Adani Group Shares गिरे: US SEC ने कोर्ट से मांगी इजाजत, Gautam Adani को भेजेगा डायरेक्ट समन

Adani Group Shares गिरे: शुक्रवार को शेयर बाजार में Adani Group को लेकर हलचल तेज रही। खबर यह रही कि U.S. Securities and Exchange Commission (US SEC) ने कोर्ट से अनुमति मांगी है कि वह Indian government के आधिकारिक चैनलों को बायपास करके अरबपति Gautam Adani और उनके भतीजे Sagar Adani को सीधे ईमेल के जरिए summons (समन) भेज सके। इस अपडेट के बाद निवेशकों की चिंता बढ़ी और कई Adani कंपनियों में तेज बिकवाली देखने को मिली। नतीजा यह रहा कि Adani Group Shares गिरे और कुछ शेयरों में गिरावट 10% तक पहुंच गई।

किस शेयर में कितनी गिरावट?

खबर का असर सबसे पहले प्राइस मूवमेंट में दिखा। Adani Green Energy के शेयर करीब 10% टूटकर इंट्रा-डे में Rs 823 तक आ गए। Adani Enterprises करीब 8-9% फिसलकर Rs 1,936 के आसपास पहुंचा, जो मई 2023 के बाद इसका सबसे निचला स्तर बताया गया। Adani Energy में 8-10% तक की गिरावट रही और भाव Rs 852 के करीब दिखे। Adani Ports भी लगभग 5% तक गिरकर Rs 1,343 के आसपास आ गया। बाजार में कुल मिलाकर दबाव था और Nifty 50 करीब 0.94% नीचे रहा, लेकिन तुलना करें तो Adani Group Shares गिरे और इंडेक्स की गिरावट से ज्यादा नुकसान इन्हीं काउंटर्स में दिखा। ट्रेडिंग वॉल्यूम भी बढ़ा। खासकर Adani Green में ज्यादा गतिविधि दिखी, क्योंकि रिपोर्ट्स के मुताबिक foreign institutional investors (FIIs) ने कानूनी अनिश्चितता के बीच पोजिशन घटाई। इसी वजह से दिनभर बाजार में यह चर्चा रही कि Adani Group Shares गिरे तो क्या यह गिरावट कुछ और दिनों तक बनी रह सकती है।

मामला क्या है? आरोप किस बात के हैं?

यह विवाद नवंबर 2024 में न्यूयॉर्क की एक फेडरल कोर्ट में सामने आए केस से जुड़ा है। आरोपों के मुताबिक Gautam Adani, Sagar Adani और सात अन्य लोगों पर securities fraud, wire fraud और bribery से जुड़े आरोप लगाए गए। अभियोजन पक्ष/रेगुलेटरी दावों में कहा गया कि Indian officials को करीब $265 million की रिश्वत देकर solar power purchase agreements में फायदा लेने की कोशिश की गई। साथ ही यह भी आरोप है कि U.S. investors को Adani Green Energy की anti-corruption policies के बारे में गलत या भ्रामक जानकारी देकर bonds और shares के जरिए $1 billion से ज्यादा जुटाने में मदद मिली। ऐसे मामलों में अनिश्चितता बढ़ते ही बाजार का रिएक्शन तेज होता है, और इस बार भी Adani Group Shares गिरे

US SEC India चैनल क्यों बायपास करना चाहता है?

US SEC ने कोर्ट में कहा कि summons serve कराने के लिए उसने India के official/diplomatic channels के जरिए दो बार कोशिश की, लेकिन प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई। रिपोर्ट्स के मुताबिक पहली बार India की ओर से procedural issues बताए गए—जैसे जरूरी signatures या seals का न होना। दूसरी बार, दिसंबर 2025 में, India के Ministry of Law and Justice ने SEC की authority और अंतरराष्ट्रीय ढांचे (जैसे Hague Convention) के संदर्भ में सवाल उठाए। SEC का कहना है कि पारंपरिक तरीका काम नहीं कर रहा, इसलिए वह electronic service यानी ईमेल के जरिए समन भेजने की अनुमति चाहता है। यही अपडेट बाजार के लिए बड़ा ट्रिगर बना और Adani Group Shares गिरे। कानूनी विशेषज्ञों के मुताबिक, U.S. Federal Rules of Civil Procedure के तहत कुछ स्थितियों में कोर्ट alternative service की इजाजत दे सकता है, खासकर जब सामान्य तरीके बार-बार विफल हों। अगर कोर्ट अनुमति देता है, तो यह केस में अगला कदम तेजी से आगे बढ़ा सकता है। इसी संभावना ने निवेशकों को सतर्क किया और Adani Group Shares गिरे

Adani Group का जवाब क्या रहा?

