भारतीय शेयर बाजार में 4 फरवरी 2026 की सुबह आईटी सेक्टर के लिए भारी साबित हुई। अमेरिकी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनी Anthropic के एक फैसले ने निवेशकों की धारणा अचानक बदल दी। Anthropic द्वारा अपने Claude Cowork AI एजेंट के लिए नए एडवांस्ड प्लग-इन लॉन्च किए जाने के बाद Indian IT Stocks Crash देखने को मिला। Infosys, TCS, HCLTech, Tech Mahindra और Wipro जैसे बड़े नामों के शेयर 6 से 8 प्रतिशत तक गिर गए। बाजार में यह गिरावट सिर्फ आंकड़ों तक सीमित नहीं थी, बल्कि इसके पीछे भारतीय आईटी उद्योग के भविष्य को लेकर गहरी चिंता छिपी हुई थी।
यह पहली बार नहीं है जब AI से जुड़ी किसी खबर ने बाजार को हिलाया हो, लेकिन इस बार Anthropic के कदम को लेकर डर कुछ ज्यादा ही गहरा नजर आया।
Anthropic का कदम क्यों बना बाजार के लिए खतरे की घंटी?
Anthropic ने पिछले शुक्रवार Claude Cowork के लिए ओपन-सोर्स प्लग-इन जारी किए। कंपनी का दावा है कि इन प्लग-इन्स की मदद से Claude Cowork अब एक “डोमेन एक्सपर्ट टीममेट” की तरह काम कर सकता है। यानी यह सिर्फ सवाल-जवाब तक सीमित नहीं है, बल्कि लीगल, फाइनेंस, सेल्स, मार्केटिंग, डेटा एनालिसिस और कस्टमर सपोर्ट जैसे प्रोफेशनल काम भी संभाल सकता है।
Anthropic के ये प्लग-इन बिना किसी कस्टम कोडिंग के एंटरप्राइज टूल्स जैसे CRM, डॉक्यूमेंट मैनेजमेंट सिस्टम और एनालिटिक्स प्लेटफॉर्म से जुड़ जाते हैं। इसका मतलब है कि कॉन्ट्रैक्ट रिव्यू, कंप्लायंस चेक, लीड प्रोस्पेक्टिंग, सेल्स फॉलो-अप और ट्रेंड एनालिसिस जैसे काम अब AI अपने आप कर सकता है। यही वजह है कि बाजार में Indian IT Stocks Crash की आशंका ने अचानक जोर पकड़ लिया।
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शेयर बाजार में तुरंत दिखा असर
बुधवार सुबह बाजार खुलते ही Nifty IT इंडेक्स में तेज गिरावट दर्ज की गई। यह मई 2022 के बाद की सबसे खराब एक-दिवसीय गिरावट मानी जा रही है। Infosys के शेयर पहले करीब 4.5 प्रतिशत गिरे और कुछ ही देर में 8 प्रतिशत तक टूट गए। TCS के शेयर 3 से 6 प्रतिशत नीचे आए, HCLTech में करीब 6 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई, Tech Mahindra 5 से 6 प्रतिशत फिसला और Wipro के शेयर 4 से 5 प्रतिशत तक नीचे चले गए।
अमेरिका में लिस्टेड ADRs में भी यही तस्वीर दिखी। Infosys ADR और Wipro ADR दोनों में 4 से 6 प्रतिशत के बीच गिरावट आई। इससे साफ हो गया कि Indian IT Stocks Crash सिर्फ घरेलू निवेशकों की प्रतिक्रिया नहीं थी, बल्कि इसका असर वैश्विक स्तर पर भी दिख रहा था।
भारतीय IT मॉडल पर क्यों उठ रहे हैं सवाल?
