NASA Moon Mission Hydrogen Leak: अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी NASA के महत्वाकांक्षी Artemis II मिशन से पहले एक अहम तकनीकी चुनौती सामने आई है। 2 फरवरी 2026 को Florida के Kennedy Space Center स्थित Launch Complex 39B पर Space Launch System (SLS) रॉकेट का “wet dress rehearsal” किया जा रहा था। यह वही प्रक्रिया होती है जिसमें असली लॉन्च से पहले पूरे काउंटडाउन और ईंधन भरने की स्थिति को परखा जाता है। इसी दौरान NASA Moon Mission Hydrogen Leak SLS Artemis II से जुड़ी समस्या दर्ज की गई।
दोपहर के समय जब रॉकेट में सुपर-कोल्ड liquid hydrogen और liquid oxygen भरा जा रहा था, तब सेंसरों ने रॉकेट के निचले हिस्से में hydrogen गैस की मात्रा बढ़ने का संकेत दिया। यह रिसाव tail service mast umbilical के पास पाया गया, जहां से ग्राउंड सिस्टम रॉकेट के कोर स्टेज तक ईंधन पहुंचाता है। NASA Moon Mission Hydrogen Leak SLS Artemis II की खबर सामने आते ही इंजीनियरों ने तुरंत सावधानी बरतते हुए ईंधन भरने की प्रक्रिया रोक दी।
बार-बार रुकी प्रक्रिया, फिर भी पूरा हुआ टेस्ट
जानकारी के मुताबिक, hydrogen leak के संकेत मिलने के बाद टीम ने ईंधन भरने को कई बार रोका। पहली बार तब, जब टैंक लगभग 55 फीसदी भरा था और दूसरी बार करीब 77 फीसदी पर पहुंचने के बाद। इसके बावजूद, हालात का आकलन करने के बाद इंजीनियरों ने प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का फैसला लिया। अंततः टैंक को पूरी तरह भरा गया और सिस्टम को “replenish mode” में डाला गया।
Replenish mode में बहुत धीमी गति से ईंधन डाला जाता है ताकि तापमान के कारण होने वाले प्राकृतिक boil-off की भरपाई हो सके। NASA के अनुसार, इस मोड में hydrogen का स्तर तय सुरक्षा सीमा के भीतर आ गया। शाम करीब 4:45 बजे तक कोर स्टेज में hydrogen loading पूरी कर ली गई। NASA Moon Mission Hydrogen Leak SLS Artemis II के लिहाज से यह एक महत्वपूर्ण राहत मानी जा रही है।
Artemis II मिशन क्यों है खास
Artemis II, NASA के Artemis कार्यक्रम का पहला मानवयुक्त मिशन होगा। इससे पहले Artemis I को 2022 के अंत में बिना किसी क्रू के उड़ाया गया था। Artemis II में चार अंतरिक्ष यात्री—रीड विसमैन, विक्टर ग्लोवर, क्रिस्टीना कोच और जेरेमी हैनसेन—करीब 9 से 10 दिन की यात्रा पर चंद्रमा की परिक्रमा करेंगे। यह मिशन भविष्य में होने वाली चंद्र लैंडिंग की तैयारियों का आधार बनेगा।
यही वजह है कि NASA Moon Mission Hydrogen Leak SLS Artemis II जैसी घटनाओं को बेहद गंभीरता से देखा जा रहा है। इस मिशन में रॉकेट, Orion spacecraft और सभी life-support systems को इंसानों के लिए सुरक्षित साबित करना सबसे बड़ी प्राथमिकता है।
SLS रॉकेट और क्रायोजेनिक ईंधन की चुनौती
Space Launch System दुनिया का सबसे शक्तिशाली operational रॉकेट माना जाता है। इसके चार RS-25 इंजन और दो solid rocket boosters मिलकर करीब 8.8 million pounds का thrust पैदा करते हैं। इस रॉकेट में लगभग 5.37 लाख गैलन क्रायोजेनिक ईंधन भरा जाता है।
