IndiGo Flight Cancellation: क्यों एक ही दिन में 550 उड़ानें रद्द? यात्रियों की परेशानियां बढ़ीं, सरकार भी अलर्ट

IndiGo Flight Cancellation: देशभर में एयरपोर्ट पर क्यों बढ़ा तनाव

देश की सबसे बड़ी एयरलाइन IndiGo के लिए गुरुवार का दिन बेहद चुनौतीपूर्ण रहा। लगातार तीसरे दिन जारी देरी और IndiGo Flight Cancellation की वजह से यात्रियों की परेशानियां बढ़ती गईं। हालत यह रही कि सिर्फ एक दिन में 550 से ज्यादा उड़ानें रद्द करनी पड़ीं, जो कंपनी के 20 साल के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा माना जा रहा है।

गुरुवार (4 दिसंबर 2025) को सुबह से ही दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद और चेन्नई समेत कई बड़े एयरपोर्ट पर IndiGo Flight Cancellation के चलते यात्रियों की लंबी कतारें दिखीं। कई जगह यात्रियों ने नाराजगी भी जताई। हैदराबाद में तो यात्रियों ने नारेबाजी तक कर दी।

IndiGo Flight Cancellation: किन एयरपोर्ट पर सबसे ज्यादा असर

PTI के मुताबिक, IndiGo Flight Cancellation का सबसे ज्यादा असर मुंबई और बेंगलुरु एयरपोर्ट पर दिखाई दिया।
मुंबई में 85 उड़ानें रद्द
बेंगलुरु में 73 उड़ानें रद्द
हैदराबाद में 68 उड़ानें रद्द
चेन्नई में 31 उड़ानें रद्द
दिल्ली में 30 उड़ानें रद्द

रात में पुणे एयरपोर्ट का हाल भी बिगड़ गया। नौ में से 10 पार्किंग बे IndiGo के प्लेनों से भरे रहे, क्योंकि IndiGo Flight Cancellation के चलते पर्याप्त क्रू मौजूद नहीं था और विमान वहीं खड़े रह गए। इससे अन्य एयरलाइंस को भी ऑपरेशन चलाने में मुश्किलें आईं।

IndiGo Flight Cancellation की मुख्य वजह क्या है?

IndiGo ने सरकार और DGCA को जो जानकारी दी है, उसके मुताबिक IndiGo Flight Cancellation की सबसे बड़ी वजह नई Flight Duty Time Limitations (FDTL) नियमों को लागू करने में planning gaps हैं। ये नियम पायलटों की थकान को ध्यान में रखते हुए बनाए गए हैं, लेकिन इनके लागू होने के बाद एयरलाइन को जितने पायलटों की जरूरत पड़ी, उसकी गणना पहले सही तरीके से नहीं की गई।

• नई नियमों के तहत नाइट ड्यूटी का समय midnight–5am से midnight–6am कर दिया गया था, जिसे अब अस्थायी रूप से वापस रोलबैक किया गया है।
• नाइट लैंडिंग पर लगी दो लैंडिंग की सीमा को भी फिलहाल रोका गया है।
• फेज 2 लागू होने के बाद IndiGo को जितने पायलटों की जरूरत पड़ी, वह एयरलाइन की उम्मीद से कहीं ज्यादा था—और यही IndiGo Flight Cancellation का सबसे बड़ा कारण निकला।

IndiGo ने DGCA को बताया कि crew scheduling और planning में कमी की वजह से उड़ानें प्रभावित हुईं। एयरलाइन ने स्वीकार किया कि actual crew requirement, उनकी शुरुआती गणना से काफी ज्यादा थी।

सरकार ने जताई नाराजगी, IndiGo से मांगा रोडमैप

IndiGo Flight Cancellation की गंभीरता को देखते हुए गुरुवार को Civil Aviation Minister राम मोहन नायडू और DGCA प्रमुख ने IndiGo के शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक की। मंत्री ने साफ तौर पर असंतोष जताते हुए कहा कि एयरलाइन को नए नियम लागू करने से पहले पर्याप्त तैयारी का वक्त दिया गया था, लेकिन उसके बावजूद ऐसी स्थिति क्यों बनी?

DGCA ने एयरलाइन को निर्देश दिया है कि
• एयरपोर्ट पर अतिरिक्त स्टाफ तैनात किया जाए
• यात्रियों को समय पर जानकारी दी जाए
• crew recruitment और aircraft induction का पूरा रोडमैप अगले दिनों में सौंपा जाए

IndiGo ने सरकार से अनुरोध किया है कि रात में उड़ानों से जुड़े नए नियमों से 10 फरवरी तक छूट दी जाए, ताकि IndiGo Flight Cancellation जैसी स्थिति आगे न हो।

CEO का कर्मचारियों को संदेश — स्थिति आसान नहीं

IndiGo Flight Cancellation पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए CEO पीटर एल्बर्स ने कर्मचारियों को पत्र लिखा। उन्होंने बताया कि एयरलाइन का नेटवर्क बहुत बड़ा और जटिल है। ऐसे में एक छोटी गड़बड़ी भी बड़ी समस्या का रूप ले लेती है।

उन्होंने कहा, “Operations को सामान्य करना और फिर से समय पर उड़ानें शुरू करना आसान लक्ष्य नहीं है, लेकिन हम इसे दुरुस्त करने के लिए कदम उठा रहे हैं।”

IndiGo Flight Cancellation के कारण एयरलाइन की समय पर उड़ान संचालन (On Time Performance) भी प्रभावित हुआ। बुधवार को OTP सिर्फ 19.7% पर पहुंच गया, जबकि सामान्य दिनों में यही आंकड़ा 80–85% के आसपास होता है।

IndiGo Flight Cancellation का असर बाकी एयरलाइंस पर भी

IndiGo Flight Cancellation का असर सिर्फ IndiGo पर ही नहीं पड़ा, बल्कि अन्य एयरलाइंस भी प्रभावित हुईं। कई एयरपोर्ट पर IndiGo के विमान पार्किंग बे में खड़े रहे, जिससे दूसरी एयरलाइंस को संचालन में देरी और बदलाव करने पड़े।

यात्रियों को भी टिकट रिफंड, रीबुकिंग और देर रात तक इंतजार जैसी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।

आने वाले 2–3 दिन और मुश्किल

IndiGo ने आधिकारिक बयान में कहा है कि IndiGo Flight Cancellation की समस्या अगले दो से तीन दिनों तक जारी रह सकती है। साथ ही 8 दिसंबर से एयरलाइन अपने शेड्यूल को कम करेगी, ताकि ऑपरेशन को स्थिर किया जा सके।

IndiGo Flight Cancellation से मिली सबसे बड़ी सीख

IndiGo Flight Cancellation ने दिखाया है कि नए नियमों को लागू करते समय एयरलाइन को और बेहतर planning व manpower की जरूरत थी। DGCA ने साफ कर दिया है कि यात्रियों की असुविधा को कम करना सर्वोच्च प्राथमिकता है और एयरलाइन को तेजी से सुधार करने होंगे।

फिलहाल उम्मीद यही है कि आने वाले दिनों में IndiGo Flight Cancellation की स्थिति धीरे-धीरे सामान्य होगी और यात्रियों को राहत मिलेगी।

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