Adani Group ने आरोपों को “baseless” और “unfounded” बताते हुए खारिज किया है। समूह का कहना है कि वह सभी legal remedies अपनाएगा। कंपनी की तरफ से यह संकेत भी दिया गया कि summons serve करने से जुड़े अड़चनें procedural हैं, न कि किसी तरह के दोष की पुष्टि। कुछ कंपनियों ने स्टॉक एक्सचेंज को दिए अपडेट्स में यह भी कहा कि फंडामेंटल्स मजबूत हैं और यह एक “legacy legal matter” है। इसके बावजूद निवेशक फिलहाल यह देखना चाहते हैं कि कोर्ट क्या फैसला देता है, क्योंकि अनिश्चितता बढ़ते ही Adani Group Shares गिरे जैसा दबाव बन जाता है।

निवेशकों को कितना नुकसान?

इस बिकवाली के बीच Adani की कई लिस्टेड कंपनियों का कुल market capitalization करीब Rs 50,000 करोड़ (लगभग $6 billion) घटने की बात सामने आई। इसका असर retail investors और institutions—दोनों पर पड़ा। कुछ ब्रोकरेज रिपोर्ट्स में कहा गया कि U.S. litigation risk और valuation pressures के कारण Adani Green पर रुख “neutral” किया गया। बाजार में चर्चा यह भी रही कि ESG (Environmental, Social, Governance) पर नजर रखने वाले कुछ global funds ऐसे विवादों के बाद अपनी हिस्सेदारी घटाने पर विचार कर सकते हैं। इन्हीं चिंताओं के बीच एक बार फिर Adani Group Shares गिरे और सेंटीमेंट कमजोर हुआ।

सरकार, कूटनीति और राजनीति वाला एंगल

रिपोर्ट्स के मुताबिक India के Ministry of Law and Justice ने SEC के अनुरोधों को स्वीकार नहीं किया और न्यायिक सहयोग में sovereignty की दलील दी। राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हुई—विपक्ष ने पारदर्शिता की मांग की, जबकि सत्तापक्ष के कुछ नेताओं ने “foreign interference” जैसे शब्दों में प्रतिक्रिया दी। हालांकि आधिकारिक तौर पर इसे व्यापार वार्ता या डिप्लोमेसी से सीधे जोड़कर नहीं दिखाया जा रहा, फिर भी ऐसे हाई-प्रोफाइल मामलों का बाजार और राजनीति दोनों पर असर पड़ता है। और बाजार में असर यही रहा कि Adani Group Shares गिरे

2023 की यादें क्यों ताजा हो गईं?

कई निवेशकों को 2023 की Hindenburg रिपोर्ट वाला दौर याद आ गया, जब आरोपों के बाद Adani शेयरों में बड़ी गिरावट आई थी और बाद में रिकवरी भी हुई। इस बार मामला U.S. कोर्ट और securities laws से जुड़ा है, इसलिए निवेशक इसे ज्यादा संवेदनशील मान रहे हैं। यही वजह है कि जैसे ही नई फाइलिंग की खबर आई, Adani Group Shares गिरे और उतार-चढ़ाव बढ़ गया।

आगे क्या देखना होगा?

अब निगाहें US कोर्ट के फैसले पर हैं—क्या SEC को Gautam Adani और Sagar Adani को ईमेल से summons serve करने की अनुमति मिलती है या नहीं। अगर अनुमति मिलती है, तो केस में औपचारिक जवाब और कानूनी प्रक्रिया तेज हो सकती है। अगर देरी होती है, तो अनिश्चितता लंबी खिंच सकती है। विश्लेषकों का मानना है कि निकट अवधि में volatility रह सकती है, जबकि लंबी अवधि में तस्वीर इस बात पर निर्भर करेगी कि कानूनी मोर्चे पर क्या प्रगति होती है और कंपनी निवेशकों का भरोसा कैसे संभालती है। फिलहाल, बाजार की सच्चाई यही है कि इस अपडेट के बाद Adani Group Shares गिरे, और आगे की दिशा कोर्ट से आने वाले संकेतों पर टिकी है।

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