India vs New Zealand T20I में रविवार को Guwahati में Abhishek Sharma ने एक बार फिर तेज़ शुरुआत दी और मैच का रुख शुरुआती ओवरों में ही India की तरफ कर दिया। रनचेज़ में उन्होंने 14 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया और अंत में 20 गेंदों पर नाबाद 68* लौटे। उनकी पारी में सात चौके और पांच छक्के शामिल थे। India ने 154 रन का लक्ष्य 10 ओवर में 155/2 बनाकर हासिल कर लिया, आठ विकेट से जीत दर्ज की और इसी के साथ पांच मैचों की सीरीज़ भी अपने नाम कर ली।
रिकॉर्ड के करीब, लेकिन Yuvraj Singh का आंकड़ा रह गया दूर
इस मुकाबले में सबसे ज़्यादा चर्चा Yuvraj Singh के रिकॉर्ड को लेकर रही। Yuvraj के नाम T20I में किसी भारतीय बल्लेबाज़ की सबसे तेज़ फिफ्टी का रिकॉर्ड है। उन्होंने 2007 के पहले T20 World Cup में England के खिलाफ 12 गेंदों में 50 रन बनाए थे। Abhishek Sharma रविवार को उस रिकॉर्ड को तोड़ने के बेहद करीब पहुंचे, लेकिन उनकी फिफ्टी 14 गेंदों में आई, इसलिए वे Yuvraj के 12-बॉल रिकॉर्ड से थोड़ा पीछे रह गए। वैसे, T20I में सबसे तेज़ अर्धशतक का ओवरऑल रिकॉर्ड Nepal के Dipendra Singh Airee के नाम है, जिन्होंने 2023 में सिर्फ 9 गेंदों में यह उपलब्धि हासिल की थी। यानी Abhishek Sharma का आंकड़ा भले भारतीय रिकॉर्ड से दो गेंद पीछे रह गया, लेकिन उनकी पारी का असर मैच पर कहीं ज़्यादा बड़ा था।
“ये किसी के लिए भी more than impossible है… लेकिन आप कभी नहीं जानते” — Abhishek Sharma
मैच के बाद Abhishek Sharma से पूछा गया कि वे Yuvraj Singh के रिकॉर्ड से चूक गए, तो उन्होंने बिना किसी बनावटी बात के सीधा जवाब दिया। Abhishek ने कहा, “ये किसी के लिए भी more than impossible है, लेकिन फिर भी आप कभी नहीं जानते। कोई भी बल्लेबाज़ कर सकता है, क्योंकि इस सीरीज़ में सभी बैटर्स अच्छी बैटिंग कर रहे हैं और आगे मज़ा आने वाला है।” यह लाइन इसलिए भी ध्यान खींचती है क्योंकि Yuvraj Singh Abhishek Sharma के मेंटर रहे हैं। Abhishek के करियर में Yuvraj की भूमिका को लेकर पहले भी बातें होती रही हैं। ऐसे में रिकॉर्ड की तुलना हो या सवाल—मामला सिर्फ आंकड़ों तक सीमित नहीं रहता, उसमें गुरु-शिष्य वाली भावनात्मक परत भी जुड़ जाती है। Abhishek का जवाब यही बताता है कि वे रिकॉर्ड का सम्मान भी कर रहे हैं और क्रिकेट की संभावनाओं के लिए दरवाज़ा भी खुला रख रहे हैं।
14-बॉल फिफ्टी पर बोले: टीम यही चाहती है, पर हर बार आसान नहीं
अपनी 14 गेंदों की फिफ्टी पर Abhishek Sharma ने कहा कि टीम उनसे इसी तरह की भूमिका चाहती है—तेज़ शुरुआत और मौके का फायदा। लेकिन उन्होंने यह भी जोड़ा कि यह हर बार आसान नहीं होता। Abhishek के मुताबिक, लगातार ऐसा करना सिर्फ शॉट्स का मामला नहीं है, इसमें मेंटल साइड और ड्रेसिंग रूम का माहौल भी बहुत मायने रखता है।
उनकी बातों से यह संकेत मिला कि वे अपनी पारी को किसी “हर मैच में यही करना है” वाली ज़िद की तरह नहीं देखते, बल्कि इसे एक प्रोसेस मानते हैं—जहां सही सोच, सही तैयारी और टीम का सपोर्ट साथ चलता है।