Liquid hydrogen का तापमान माइनस 423 डिग्री फ़ारेनहाइट और liquid oxygen का तापमान माइनस 298 डिग्री फ़ारेनहाइट तक होता है। इतनी अधिक ठंड के कारण धातु सिकुड़ जाती है और सीलिंग में सूक्ष्म दरारें आ सकती हैं। NASA Moon Mission Hydrogen Leak SLS Artemis II जैसी समस्याएं इसी वजह से बार-बार सामने आती हैं, खासकर इतने बड़े टैंक और जटिल plumbing सिस्टम में।
Artemis I से जुड़े पुराने अनुभव
Hydrogen leak की समस्या NASA के लिए नई नहीं है। Artemis I के दौरान 2022 में इसी तरह की दिक्कतों के चलते लॉन्च कई बार टल चुका था। एक बार तो hydrogen का स्तर 7 फीसदी तक पहुंच गया था, जो तय सुरक्षा सीमा से काफी ज्यादा था। बाद में जांच में सामने आया कि एक गलत कमांड के कारण सिस्टम में ज्यादा दबाव बन गया था।
उस समय NASA ने लॉन्च पैड पर ही मरम्मत की, प्रक्रियाओं में बदलाव किया और धीरे-धीरे ईंधन भरने की रणनीति अपनाई। इन अनुभवों को Artemis II में भी लागू किया गया। NASA Moon Mission Hydrogen Leak SLS Artemis II के दौरान इंजीनियरों ने वही सीखी हुई तकनीकें अपनाईं—flow रोकना, pressure कम करना और seals को दोबारा सेट करना।
इस बार कैसे संभाली गई स्थिति
NASA के अधिकारियों के मुताबिक, इस बार advanced gas detection सिस्टम ने समय रहते चेतावनी दे दी। Shuttle era की तुलना में मौजूदा सेंसर काफी ज्यादा संवेदनशील हैं। जैसे ही hydrogen की मात्रा 4 फीसदी की सुरक्षा सीमा के करीब पहुंची, सिस्टम ने अलर्ट दे दिया।
इसके बाद इंजीनियरों ने fuel lines को गर्म किया, quick-disconnect fittings को reseat किया और दबाव कम करके दोबारा ईंधन भरना शुरू किया। Replenish mode में जाते ही hydrogen का रिसाव खुद ही कम हो गया। NASA Moon Mission Hydrogen Leak SLS Artemis II के दौरान किसी तरह की आपात स्थिति नहीं बनी और न ही लॉन्च पैड को खाली कराने की जरूरत पड़ी।
लॉन्च टाइमलाइन पर क्या पड़ेगा असर
Wet dress rehearsal पहले ही मौसम की वजह से एक दिन टल चुका था। योजना थी कि रात करीब 9 बजे तक एक simulated launch time तक काउंटडाउन पूरा किया जाए। Hydrogen leak के कारण देरी जरूर हुई, लेकिन टीम ने terminal count और recycle drills जैसे अहम चरण पूरे कर लिए।
अब Artemis II के लिए संभावित लॉन्च तारीखें 8, 10 या 11 फरवरी बताई जा रही हैं। अगर इन विंडो में लॉन्च नहीं हो पाता, तो मिशन मार्च तक टल सकता है। NASA Moon Mission Hydrogen Leak SLS Artemis II के बाद इकट्ठा किए गए सभी डेटा की गहन समीक्षा की जाएगी और जरूरत पड़ने पर छोटे स्तर की मरम्मत भी की जा सकती है।
आगे की तैयारी और NASA का रुख
NASA का कहना है कि wet dress rehearsal का मकसद ही यही होता है कि असली लॉन्च से पहले ऐसी समस्याएं सामने आ जाएं। एजेंसी का मानना है कि Artemis I से मिले अनुभवों ने इस बार काफी मदद की है। फिलहाल किसी बड़े हार्डवेयर बदलाव की जरूरत नहीं बताई गई है और रॉकेट को Vehicle Assembly Building में वापस ले जाने की संभावना भी कम है।
Artemis II के जरिए इंसानों को चंद्रमा के करीब ले जाना NASA के लिए एक बड़ा कदम है। NASA Moon Mission Hydrogen Leak SLS Artemis II जैसी चुनौतियों के बावजूद एजेंसी का कहना है कि सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। आने वाले दिनों में सभी तकनीकी पहलुओं की समीक्षा के बाद ही अंतिम फैसला लिया जाएगा कि रॉकेट उड़ान के लिए पूरी तरह तैयार है या नहीं।