IndiGo Flight Delay Controversy: पिछले कुछ दिनों में देश की सबसे बड़ी एयरलाइन IndiGo लगातार आलोचना का सामना कर रही है. उड़ानों में देरी और कैंसलेशन बढ़ने के बाद IndiGo Flight Delay Controversy राष्ट्रीय चर्चा का बड़ा विषय बन गया है. अब नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री Murlidhar Mohol ने खुलकर कहा है कि IndiGo को पहले से नए FDTL (Flight Duty Time Limitation) नियमों की जानकारी थी, फिर भी एयरलाइन ने समय पर तैयारी नहीं की.
सरकार का आरोप: IndiGo जानता था नियम, फिर भी नहीं दी ध्यान
Murlidhar Mohol ने बताया कि सरकार ने पिछले साल FDTL नियमों में बदलाव किया था. एयरलाइनों को जून 2024 तक नए नियमों का पालन करना था, लेकिन बाद में इसे टाल दिया गया. जुलाई 2025 से चरणबद्ध रूप से इन्हें लागू किया गया और 1 नवंबर 2025 से DGCA ने नए नियमों को पूरी तरह लागू कर दिया.
मंत्री के अनुसार, IndiGo को इस बदलाव की जानकारी थी, लेकिन उसने जरूरी कदम नहीं उठाए. यही वजह है कि IndiGo Flight Delay Controversy इतनी बड़ी बन गई. Mohol ने बताया कि एयरलाइन के CEO को शो-कॉज़ नोटिस जारी किया गया है और उनसे जवाब मांगा गया है.
सेवाएं सामान्य करने के लिए सरकार ने उठाए कदम
मोहोल ने कहा कि हालात संभालने के लिए सरकार ने फरवरी 2026 तक नए FDTL नियमों पर रोक लगाई है. इसके अलावा, चार सदस्यीय जांच समिति बनाई गई है जो इस पूरे मामले पर रिपोर्ट तैयार करेगी. उन्होंने दावा किया कि पिछले कुछ दिनों की तुलना में सेवाओं में कुछ सुधार दिख रहा है, लेकिन IndiGo Flight Delay Controversy अभी भी यात्रियों की चिंता का कारण बनी हुई है.
विशेषज्ञों का दावा: सरकार IndiGo के दबाव में झुकी
इसी बीच कई एविएशन विशेषज्ञ सरकार के कदमों पर सवाल उठा रहे हैं. एविएशन कंसल्टेंट Sanjay Lazar ने कहा कि यह चौंकाने वाला है कि बिना यह बताए कि आगे कौन से नियम लागू होंगे, सरकार ने आदेश पर रोक लगा दी.
Lazar का कहना है कि DGCA भी अपनी जिम्मेदारी निभाने में नाकाम रहा, क्योंकि उसने IndiGo का विंटर शेड्यूल मंजूर कर दिया जबकि एयरलाइन के पास पर्याप्त पायलट नहीं थे. विशेषज्ञों का तर्क है कि IndiGo के कुछ स्लॉट अन्य एयरलाइनों को दिए जाने चाहिए ताकि IndiGo अपनी सेवाओं को संतुलित कर सके. यह टिप्पणियां IndiGo Flight Delay Controversy को और गंभीर बनाती हैं.
एयरपोर्ट पर बढ़ा दबाव, यात्रियों की मुश्किलें भी बढ़ीं
पूर्व पुणे एयरपोर्ट डायरेक्टर Deepak Shastri ने कहा कि IndiGo की समस्याओं का प्रभाव देश के प्रमुख एविएशन हब पर साफ दिख रहा है. बढ़ते दबाव के कारण यात्री प्रबंधन चुनौतीपूर्ण हो गया है.
IndiGo की बाजार हिस्सेदारी 65% से भी अधिक है, ऐसे में किसी भी व्यवधान का असर लाखों यात्रियों पर पड़ता है. यही वजह है कि IndiGo Flight Delay Controversy ने यात्रा योजनाओं को अस्त-व्यस्त कर दिया है.
यात्रियों की शिकायत: समय पर जानकारी नहीं मिली
सोशल मीडिया पर कई यात्रियों ने शिकायत की कि एयरलाइन ने उन्हें समय पर देरी की जानकारी नहीं दी. कई लोग घंटों एयरपोर्ट पर फंसे रहे.
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