पहली गेंद पर छक्का: “मैं तय करके नहीं आता, ये instinct है”
रनचेज़ की शुरुआत में Abhishek Sharma ने पहली ही गेंद पर Jacob Duffy को deep midwicket के ऊपर से छक्का जड़ दिया। इस पर उन्होंने बताया कि यह जरूरी नहीं कि वे हर बार पहले ही गेंद से हमला करने का फैसला करके उतरें। Abhishek ने कहा कि यह उनका instinct होता है—विकेट के बीच में, गेंदबाज़ को देखकर, स्थिति को समझकर।
उन्होंने यह भी समझाया कि वे अक्सर सोचते हैं कि गेंदबाज़ अगर पहली गेंद पर आउट करने की कोशिश करेगा, तो किस तरह की गेंद डाल सकता है। फिर उसी हिसाब से वे अपने शॉट का चुनाव करते हैं। यह बात बताती है कि उनकी आक्रामकता सिर्फ ताकत पर आधारित नहीं है, उसमें गेंदबाज़ को पढ़ने और मौके का फायदा उठाने की सोच भी शामिल है।
मैच का स्कोरकार्ड: पहले New Zealand 153/9, फिर India ने 10 ओवर में खत्म किया
मैच में पहले बल्लेबाज़ी करते हुए New Zealand ने 20 ओवर में 153/9 का स्कोर बनाया। Glenn Phillips ने 40 गेंदों पर 48 रन बनाए और वे अर्धशतक से थोड़ा दूर रह गए। India की गेंदबाज़ी की बात करें तो Jasprit Bumrah ने तीन विकेट लिए, जबकि Ravi Bishnoi और Hardik Pandya को दो-दो विकेट मिले। कुल मिलाकर India का बॉलिंग अटैक पूरे 20 ओवर काफी अनुशासित दिखा और New Zealand को 160 के आसपास जाने से रोक दिया। इसके जवाब में India ने रनचेज़ को बहुत जल्दी खत्म कर दिया। टीम ने 10 ओवर में 155/2 बनाकर लक्ष्य हासिल किया। Abhishek Sharma 68* (20) और Suryakumar Yadav 57* (26) बनाकर नाबाद लौटे। दोनों ने बीच में मैच को पूरी तरह अपने हाथ में ले लिया।
शुरुआती झटके के बाद भी रफ्तार बनी रही
हालांकि chase की शुरुआत में India को झटका लगा। Sanju Samson पहली ही गेंद पर आउट हो गए। इसके बाद Ishan Kishan ने तेजी से रन जोड़े, लेकिन वे भी 13 गेंदों पर 28 रन बनाकर आउट हो गए। दो विकेट गिरने के बाद भी India ने रफ्तार कम नहीं की, क्योंकि Abhishek Sharma और Suryakumar Yadav ने लगातार बाउंड्री निकालते हुए काम आसान कर दिया।
इस तरह का रनचेज़ दिखाता है कि टीम का टॉप ऑर्डर इस समय कितनी आक्रामक सोच के साथ खेल रहा है—और यह भी कि मैच की दिशा शुरुआती 3-4 ओवर में ही तय हो सकती है।
सीरीज़ भी India की, फॉर्म भी Abhishek Sharma का
इस जीत के साथ India ने पांच मैचों की सीरीज़ भी अपने नाम कर ली। लेकिन इस मैच से जो सबसे बड़ा संकेत निकला, वह यह है कि Abhishek Sharma की बल्लेबाज़ी में लगातार वही स्पष्टता दिख रही है—बॉल देखकर फैसला लेना, सही गेंद पर शॉट खेलना और दबाव लगातार गेंदबाज़ पर बनाए रखना।
Yuvraj Singh का 12-बॉल रिकॉर्ड इस बार बच गया, लेकिन Abhishek Sharma उससे काफी करीब पहुंचे। और जिस तरह उन्होंने खुद कहा—“ये more than impossible है, लेकिन आप कभी नहीं जानते”—उसमें यही भाव छिपा है कि क्रिकेट में रिकॉर्ड टूटते देर नहीं लगती, बस एक दिन, एक ओवर और कुछ गेंदें चाहिए होती हैं।