भारत का आईटी सेक्टर करीब 250 से 280 अरब डॉलर का माना जाता है। दशकों से इसकी सबसे बड़ी ताकत “लेबर आर्बिट्राज” रही है। यानी बड़ी संख्या में प्रोफेशनल्स को अपेक्षाकृत कम लागत पर तैनात कर सॉफ्टवेयर मेंटेनेंस, क्वालिटी टेस्टिंग, डेटा प्रोसेसिंग, लीगल प्रोसेस आउटसोर्सिंग और बैक-ऑफिस सपोर्ट जैसे काम कराना।
Anthropic के Claude Cowork प्लग-इन सीधे इसी मॉडल को चुनौती देते हैं। लीगल डॉक्यूमेंट एनालिसिस, CRM अपडेट, सेल्स आउटरीच और डेटा प्रोसेसिंग जैसे काम अब AI बहुत तेजी और कम लागत में कर सकता है। निवेशकों को डर है कि अगर बड़े क्लाइंट्स Anthropic जैसे AI टूल्स अपनाने लगे, तो भारतीय आईटी कंपनियों की मैनपावर आधारित कमाई पर असर पड़ सकता है। यही चिंता Indian IT Stocks Crash की बड़ी वजह मानी जा रही है।
वैश्विक स्तर पर भी दिखा असर
इस गिरावट की गूंज सिर्फ भारत तक सीमित नहीं रही। अमेरिका में Accenture और Cognizant जैसी बड़ी आउटसोर्सिंग कंपनियों के शेयरों में भी करीब 9 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई। यूरोप की कई डेटा प्रोसेसिंग और आईटी सर्विस कंपनियों के मार्केट कैप में भी भारी नुकसान हुआ। इससे साफ है कि Anthropic के कदम ने पूरी आउटसोर्सिंग इंडस्ट्री को सोचने पर मजबूर कर दिया है।
एनालिस्टों की राय क्या कहती है?
Jefferies के एनालिस्ट्स का मानना है कि Anthropic की एंटरप्राइज अडॉप्शन बहुत तेजी से बढ़ रही है और यही निवेशकों को डरा रही है। उनका कहना है कि Claude Cowork जैसे टूल्स पारंपरिक आईटी सर्विस मॉडल पर सीधा असर डाल सकते हैं।
वहीं Motilal Oswal जैसे कुछ ब्रोकरेज हाउस मानते हैं कि घबराने की जरूरत नहीं है। उनके मुताबिक AI सर्विसेज का यह दौर 2026 के मध्य तक नए अवसर भी ला सकता है। कई कंपनियां पहले से ही AI पायलट प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही हैं, जो आगे चलकर कमाई का नया जरिया बन सकते हैं।
भारतीय IT कंपनियों की तैयारी
भारतीय आईटी कंपनियां इस खतरे को नजरअंदाज नहीं कर रहीं। Infosys, TCS और HCLTech जैसी कंपनियां जेनरेटिव AI में बड़े निवेश की बात कर चुकी हैं। Infosys अपने कर्मचारियों को बड़े पैमाने पर री-स्किल कर रही है, जबकि TCS का फोकस प्रीमियम कंसल्टिंग और AI-ड्रिवन सॉल्यूशंस पर बढ़ता जा रहा है।
कई कंपनियां यह भी मान रही हैं कि Indian IT Stocks Crash एक चेतावनी है, जिससे सीख लेकर बिजनेस मॉडल को बदला जा सकता है।
निवेशकों के लिए आगे क्या?
इस गिरावट में भारतीय आईटी सेक्टर से अरबों रुपये का मार्केट कैप साफ हो गया। आगे की दिशा काफी हद तक Q4 नतीजों पर निर्भर करेगी। अगर कंपनियां यह दिखा पाती हैं कि AI से उनकी रेवेन्यू ग्रोथ हो रही है, तो Indian IT Stocks Crash के बाद रिकवरी भी संभव है।
पिछले कुछ सालों में भारतीय आईटी सेक्टर कई बार ऐसे मोड़ देख चुका है, जहां नई टेक्नोलॉजी को लेकर डर पैदा हुआ, लेकिन समय के साथ कंपनियों ने खुद को ढाल लिया। इस बार चुनौती Anthropic जैसे AI प्लेयर्स से है, जो काम करने के तरीके को तेजी से बदल रहे हैं।
अंत में सवाल यही है कि क्या भारतीय आईटी कंपनियां Anthropic के इस बदलाव को खतरे के बजाय मौके के रूप में देख पाएंगी। फिलहाल बाजार में जो हलचल है, वह Indian IT Stocks Crash के रूप में दिख रही है, लेकिन आने वाले महीनों में तस्वीर बदल भी सकती है।