Lashkar commander threat Delhi: कश्मीर सॉलिडैरिटी डे पर खुलेआम दिल्ली दहलाने की बात

पाकिस्तान के लाहौर में एक सार्वजनिक मंच से दी गई धमकी ने एक बार फिर भारत-पाकिस्तान संबंधों में तनाव बढ़ा दिया है। Lashkar commander threat Delhi का मुद्दा इसलिए गंभीर माना जा रहा है क्योंकि यह चेतावनी किसी गुप्त चैनल से नहीं, बल्कि खुले कार्यक्रम में दी गई। कश्मीर सॉलिडैरिटी डे के मौके पर आयोजित इस कार्यक्रम में Lashkar-e-Taiba (LeT) से जुड़े वरिष्ठ कमांडर सैयद अब्दुल रहमान नकवी ने दिल्ली समेत भारत के कई हिस्सों को निशाना बनाने की बात कही। राजनीतिक हस्तियों की मौजूदगी में दिए गए इस बयान ने Pakistan terror nexus को लेकर भारत की पुरानी चिंताओं को फिर से सामने ला दिया है।

खुले मंच से दी गई चेतावनी

यह कार्यक्रम पाकिस्तान के Lahore में आयोजित हुआ था। मंच से बोलते हुए नकवी ने कहा कि वे “अखंड भारत को खंड-खंड” करेंगे और दिल्ली, आगरा व दक्कन को निशाना बनाएंगे। Lashkar commander threat Delhi इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि यह बयान किसी छिपे हुए तरीके से नहीं, बल्कि भीड़ और मीडिया की मौजूदगी में दिया गया। भारत में सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी भाषा का सार्वजनिक मंच से इस्तेमाल यह दिखाता है कि कट्टरपंथी तत्वों को पाकिस्तान में खुली जगह मिल रही है।

कश्मीर सॉलिडैरिटी डे और बयानबाज़ी

हर साल 5 फरवरी को मनाया जाने वाला कश्मीर सॉलिडैरिटी डे पाकिस्तान में भारत-विरोधी नारों का मंच बनता रहा है। इस बार भी कार्यक्रम में कश्मीर को लेकर आक्रामक बयान दिए गए। वक्ताओं ने कश्मीर को “आजाद” कराने की बात कही और हिंसक संघर्ष का समर्थन किया। Lashkar commander threat Delhi के साथ-साथ यह संदेश भी देने की कोशिश की गई कि कश्मीर मुद्दे पर संघर्ष जारी रहेगा। भारत लंबे समय से कहता रहा है कि ऐसे आयोजन सिर्फ प्रचार नहीं, बल्कि कट्टरपंथी सोच को बढ़ावा देने का जरिया हैं।

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नकवी कौन हैं?

सैयद अब्दुल रहमान नकवी को Lashkar-e-Taiba का वरिष्ठ ऑपरेटिव माना जाता है। वे पाकिस्तान मार्काजी मुस्लिम लीग से जुड़े बताए जाते हैं, जिसे LeT का राजनीतिक चेहरा कहा जाता है। नकवी को Hafiz Saeed और उनके बेटे Talha Saeed का करीबी भी माना जाता है। अपने भाषण में नकवी ने 26/11 जैसे हमलों का अप्रत्यक्ष जिक्र करते हुए कहा कि “पिछले बलिदानों” को व्यर्थ नहीं जाने दिया जाएगा। Lashkar commander threat Delhi इसी संदर्भ में और ज्यादा गंभीर हो जाती है।

26/11 और Lashkar का इतिहास

Lashkar-e-Taiba वही संगठन है जिसे 26/11 मुंबई हमलों के लिए जिम्मेदार ठहराया गया था। संयुक्त राष्ट्र सहित कई अंतरराष्ट्रीय मंचों पर इस संगठन पर प्रतिबंध है। इसके बावजूद पाकिस्तान में इससे जुड़े नेता सार्वजनिक मंचों पर सक्रिय दिखते हैं। Lashkar commander threat Delhi इस बात की याद दिलाती है कि भारत का आरोप क्यों है कि Pakistan terror nexus आज भी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।

ऑपरेशन सिंदूर के बाद बदले हालात

पिछले साल पहलगाम आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत के बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर चलाया था। इस अभियान में LeT के नौ आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया था। Muridke स्थित Markaz-e-Taiba को भी भारी नुकसान पहुंचा था। इसके बाद यह माना गया कि Lashkar की गतिविधियों पर असर पड़ेगा, लेकिन हालिया Lashkar commander threat Delhi ने दिखा दिया कि संगठन फिर से खुद को सक्रिय दिखाने की कोशिश कर रहा है।

पुनर्गठन की आशंका

खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट्स के मुताबिक, Muridke में नुकसान के बावजूद Lashkar से जुड़े नेटवर्क खुद को दोबारा संगठित करने में लगे हैं। पिछले साल सामने आए एक वीडियो में LeT का एक वरिष्ठ कमांडर तबाह परिसर के बीच खड़ा नजर आया था। भारत का दावा है कि इन प्रयासों के पीछे Pakistan terror nexus की भूमिका है। Lashkar commander threat Delhi को भी इसी कड़ी में देखा जा रहा है।

भारत की प्रतिक्रिया और सतर्कता

इस बयान के बाद भारत में सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता बढ़ा दी गई है। विदेश मंत्रालय ने साफ कहा है कि पाकिस्तान बार-बार ऐसे तत्वों को जगह देता है, जो भारत के खिलाफ हिंसा भड़काते हैं। Lashkar commander threat Delhi को भारत ने सिर्फ बयानबाज़ी नहीं, बल्कि सुरक्षा के लिहाज से चेतावनी माना है। सीमा पर निगरानी और कूटनीतिक स्तर पर दबाव बढ़ाने की बात भी कही जा रही है।

पाकिस्तान का पक्ष

पाकिस्तान ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि भारत इस तरह के बयानों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करता है। इस्लामाबाद का कहना है कि ऐसे भाषण सरकारी नीति को नहीं दर्शाते। लेकिन सवाल यह है कि अगर ऐसा है, तो प्रतिबंधित संगठनों से जुड़े लोग सार्वजनिक मंचों से कैसे बोल पा रहे हैं। Lashkar commander threat Delhi इसी सवाल को और तेज करता है।

क्षेत्रीय असर और आगे की राह

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की धमकियां LoC पर तनाव बढ़ा सकती हैं। दक्षिण एशिया पहले से ही संवेदनशील दौर से गुजर रहा है और Lashkar commander threat Delhi जैसे बयान हालात को और जटिल बना सकते हैं। भारत का कहना है कि वह अंतरराष्ट्रीय मंचों पर Pakistan terror nexus का मुद्दा उठाता रहेगा और सुरक्षा के मोर्चे पर किसी भी चुनौती से निपटने के लिए तैयार है।

निष्कर्ष

लाहौर के मंच से आई यह चेतावनी सिर्फ एक बयान नहीं मानी जा रही। Lashkar commander threat Delhi ने फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या पाकिस्तान वाकई आतंकवाद के खिलाफ ठोस कदम उठा रहा है। जब प्रतिबंधित संगठनों से जुड़े नेता खुले मंचों से धमकी देते हैं, तो भारत की चिंताओं को नजरअंदाज करना मुश्किल हो जाता है। आने वाले दिनों में इस बयान का असर कूटनीतिक और सुरक्षा दोनों स्तरों पर दिख सकता है।

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