Chandra Grahan 2026 को लेकर देशभर में उत्सुकता बढ़ गई है। साल का पहला चंद्र ग्रहण 3 मार्च को लगने जा रहा है और खास बात यह है कि यह फाल्गुन पूर्णिमा यानी होलिका दहन के दिन ही पड़ रहा है। खगोलीय दृष्टि से यह पूर्ण चंद्र ग्रहण होगा, जबकि धार्मिक नजरिए से भी इसका विशेष महत्व माना जा रहा है। भारत के कई हिस्सों में Chandra Grahan 2026 दिखाई देगा।
कब से कब तक रहेगा Chandra Grahan 2026
समय की बात करें तो Chandra Grahan 2026 की शुरुआत भारतीय समयानुसार दोपहर 3:20 बजे होगी। पेनुम्ब्रा चरण दोपहर 2:16 बजे शुरू हो जाएगा, जबकि उम्ब्रा चरण 3:21 बजे से प्रभावी होगा। पूर्ण ग्रहण शाम 4:34 बजे से शुरू होकर लगभग 58 मिनट तक रहेगा। ग्रहण का मोक्ष शाम 6:46 बजे होगा। कुल अवधि करीब 3 घंटे 27 मिनट की रहेगी।
इस दौरान चंद्रमा लाल रंग का दिखाई देगा, जिसे आम भाषा में Blood Moon कहा जाता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि पृथ्वी का वायुमंडल सूर्य की किरणों को मोड़ देता है और लाल रोशनी चंद्रमा तक पहुंचती है।
भारत में कहां दिखेगा Chandra Grahan 2026
Chandra Grahan 2026 भारत के कई हिस्सों में देखा जा सकेगा, हालांकि हर जगह इसकी दृश्यता अलग-अलग समय पर होगी। दिल्ली में चंद्रोदय शाम 6:22 बजे होगा, इसलिए यहां ग्रहण समाप्ति के आसपास करीब 25 मिनट ही दिखाई देगा।
पूर्वोत्तर भारत—मिजोरम, नागालैंड, मणिपुर, असम, अरुणाचल प्रदेश और पश्चिम बंगाल के उत्तरी इलाकों में Chandra Grahan 2026 अधिक स्पष्ट रूप से दिखेगा। इसके अलावा पूर्वी एशिया, यूरोप, अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका के कई हिस्सों में भी यह पूर्ण रूप से देखा जा सकेगा।
2026 में कुल कितने ग्रहण?
खगोल वैज्ञानिकों के अनुसार 2026 में कुल चार ग्रहण होंगे—दो सूर्य ग्रहण और दो चंद्र ग्रहण। लेकिन भारत में केवल यही पहला Chandra Grahan 2026 दिखाई देगा। अगस्त में लगने वाला दूसरा चंद्र ग्रहण आंशिक होगा और भारत में नजर नहीं आएगा।
इस बार ग्रहण चंद्रमा के अवरोही नोड पर लगेगा और इसका उम्ब्रल मैग्नीट्यूड 1.1526 रहेगा, यानी चंद्रमा पूरी तरह पृथ्वी की छाया में आ जाएगा।
सूतक काल और धार्मिक मान्यता
जब Chandra Grahan 2026 भारत में दिखाई देगा, तो उसका सूतक काल भी मान्य होगा। सूतक ग्रहण से 9 घंटे पहले शुरू होता है। इस हिसाब से सूतक 3 मार्च सुबह 6:20 बजे से शुरू होकर शाम 6:46 बजे तक रहेगा।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सूतक काल में शुभ कार्य, पूजा-अर्चना, भोजन बनाना या खाना, बाल कटवाना और नाखून काटना वर्जित माना जाता है। मंदिरों के पट भी बंद रखे जाते हैं। बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं के लिए सूतक दोपहर 3:28 बजे से प्रभावी माना गया है।
होलिका दहन और Chandra Grahan 2026 का संयोग
इस बार Chandra Grahan 2026 का संयोग होलिका दहन के दिन पड़ रहा है। होलिका दहन का शुभ मुहूर्त शाम 6:22 से 8:50 बजे तक बताया गया है। हालांकि ग्रहण की समाप्ति 6:46 बजे होगी, इसलिए कई लोग ग्रहण मोक्ष के बाद शुद्धिकरण करके ही होलिका दहन करेंगे।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ग्रहण के बाद स्नान और गंगाजल से शुद्धिकरण करना उचित माना जाता है।
ग्रहण के दौरान क्या करें?
Chandra Grahan 2026 के दौरान कुछ लोग विशेष उपाय करते हैं। ग्रहण से पहले खाद्य पदार्थों पर कुशा या तुलसी पत्र रखने की परंपरा है। ग्रहण के बाद गंगाजल से घर और पूजा स्थल का शुद्धिकरण किया जाता है।
‘ओम चंद्राय नमः’ मंत्र का जाप करना शुभ माना जाता है। दान-पुण्य करना भी अच्छा समझा जाता है। ज्योतिषियों का कहना है कि यह ग्रहण सिंह राशि और पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र में लगेगा, जिससे कुछ राशियों पर इसका प्रभाव पड़ सकता है।
वैज्ञानिक नजरिए से Chandra Grahan 2026
वैज्ञानिक रूप से Chandra Grahan 2026 एक सामान्य खगोलीय घटना है। इसमें सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा एक सीधी रेखा में आ जाते हैं और पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ती है। यही कारण है कि चंद्रमा कुछ समय के लिए अंधेरा या लाल दिखता है।
इस बार एक और खास बात यह है कि ग्रहण के दौरान चंद्रमा NGC 3423 गैलेक्सी को ढकता हुआ नजर आएगा, जिसे दुर्लभ खगोलीय घटना माना जाता है। इसे नग्न आंखों से देखा जा सकता है, लेकिन दूरबीन से दृश्य अधिक स्पष्ट होगा।
क्या कोई खतरा है?
विशेषज्ञों के अनुसार Chandra Grahan 2026 से किसी तरह का कोई खतरा नहीं है। यह एक प्राकृतिक और सुरक्षित खगोलीय प्रक्रिया है। मौसम साफ रहने की संभावना है, जिससे लोग इसे आसानी से देख सकेंगे।
धार्मिक मान्यताओं के कारण लोग सावधानी जरूर बरतते हैं, लेकिन वैज्ञानिक दृष्टि से यह पूरी तरह सुरक्षित है।
निष्कर्ष
Chandra Grahan 2026 कई कारणों से खास है—यह साल का पहला चंद्र ग्रहण है, होलिका दहन के दिन पड़ रहा है और भारत के कई हिस्सों में दिखाई देगा। सूतक काल, धार्मिक परंपराएं और वैज्ञानिक महत्व—इन सब वजहों से यह घटना लोगों के बीच चर्चा में है।
अगर आप भी Chandra Grahan 2026 देखना चाहते हैं, तो तय समय पर आसमान की ओर नजर रखें। यह एक ऐसा अवसर है जब आस्था और विज्ञान दोनों साथ-साथ नजर आते हैं।
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