Bha Bha Ba Review: दिलीप की मैस एंटरटेनर ने थिएटर्स में कितना शोर मचाया

Bha Bha Ba Review: मलयालम सिनेमा की नई रिलीज ‘भा भा बा (Bha Bha Ba)’ आखिरकार थिएटर्स में पहुंच चुकी है। दिलीप स्टारर इस फिल्म में मोहनलाल का स्पेशल कैमियो भी है, जिसने पहले दिन से ही दर्शकों की उत्सुकता बढ़ा दी। डेब्यू डायरेक्टर धनंजय शंकर की यह फिल्म एक्शन और कॉमेडी का ओवर-द-टॉप मिश्रण पेश करती है। रिलीज के तुरंत बाद सोशल मीडिया पर bha bha ba review की बाढ़ आ गई, जहां कुछ लोग इसे ‘प्योर मैडनेस’ बता रहे हैं, तो कुछ को इसकी तेज रफ्तार और नॉइज परेशान कर रही है।

Bha Bha Ba की कहानी क्या कहती है?

फिल्म का पूरा नाम ‘भा भा बा – भयम, भक्ति, बहुमानम’ है, जो डर, भक्ति और सम्मान की थीम पर आधारित है। कहानी तीन आपस में जुड़ी जिंदगियों के इर्द-गिर्द घूमती है। केंद्र में एक ऐसा ठग है, जो बिना सजा पाए लोगों को चकमा देता रहता है। जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ती है, कॉमेडी के साथ एक्शन, ड्रामा और इमोशनल मोमेंट्स जुड़ते जाते हैं। फिल्म में राजनीति, अपहरण और आम लोगों की परेशानियों को भी छुआ गया है, जैसे एक अजनबी का खुद को राजनीतिक पार्टी का सदस्य बताकर केरल के मुख्यमंत्री का अपहरण कर लेना और लोगों की समस्याएं सुलझाने लगना।

दिलीप और सपोर्टिंग कास्ट का रोल

bha bha ba review में दिलीप का किरदार सबसे ज्यादा चर्चा में है। उनका कैरेक्टर एनआईए ऑफिसर के बेटे की तरह एक्सेंट्रिक और एनर्जेटिक दिखाया गया है। विनीत श्रीनिवासन, ध्यन श्रीनिवासन और बालू वर्गीज जैसे कलाकार सपोर्टिंग रोल में नजर आते हैं। दर्शकों का मानना है कि दिलीप की एनर्जी और पुराने सिनेमा के रेफरेंस फिल्म का सबसे बड़ा प्लस पॉइंट हैं।

पहला हाफ: शोर, स्पूफ और मैडनेस

पहले हाफ को लेकर bha bha ba review काफी हद तक पॉजिटिव हैं। कई ट्विटर यूजर्स ने इसे ‘लाउड लेकिन एंटरटेनिंग’ बताया। एक रिव्यू में लिखा गया, “प्री-इंटरवल तक कोई लॉजिक नहीं, सिर्फ मैडनेस।” पुराने थलपति विजय और ‘घिल्ली’ जैसी फिल्मों के रेफरेंस, रीमिक्स सॉन्ग्स और सेल्फ-मॉकरी सीन थिएटर में तालियां बटोरते हैं। हालांकि कुछ दर्शकों को यह रेफरेंस ओवरलोड और क्रिंज भी लगे। इंटरवल फाइट और ट्विस्ट्स की तारीफ हुई है, लेकिन लॉजिक की कमी साफ नजर आती है।

दूसरा हाफ और मोहनलाल का कैमियो

bha bha ba review में सेकंड हाफ को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा मोहनलाल के कैमियो की है। कई दर्शकों का कहना है कि आखिरी 15 मिनट में उनकी एंट्री फिल्म को नई जान देती है। एक यूजर के मुताबिक, “लालेट्टन का कैमियो और दिलीप का परफॉर्मेंस ही सेकंड हाफ का रिलीफ है।” हालांकि कुछ लोगों को उनका रोल स्टोरी में फोर्स्ड लगा। ओवरऑल सेकंड हाफ को मिक्स्ड रिस्पॉन्स मिला है, जहां फैंस खुश हैं लेकिन क्रिटिक्स संतुष्ट नहीं दिखते।

म्यूजिक, टेक्निकल साइड और क्रिटिक रिव्यू

टेक्निकल फ्रंट पर bha bha ba review बंटे हुए हैं। गोपी सुंदर का बैकग्राउंड स्कोर कई जगह जारिंग बताया गया है, जबकि शान रहमान के गाने कमजोर माने जा रहे हैं। फिल्म की लंबाई करीब 2 घंटे 45 मिनट है, जो कई दर्शकों को खिंची हुई लगी। कुछ क्रिटिक्स ने इसे नॉइजी और एक्सेसिव कहा है, जैसे कोई मिडलिंग तेलुगु मैस मूवी।

रेटिंग्स और ओवरऑल राय

bha bha ba review में रेटिंग्स काफी डिवाइडेड हैं। फैंस इसे 3 से 3.5 स्टार तक दे रहे हैं, जबकि कई क्रिटिक्स 2/5 से आगे नहीं जा रहे। रेडिट और सोशल मीडिया पर भी इसे ‘वन-टाइम वॉच’ कहा जा रहा है।

निष्कर्ष: देखनी चाहिए या छोड़ दें?

कुल मिलाकर, bha bha ba review यह साफ करते हैं कि यह फिल्म नॉस्टैल्जिया, स्पूफ और मैडनेस से भरी एक मैस एंटरटेनर है। अगर आप दिलीप या मोहनलाल के फैन हैं और थिएटर में शोर-शराबे वाली फिल्म देखना चाहते हैं, तो यह आपको एंटरटेन कर सकती है। लेकिन अगर आप लॉजिक और गहरी कहानी की तलाश में हैं, तो शायद यह फिल्म आपको निराश करे।

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