भारतीय क्रिकेट में विकेटकीपर की पोज़िशन हमेशा चर्चा का विषय रही है। ऋषभ पंत की चोट के बाद जब वह लंबे समय तक मैदान से बाहर रहे, तो यह सवाल और भी बड़ा हो गया कि उनकी जगह कौन लेगा? अब भारतीय चयनकर्ताओं ने वेस्टइंडीज़ के खिलाफ होने वाली टेस्ट सीरीज़ के लिए Narayan Jagadeesan को टीम में जगह दी है।
तो आखिर कौन हैं Narayan Jagadeesan? क्यों उन्हें भारत की टेस्ट टीम का हिस्सा बनाया गया है? आइए उनके सफर और रिकॉर्ड्स पर नज़र डालते हैं।
कोयंबटूर से टेस्ट टीम तक
Narayan Jagadeesan का क्रिकेट सफर तमिलनाडु से शुरू हुआ। उनके पिता सी.जे. नारायण ने उन्हें क्रिकेट खेलने के लिए प्रेरित किया। 2016-17 सीज़न में उन्होंने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में तमिलनाडु की ओर से डेब्यू किया और शतक भी लगाया। तब से ही वे लगातार चर्चा में रहे हैं और धीरे-धीरे खुद को घरेलू क्रिकेट में भरोसेमंद खिलाड़ी के रूप में स्थापित कर लिया।
दुनिया का सबसे बड़ा स्कोर
21 नवंबर 2022 को विजय हजारे ट्रॉफी में Narayan Jagadeesan ने ऐसा रिकॉर्ड बनाया, जिसे देखकर सभी हैरान रह गए। बेंगलुरु में अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ उन्होंने सिर्फ 141 गेंदों में 277 रन ठोक डाले। इस पारी में 25 चौके और 15 छक्के शामिल थे और उनका स्ट्राइक रेट रहा 196.45।
इस तरह उन्होंने रोहित शर्मा का 264 रन का रिकॉर्ड तोड़ दिया और वनडे क्रिकेट (लिस्ट-ए) इतिहास का सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर अपने नाम कर लिया।
निरंतरता ही पहचान
अगर किसी शब्द में Narayan Jagadeesan को परिभाषित किया जाए तो वह है – Consistency।
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फर्स्ट क्लास क्रिकेट में: 54 मैच, 3,686 रन, औसत 50.49, 11 शतक, 16 अर्धशतक, सर्वोच्च स्कोर 321।
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लिस्ट-ए में: 64 मैच, 2,728 रन, औसत 46.23, 9 शतक, 9 अर्धशतक।
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टी20 में: 66 मैच, 1,475 रन, औसत 31.38, 10 अर्धशतक।
विकेटकीपिंग में भी उन्होंने 200 से ज्यादा कैच और 29 स्टंपिंग किए हैं।
IPL का अनुभव
Narayan Jagadeesan को आईपीएल में चेन्नई सुपर किंग्स और कोलकाता नाइट राइडर्स दोनों टीमों के लिए खेलने का मौका मिला। हालांकि उन्हें ज्यादा मैच नहीं मिले, लेकिन आईपीएल जैसे टूर्नामेंट में खेलना खुद उनके लिए बड़ा अनुभव साबित हुआ।
घरेलू क्रिकेट में लम्बे रन
रणजी ट्रॉफी के पिछले दो सीज़न में Narayan Jagadeesan ने सिलसिलेवार बड़ी पारियां खेलीं।
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2023/24 सीज़न: 816 रन, औसत 74.18।
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2024/25 सीज़न: 674 रन, औसत 56.16।
इसके अलावा दलीप ट्रॉफी में उन्होंने 197 रन की पारी खेली और ऑस्ट्रेलिया A के खिलाफ अर्धशतक भी लगाया।
क्यों मिले बाकी नामों से आगे
भारतीय टीम के पास कई विकेटकीपर विकल्प थे—ईशान किशन, संजू सैमसन, अक्षय वाडकर और आर्यन जूयाल। लेकिन चयनकर्ताओं ने Narayan Jagadeesan पर भरोसा जताया।
ईशान किशन ने दक्षिण अफ्रीका दौरे पर ब्रेक लिया था और तब से लाल गेंद क्रिकेट में नियमित नहीं रहे। संजू सैमसन भी रेड बॉल क्रिकेट कम खेलते हैं। ऐसे में जगदीशन की निरंतरता और लंबे समय से अच्छा प्रदर्शन उन्हें आगे ले आया।
विकेटकीपर से ज्यादा, एक ओपनर भी
Narayan Jagadeesan सिर्फ विकेटकीपर नहीं हैं, बल्कि एक ऐसे बल्लेबाज़ हैं जो ओपनिंग भी कर सकते हैं। यही वजह है कि सेलेक्टर्स ने उन्हें टीम में शामिल किया। इससे टीम को एक एक्स्ट्रा ओपनर चुनने की ज़रूरत नहीं पड़ती।
भारत की टेस्ट टीम बनाम वेस्टइंडीज़
शुभमन गिल (कप्तान), यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल, साई सुदर्शन, देवदत्त पडिक्कल, ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), रवींद्र जडेजा (उपकप्तान), जसप्रीत बुमराह, अक्षर पटेल, नितीश कुमार रेड्डी, Narayan Jagadeesan (विकेटकीपर), मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा और कुलदीप यादव।
पहला टेस्ट 2 अक्टूबर को अहमदाबाद में और दूसरा 10 अक्टूबर को दिल्ली में खेला जाएगा।
क्या उम्मीदें हैं Jagadeesan से?
ऋषभ पंत की गैरमौजूदगी में ध्रुव जुरेल पहले विकल्प होंगे, लेकिन बैकअप के तौर पर Narayan Jagadeesan को मौका मिला है। चाहे उन्हें अभी तुरंत मौका मिले या न मिले, उनका चयन इस बात का सबूत है कि घरेलू स्तर पर लगातार अच्छा खेलना हमेशा रंग लाता है।
निष्कर्ष
Narayan Jagadeesan की कहानी बताती है कि क्रिकेट में धैर्य और निरंतरता सबसे बड़ी ताकत है। कोयंबटूर का यह खिलाड़ी घरेलू क्रिकेट का मिस्टर रिलायबल बनकर अब भारतीय टेस्ट टीम तक पहुंच गया है।
फैंस अब बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं कि कब यह रिकॉर्डधारी बल्लेबाज़ मैदान पर उतरे और अपने बड़े शॉट्स और भरोसेमंद बल्लेबाज़ी से टीम इंडिया के लिए नए अध्याय लिखे।