नए साल के जश्न से ठीक पहले दिल्ली में कानून-व्यवस्था को लेकर पुलिस ने पूरी ताकत झोंक दी। राजधानी में Op Aaghat के तहत बीते 24 घंटे में 660 से ज्यादा लोगों की गिरफ्तारी हुई है। यह कार्रवाई खास तौर पर साउथ और साउथ ईस्ट दिल्ली में की गई, ताकि न्यू ईयर के दौरान किसी भी तरह की आपराधिक घटना को रोका जा सके। Op Aaghat का मकसद साफ था—सड़कों पर सक्रिय असामाजिक तत्वों पर लगाम लगाना और आम लोगों को सुरक्षित माहौल देना। दिल्ली की ठंडी रातों में जब ज्यादातर लोग घरों में दुबके रहते हैं, तब पुलिस की टीमें पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आईं। जगह-जगह चेकिंग, सघन पेट्रोलिंग और संदिग्धों से पूछताछ की गई। Delhi Police के मुताबिक यह कार्रवाई Op Aaghat 3.0 का हिस्सा थी, जिसे खास तौर पर न्यू ईयर फोकस्ड ऑपरेशन के तौर पर डिजाइन किया गया था।
साउथ ईस्ट दिल्ली में सबसे ज्यादा गिरफ्तारियां
पुलिस अधिकारियों के अनुसार साउथ ईस्ट दिल्ली जिले में ही 285 लोगों को गिरफ्तार किया गया। जॉइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (सिक्योरिटी) एसके जैन ने बताया कि Op Aaghat के दौरान Arms Act, Excise Act, NDPS Act और Gambling Act के तहत कई मामले दर्ज किए गए। कुल 2,800 से ज्यादा लोगों से पूछताछ की गई, जबकि 850 लोगों को प्रिवेंटिव तौर पर हिरासत में रखा गया, ताकि न्यू ईयर की रात किसी तरह की परेशानी खड़ी न हो। पुलिस का कहना है कि Op Aaghat का उद्देश्य सिर्फ गिरफ्तारी नहीं, बल्कि ऐसे लोगों की पहचान करना था जो बार-बार कानून तोड़ते हैं। हॉटस्पॉट इलाकों में सर्च ऑपरेशन चलाए गए और 155 बॅड कैरेक्टर्स व 10 प्रॉपर्टी ऑफेंडर्स को पकड़ा गया। जुआ खेलने वालों पर भी खास नजर रही। इस दौरान 68 लोगों को जुआ खेलते हुए गिरफ्तार किया गया और करीब 2.3 लाख रुपये नकद बरामद किए गए।
हथियार, शराब और ड्रग्स पर कसा शिकंजा
Op Aaghat के तहत हुई कार्रवाई में पुलिस को बड़ी मात्रा में अवैध सामान हाथ लगा। 21 देसी पिस्तौलें, 20 जिंदा कारतूस और 27 चाकू बरामद किए गए। इसके अलावा 12,258 लीटर अवैध शराब और करीब 6 किलो गांजा भी जब्त किया गया। चोरी के 310 मोबाइल फोन, 231 दोपहिया वाहन और एक चारपहिया वाहन भी पुलिस ने बरामद किया। डीसीपी हेमंत तिवारी ने बताया कि इस ऑपरेशन में खास तौर पर आदतन अपराधियों पर नजर रखी गई। उनका कहना है कि न्यू ईयर के दौरान अक्सर स्ट्रीट क्राइम, चोरी और झपटमारी जैसी घटनाएं बढ़ जाती हैं। Op Aaghat के जरिए पहले ही ऐसे नेटवर्क को तोड़ने की कोशिश की गई है।
दोनों जिलों की संयुक्त रणनीति
साउथ और साउथ ईस्ट दिल्ली की पुलिस ने मिलकर यह ऑपरेशन चलाया। अधिकारियों का कहना है कि Op Aaghat केवल एक दिन की कार्रवाई नहीं है, बल्कि यह एक निरंतर प्रक्रिया का हिस्सा है। पुलिस ने साफ किया है कि स्ट्रीट क्राइम और ऑर्गनाइज्ड क्राइम को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस अभियान से यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि दिल्ली में कानून तोड़ने वालों के लिए जगह नहीं है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक इससे पहले भी Op Aaghat के तहत अक्टूबर महीने में साउथ ईस्ट जिले में 500 से ज्यादा लोगों को पकड़ा गया था। मौजूदा कार्रवाई इस अभियान का तीसरा चरण है, जिसे खास तौर पर न्यू ईयर को ध्यान में रखकर चलाया गया।
600 से ज्यादा जवान, संवेदनशील इलाकों में कड़ी निगरानी
Op Aaghat को सफल बनाने के लिए 600 से ज्यादा पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था। संवेदनशील इलाकों में चेकिंग बढ़ाई गई और जुआघरों, शराब के अड्डों पर अचानक छापेमारी की गई। पुलिस का कहना है कि इस सख्ती का असर जमीन पर दिख रहा है और कई इलाकों में अपराधियों की गतिविधियां थमी हैं। एसके जैन ने NDTV से बातचीत में बताया कि पूछताछ के दौरान संदिग्धों की एक विस्तृत सूची तैयार की गई है। 850 लोगों को प्रिवेंटिव डिटेंशन में इसलिए रखा गया, ताकि न्यू ईयर की रात किसी तरह की अशांति न फैलाई जा सके। उनका कहना है कि Op Aaghat के जरिए पुलिस ने पहले से ही हालात को कंट्रोल में लेने की कोशिश की है।
आगे भी जारी रहेगा Op Aaghat
Delhi Police का कहना है कि Op Aaghat से उनका आत्मविश्वास बढ़ा है और आने वाले दिनों में भी ऐसे अभियान चलाए जाएंगे। योजना है कि महीने में कम से कम एक बार इस तरह का ऑपरेशन किया जाए। बीएनएस की धारा 111 और 112 के तहत बार-बार अपराध करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी और जरूरत पड़ी तो उन्हें दिल्ली से बाहर करने की प्रक्रिया भी शुरू की जा सकती है।
नागरिकों की प्रतिक्रिया और पुलिस का संदेश
इस कार्रवाई के बाद कई नागरिकों ने पुलिस की तारीफ की है। सोशल मीडिया पर रातभर की चेकिंग और गिरफ्तारी के वीडियो वायरल हो रहे हैं। लोग कह रहे हैं कि न्यू ईयर पर जश्न मनाना जरूरी है, लेकिन सुरक्षा उससे भी ज्यादा अहम है। Op Aaghat ने यह साफ कर दिया है कि दिल्ली पुलिस पूरी तरह सतर्क है। अगर आप दिल्ली में हैं तो पुलिस की सलाह है कि कानून के दायरे में रहकर ही जश्न मनाएं। Op Aaghat के जरिए दिया गया संदेश बिल्कुल स्पष्ट है—शहर में शांति और सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।