Earthquake Today: नेपाल के बाद असम में सुबह-सुबह भूकंप, मोरीगांव में 5.1 की तीव्रता से कांपी धरती

सोमवार की सुबह उत्तर-पूर्व भारत के लोगों के लिए सामान्य नहीं रही। Earthquake Today की खबर ने एक बार फिर चिंता बढ़ा दी, जब असम के मोरीगांव जिले में 5.1 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। यह झटका सुबह करीब 5:15 बजे महसूस हुआ, उस समय जब ज्यादातर लोग नींद में थे। अचानक आई धरती की कंपन से कई लोग घबरा गए और अपने घरों से बाहर निकल आए। कुछ जगहों पर लोग कुछ देर तक खुले में खड़े रहे और हालात को समझने की कोशिश करते दिखे।

मोरीगांव में कब और कहां आया भूकंप

Earthquake Today से जुड़ी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह भूकंप 5 जनवरी 2026 को सुबह 4:17:40 बजे भारतीय समयानुसार आया। इसका केंद्र Morigaon में था। भूकंप की गहराई करीब 50 किलोमीटर बताई गई है। जानकारी National Centre for Seismology की ओर से साझा की गई। एजेंसी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर बताया कि फिलहाल किसी तरह के जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है। प्रशासन भी हालात पर नजर बनाए हुए है।

लोगों ने क्या महसूस किया

Earthquake Today के झटके हल्के से मध्यम थे, लेकिन सुबह-सुबह होने के कारण लोगों को यह ज्यादा तेज लगे। कई इलाकों में पंखे, खिड़कियां और दरवाजे हिलते महसूस हुए। कुछ लोगों ने बताया कि कुछ सेकंड तक जमीन के नीचे से हलचल जैसी आवाज आई। हालांकि, झटके ज्यादा देर तक नहीं रहे और हालात जल्दी सामान्य हो गए।

नेपाल में पहले भी हिली थी धरती

Earthquake Today की यह घटना इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि यह नेपाल में आए भूकंप के ठीक एक दिन बाद हुई। शनिवार रात नेपाल के उदयपुर जिले में 4.3 तीव्रता का भूकंप आया था। यह झटका रात 10:51 बजे महसूस किया गया, जिसका केंद्र बागपती क्षेत्र बताया गया। इसके अलावा, उसी दिन सुबह नेपाल के ताप्लेजुंग जिले में 4.6 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया था। नेपाल के कई इलाकों में लोगों ने इन झटकों को महसूस किया, लेकिन किसी तरह के नुकसान की पुष्टि नहीं हुई।

त्रिपुरा में भी आया हल्का भूकंप

Earthquake Today से जुड़ी एक और खबर त्रिपुरा से सामने आई। असम के झटकों से कुछ घंटे पहले, सोमवार तड़के करीब 3:30 बजे त्रिपुरा के गोमती जिले में 3.9 तीव्रता का हल्का भूकंप आया। इसका केंद्र 23.67 उत्तरी अक्षांश और 91.50 पूर्वी देशांतर पर था, जबकि गहराई करीब 54 किलोमीटर बताई गई। यह झटका ज्यादा तेज नहीं था, लेकिन कुछ इलाकों में लोगों ने हल्की कंपन जरूर महसूस की।

असम और नेपाल में बार-बार भूकंप क्यों आते हैं

Earthquake Today जैसी खबरें असम और नेपाल के लिए नई नहीं हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, यह पूरा इलाका हिमालयी भूकंपीय क्षेत्र का हिस्सा है। भारतीय प्लेट लगातार यूरेशियन प्लेट की ओर बढ़ रही है और दोनों के टकराव से धरती के भीतर तनाव बनता है। यही तनाव समय-समय पर भूकंप के रूप में बाहर निकलता है।

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असम की भूकंपीय स्थिति कितनी संवेदनशील

Earthquake Today के संदर्भ में असम को बेहद संवेदनशील माना जाता है। राज्य का बड़ा हिस्सा सिस्मिक जोन IV और V में आता है, जहां मध्यम से बड़े भूकंप का खतरा रहता है। कोपिली फॉल्ट जैसी भूगर्भीय दरारें यहां सक्रिय हैं। पिछले कुछ सालों में असम में 5 या उससे अधिक तीव्रता वाले कई भूकंप आ चुके हैं, जिससे वैज्ञानिक लगातार इस क्षेत्र पर नजर रखे हुए हैं।

नेपाल क्यों रहता है ज्यादा जोखिम में

Earthquake Today की खबरें नेपाल में अक्सर देखने को मिलती हैं। नेपाल पूरी तरह हिमालयी क्षेत्र में स्थित है और सिस्मिक जोन IV और V में आता है। यहां हर साल कई छोटे-बड़े भूकंप दर्ज किए जाते हैं। हालांकि, हाल के झटकों में किसी तरह का बड़ा नुकसान नहीं हुआ, जो राहत की बात है।

भूकंप के बाद क्या सावधानी जरूरी

Earthquake Today जैसे झटकों के बाद सतर्क रहना जरूरी होता है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि भूकंप के दौरान अगर आप घर के अंदर हों तो मजबूत टेबल या पलंग के नीचे बैठ जाएं और सिर को सुरक्षित रखें। बाहर हों तो इमारतों और बिजली के खंभों से दूर खुले स्थान पर रहें। झटके रुकने के बाद गैस और बिजली की लाइन की जांच करना भी जरूरी है।

आगे भी सतर्क रहने की जरूरत

Earthquake Today असम, नेपाल और त्रिपुरा की यह श्रृंखला बताती है कि उत्तर-पूर्व भारत भूकंपीय रूप से सक्रिय बना हुआ है। भले ही इस बार कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ, लेकिन विशेषज्ञ मानते हैं कि ऐसी गतिविधियां आगे भी जारी रह सकती हैं। ऐसे में जागरूकता, सही जानकारी और सतर्कता ही नुकसान को कम करने का सबसे बेहतर तरीका है।

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