांकि अमेरिकी सेना का दावा है कि हमले बेहद सटीक तरीके से किए जा रहे हैं और नागरिक इलाकों को नुकसान से बचाने की पूरी कोशिश की जाती है।

आगे क्या हो सकता है

ISIS Strike Syria से साफ है कि अमेरिका और उसके सहयोगी आतंकवाद के खिलाफ लंबी लड़ाई के लिए तैयार हैं। आने वाले समय में भी इस तरह की कार्रवाइयां जारी रह सकती हैं। CENTCOM का कहना है कि जब तक ISIS पूरी तरह कमजोर नहीं हो जाता, तब तक ऑपरेशन जारी रहेगा।

ISIS Strike Syria सिर्फ एक सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि एक सख्त संदेश भी है। अमेरिका यह साफ करना चाहता है कि उसके सैनिकों पर हमला करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। सीरिया में हालिया हमले इसी नीति को दिखाते हैं। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि इस अभियान का असर ISIS की गतिविधियों पर कितना पड़ता है और क्षेत्र में हालात किस दिशा में जाते हैं।

Leave a Comment