Air Force Day 2025: CDS और तीनों सेनाओं के प्रमुखों ने नेशनल वॉर मेमोरियल पर दी श्रद्धांजलि, हिंदन एयरबेस पर दिखी वायुसेना की ताकत

भारतीय वायुसेना दिवस 2025 (Air Force Day 2025) के अवसर पर राजधानी दिल्ली में देश की तीनों सेनाओं के प्रमुख और चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) ने नेशनल वॉर मेमोरियल पर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। यह दिन हर भारतीय के लिए गर्व का होता है, जब आसमान में नीली वर्दी पहने हमारे ‘एयर वारियर्स’ देश की सुरक्षा और साहस का प्रदर्शन करते हैं।

आज सुबह चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान, वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए.पी. सिंह, थलसेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी और नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी ने नेशनल वॉर मेमोरियल पहुंचकर शहीदों को नमन किया। चारों सैन्य प्रमुखों ने शहीदों की याद में पुष्पचक्र अर्पित किए और उन्हें श्रद्धांजलि दी।

नेशनल वॉर मेमोरियल पर CDS और सेनाध्यक्षों की उपस्थिति

Air Force Day 2025 के मौके पर नेशनल वॉर मेमोरियल का माहौल बेहद भावनात्मक रहा। चारों सेनाओं के प्रमुखों ने भारत माता के वीर सपूतों को याद किया जिन्होंने अपनी जान देश के लिए कुर्बान की। इस दौरान सैन्य बैंड ने राष्ट्रगान की धुन बजाई और वायुसेना के जवानों ने अनुशासन और गर्व का परिचय दिया।

हिंदन एयरबेस पर हुआ एयर वॉरियर्स का मार्च पास्ट

Air Force Day 2025 का मुख्य समारोह इस बार गाजियाबाद के हिंदन एयरबेस पर आयोजित किया गया, जो देश के सबसे बड़े और रणनीतिक एयरबेस में से एक है। यहां वायुसेना के जवानों ने शानदार (लेकिन संयमित और गरिमामय) मार्च पास्ट किया। यह दृश्य देखकर हर भारतीय का सिर गर्व से ऊंचा हो गया।

एयर वारियर्स ने अपनी परेड के दौरान वायुसेना की ताकत, अनुशासन और परंपरा का शानदार प्रदर्शन किया। समारोह के दौरान आसमान में विमानों की गर्जना ने माहौल को देशभक्ति से भर दिया।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दी शुभकामनाएं

Air Force Day 2025 के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भारतीय वायुसेना के सभी अधिकारियों, सैनिकों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा,
“सभी एयर वारियर्स, वेटरन्स और उनके परिवारों को वायुसेना दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। भारतीय वायुसेना ने हमेशा साहस, समर्पण और उत्कृष्टता का परिचय दिया है। हमारे वायुयोद्धा न केवल देश की सीमाओं की रक्षा करते हैं, बल्कि आपदाओं और मानवीय मिशनों में भी हमेशा अग्रणी रहते हैं।”

राष्ट्रपति ने अपने संदेश में कहा कि Air Force Day 2025 केवल एक परेड या प्रदर्शन नहीं है, बल्कि यह देश की रक्षा शक्ति और तकनीकी प्रगति का प्रतीक है।

‘ऑपरेशन सिंदूर’ की उपलब्धियां होंगी मुख्य आकर्षण

इस बार Air Force Day 2025 समारोह में भारतीय वायुसेना अपनी हालिया उपलब्धियों को भी प्रदर्शित कर रही है। इनमें सबसे प्रमुख है “ऑपरेशन सिंदूर” की सफलता, जिसने वायुसेना की रणनीतिक क्षमता और तैयारियों को साबित किया।

समारोह में वायुसेना की बढ़ती तकनीकी ताकत, मानवीय कार्यों में योगदान और आपदा के समय की भूमिका को भी रेखांकित किया जाएगा। भारतीय वायुसेना की यही विशेषता है कि वह युद्ध के मैदान से लेकर राहत कार्यों तक, हर स्थिति में देश के साथ खड़ी रहती है।

प्रदर्शनी में दिखे राफेल, सुखोई और तेजस जैसे लड़ाकू विमान

Air Force Day 2025 पर इस बार की स्थिर प्रदर्शन (Static Display) लाइन-अप खास रही। इसमें राफेल, सुखोई Su-30MKI, मिग-29 और स्वदेशी निर्मित नेट्रा AEW&C जैसे लड़ाकू विमान शामिल रहे। इसके अलावा C-17 Globemaster III, C-130J Hercules, अपाचे अटैक हेलिकॉप्टर और एडवांस लाइट हेलिकॉप्टर (ALH) ने भी अपनी मौजूदगी से कार्यक्रम को खास बनाया।

स्वदेशी आकाश सतह-से-आकाश मिसाइल सिस्टम और एस-बैंड रोहिणी रडार ने भी भारत की रक्षा तकनीक की मजबूती को दर्शाया।

MiG-21 Bison को मिला सम्मानजनक विदाई स्थान

Air Force Day 2025 के समारोह में इस बार सेवानिवृत्त MiG-21 Bison को भी प्रदर्शनी में शामिल किया गया। यह विमान छह दशकों से अधिक समय तक भारतीय वायुसेना का हिस्सा रहा और कई ऐतिहासिक अभियानों में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। इसे शामिल कर वायुसेना ने अपने गौरवशाली इतिहास को सलाम किया।

एयर फोर्स डे पर दिखी वायुसेना की नई दिशा

Air Force Day 2025 केवल अतीत को याद करने का दिन नहीं, बल्कि भविष्य की दिशा तय करने का अवसर भी है। इस मौके पर भारतीय वायुसेना ने यह संदेश दिया कि वह हर चुनौती का सामना करने के लिए तैयार है — चाहे वह सीमाओं की सुरक्षा हो या आपदा राहत मिशन।

हिंदन एयरबेस से लेकर नेशनल वॉर मेमोरियल तक, हर जगह एक ही भावना दिखी — देश की सेवा और आकाश की रक्षा।

पिछले वर्षों से अलग रही इस बार की परेड

Air Force Day 2025 की परेड इस बार हिंदन एयरबेस पर आयोजित हुई, जबकि पिछले दो वर्षों में यह अलग शहरों में हुई थी। 2024 में वायुसेना दिवस समारोह चेन्नई में और 2023 में प्रयागराज में हुआ था। इस बदलाव का उद्देश्य देश के अलग-अलग हिस्सों में वायुसेना की उपस्थिति और पहुंच को दिखाना है।

Air Force Day 2025 ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि भारतीय वायुसेना न केवल देश की रक्षा में अग्रणी है, बल्कि तकनीकी प्रगति, मानवीय सेवा और आपसी सहयोग का प्रतीक भी है। CDS और तीनों सेनाओं के प्रमुखों द्वारा नेशनल वॉर मेमोरियल पर दी गई श्रद्धांजलि ने इस दिन को और भी अर्थपूर्ण बना दिया।

देशवासियों के लिए Air Force Day 2025 गर्व और प्रेरणा का दिन है — एक ऐसा दिन जब हम उन जांबाजों को सलाम करते हैं, जो आसमान से हमारी सुरक्षा करते हैं।

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