बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर तैयारियां अब पूरी रफ्तार पर हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार (CEC) दो दिन के बिहार दौरे पर हैं, जहां उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुनाव आयोग की तैयारियों की पूरी जानकारी दी। इस दौरान उन्होंने बिहार के मतदाताओं को मैथिली में अभिवादन किया और लोकतंत्र के इस पर्व को एक उत्सव की तरह मनाने की अपील की।
उन्होंने कहा, “जैसे हम अपने त्योहार पूरे उत्साह के साथ मनाते हैं, वैसे ही हमें बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को भी लोकतंत्र के त्यौहार की तरह मनाना चाहिए।”
🏛️ कब होंगे बिहार विधानसभा चुनाव 2025?
CEC ने बताया कि बिहार में कुल 243 विधानसभा सीटें हैं और मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल 22 नवंबर 2025 को समाप्त हो रहा है। उन्होंने कहा कि चुनाव इससे पहले ही पूरे करा लिए जाएंगे।
चुनाव आयोग की टीम ने सभी राजनीतिक दलों और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठकें पूरी कर ली हैं। अब बस यह तय किया जाना बाकी है कि बिहार विधानसभा चुनाव 2025 एक फेज में होंगे या कई चरणों में। इस पर आयोग जल्द निर्णय लेगा।
🧑💼 बूथ लेवल ऑफिसर बने मिसाल
ज्ञानेश कुमार ने कहा कि बिहार के 90,217 बूथ लेवल ऑफिसर (BLOs) ने ऐसा काम किया है जो पूरे देश के लिए उदाहरण बन सकता है। उन्होंने कहा, “विश्व को गणतंत्र का रास्ता वैशाली ने दिखाया था, और अब बिहार के बूथ लेवल ऑफिसर लोकतंत्र का रास्ता दिखा रहे हैं।”
🚀 बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में होंगे 17 बड़े नवाचार
CEC ने बताया कि इस बार बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में कई नई तकनीकें और प्रक्रियाएं लागू की जाएंगी, जो आगे चलकर पूरे देश में लागू की जाएंगी।
इनमें कुछ खास बातें शामिल हैं —
- पहली बार बूथ लेवल एजेंट्स (BLA) को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। दिल्ली में 700 एजेंट्स की ट्रेनिंग हो चुकी है।
- अब एक बूथ पर 1200 से अधिक वोटर नहीं होंगे, जिससे लंबी लाइनें नहीं लगेंगी।
- हर बूथ पर वोट डालने से पहले मतदाता को अपना मोबाइल बूथ के बाहर जमा कराना होगा।
- 90 हजार से अधिक पोलिंग बूथों पर मोबाइल जमा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
- मतदाताओं को दी जाने वाली वोटर स्लिप पर बूथ नंबर बड़े अक्षरों में लिखा होगा ताकि बूथ ढूंढना आसान हो।
- EVM पर प्रत्याशियों की रंगीन फोटो लगाई जाएगी।
- हर बूथ पर 100 प्रतिशत वेबकास्टिंग की व्यवस्था की जाएगी।
- प्रत्याशी अपने बूथ 100 मीटर की दूरी पर लगा सकेंगे।
- EVM की गिनती में किसी भी गलती पर सभी VVPAT की गिनती अनिवार्य होगी।
- बैलेट वोट की गिनती भी हर जगह की जाएगी।
CEC ने कहा कि ये सारे नवाचार बिहार से शुरू हो रहे हैं, लेकिन आने वाले समय में ये पूरे देश के लिए मॉडल बनेंगे।
🗳️ मतदाता सूची और SIR पर बोले CEC
विपक्ष द्वारा विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर उठाए गए सवालों पर CEC ज्ञानेश कुमार ने कहा कि प्रत्येक चुनाव से पहले मतदाता सूची का पुनरीक्षण करना कानूनी आवश्यकता है।
उन्होंने कहा, “हर विधानसभा चुनाव से पहले यह जरूरी है कि मतदाता सूची अपडेट हो। यह कानून के अनुसार होता है और इसमें किसी तरह की गड़बड़ी नहीं है।”
उन्होंने बताया कि मतदाता सूची बनाने की जिम्मेदारी ERO (Electoral Registration Officer) की होती है। बिहार के सभी 243 ERO मिलकर मतदाता शुद्धिकरण का काम कर चुके हैं। अगर किसी का नाम वोटर लिस्ट में नहीं जुड़ा है, तो वह संबंधित जिला अधिकारी (DM) से अपील कर सकता है।
💳 नए वोटर कार्ड और पहचान प्रक्रिया
CEC ने बताया कि जिन लोगों के वोटर कार्ड में गलती है, उन्हें सूची फाइनल होने के 15 दिन के भीतर नए वोटर कार्ड भेज दिए जाएंगे।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आधार कार्ड नागरिकता का प्रमाण नहीं है। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुसार आधार सिर्फ पहचान का माध्यम है, लेकिन यह न तो नागरिकता, न जन्म तिथि और न ही निवास का प्रमाण माना जाता है।
उन्होंने कहा, “मतदान के लिए सबसे पहले यह जरूरी है कि व्यक्ति भारत का नागरिक हो, उसकी उम्र 18 वर्ष से अधिक हो और वह अपने बूथ के क्षेत्र में निवास करता हो। आधार केवल पहचान में मदद कर सकता है।”
🧾 राजनीतिक दलों को मिली नाम कटने की लिस्ट
CEC ने बताया कि जो मतदाता अपात्र पाए गए हैं, उनके नाम मतदाता सूची से काट दिए गए हैं। हर ERO ने अपने क्षेत्र में कटे हुए नामों की सूची संबंधित राजनीतिक दलों को सौंप दी है।
उन्होंने कहा कि अगर किसी को आपत्ति है, तो वे अब भी जिला अधिकारी के पास आवेदन कर सकते हैं। साथ ही सभी दलों से अपील की कि वे अपने BLA (Booth Level Agents) जल्द से जल्द नियुक्त करें।
💰 खर्च और क्रिमिनल रिकॉर्ड पर सख्ती
CEC ने यह भी बताया कि हर जिले में एक खर्च अधिकारी नियुक्त किया गया है जो चुनावी खर्च की निगरानी करेगा।
हर प्रत्याशी को अपने क्रिमिनल रिकॉर्ड की पूरी जानकारी देनी होगी और आयोग द्वारा तय प्रक्रिया का पालन करना अनिवार्य होगा।
🧪 मतदान प्रक्रिया और मॉक पोल
मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया कि हर मतदान केंद्र पर मतदान शुरू होने से पहले मॉक पोल कराया जाएगा।
इस मॉक पोल में प्रत्याशी या उनके एजेंट मौजूद रहेंगे और EVM तथा VVPAT का मिलान किया जाएगा। इसके बाद ही असली मतदान शुरू होगा।
CEC ज्ञानेश कुमार की प्रेस कॉन्फ्रेंस ने साफ कर दिया कि बिहार विधानसभा चुनाव 2025 पूरी पारदर्शिता और नई तकनीक के साथ होंगे।
आयोग का लक्ष्य है कि मतदाताओं को कम समय में, सुरक्षित और सुगम मतदान अनुभव मिले।
बिहार के लिए यह चुनाव सिर्फ सत्ता परिवर्तन का मौका नहीं, बल्कि एक बार फिर लोकतंत्र के महापर्व को उत्सव की तरह मनाने का अवसर है।