Republic Day 2026 से पहले ‘26-26’ अलर्ट: किन शहरों पर खतरे की बात, दिल्ली में क्या-क्या बदला—पूरी तस्वीर

Republic Day 2026 के ठीक पहले देशभर में सुरक्षा एजेंसियों की गतिविधियां तेज हो गई हैं। खुफिया एजेंसियों के इनपुट्स के मुताबिक एक संदिग्ध आतंकी साजिश को “26-26” नाम दिया गया है, और आशंका जताई जा रही है कि 26 जनवरी, 2026 के आसपास कई शहरों और धार्मिक स्थलों को निशाना बनाया जा सकता है। इसी वजह से Republic Day 2026 को लेकर दिल्ली से लेकर जम्मू-कश्मीर और अयोध्या तक हाई अलर्ट पर तैयारियां चल रही हैं।

यह वही समय होता है जब Republic Day 2026 की परेड, भीड़-भाड़ और देशभर में सार्वजनिक कार्यक्रम अपने चरम पर रहते हैं। इसलिए एजेंसियां किसी भी जोखिम को हल्के में लेने के मूड में नहीं हैं। Republic Day 2026 के मद्देनज़र सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश कई स्तरों पर लागू किए गए हैं—लोकल पुलिस, पैरामिलिट्री, इंटेलिजेंस और अन्य एजेंसियां मिलकर लगातार सूचनाएं साझा कर रही हैं।

इस पूरे अलर्ट को समझने के लिए पहले “26-26” वाले इनपुट्स पर नजर डालते हैं।

‘26-26’ क्या है और किन ग्रुप्स का नाम आ रहा है?

इंटेलिजेंस इनपुट्स में कहा गया है कि इस कथित साजिश के पीछे पाकिस्तान की ISI के साथ Jaish-e-Mohammed (JeM) जैसे संगठन की भूमिका होने की बात सामने आ रही है। साथ ही पंजाब के कुछ गैंगस्टर्स, खालिस्तानी नेटवर्क और कुछ मामलों में Al-Qaeda से जुड़े तत्वों का भी जिक्र किया गया है। Republic Day 2026 से पहले इस तरह के “मल्टी-नोड” नेटवर्क की आशंका इसलिए गंभीर मानी जा रही है क्योंकि इसमें सीमा पार हैंडलिंग, लोकल लॉजिस्टिक्स और ऑनलाइन कट्टरपंथ—तीनों का मिश्रण दिखता है।

कुछ रिपोर्ट्स में “Falcon Squad” नाम के एक ग्रुप का जिक्र भी है, जिसे Lashkar-e-Taiba (LeT) से जुड़ा बताया गया है और जो ऑनलाइन/एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्म्स के जरिए धमकियों को बढ़ाता रहा है। Republic Day 2026 के संदर्भ में यह “ऑनलाइन चैटर” एजेंसियों के लिए खास संकेत माना गया, क्योंकि पिछले कुछ वर्षों में इसी तरह के डिजिटल संकेत कई मामलों में शुरुआती चेतावनी साबित हुए हैं।

Red Fort ब्लास्ट की छाया और नई चिंता

Republic Day 2026 के सुरक्षा प्लान में एक बड़ी वजह पिछले Red Fort कार बम विस्फोट की याद भी है, जिसमें 15 लोगों की मौत की बात सामने आई थी। इसी तरह के हमले यह दिखाते हैं कि भीड़भाड़ वाले इलाकों में वाहन-आधारित विस्फोटक (VBIED) कितना बड़ा खतरा बन सकते हैं।

इसी कारण Republic Day 2026 के लिए एजेंसियों ने खास तौर पर पार्किंग, अनियमित/बिना सत्यापन वाले वाहन, सेकंड-हैंड कार की खरीद-बिक्री और होटलों/गेस्ट हाउसों में ठहरने वालों की जांच को लेकर निर्देश कड़े किए हैं। साथ ही ड्रोन के जरिए निगरानी या ड्रोन-आधारित खतरे की आशंका भी इनपुट्स में सामने आई है, इसलिए एंटी-ड्रोन यूनिट्स पर जोर बढ़ा है।

दिल्ली में Republic Day 2026 सुरक्षा: “टेक + मल्टी लेयर” मॉडल

दिल्ली, खासकर Kartavya Path और New Delhi जिला, Republic Day 2026 के केंद्र में होता है। इस बार दिल्ली पुलिस ने टेक्नोलॉजी-ड्रिवन, मल्टी-लेयर्ड सिक्योरिटी की बात कही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक करीब 10,000 पुलिसकर्मियों की तैनाती, ग्राउंड ब्रीफिंग्स, रिहर्सल्स और तय रूट पर एंटी-सैबोटाज फोकस के साथ सुरक्षा व्यवस्था बनाई गई है।

बताया गया है कि प्रवेश बिंदुओं पर DFMD (Door Frame Metal Detectors) के जरिए तीन-स्तरीय स्क्रीनिंग, CCTV नेटवर्क और फेसियल रिकग्निशन जैसी व्यवस्थाएं रखी जा रही हैं। भीड़ वाले इलाकों, बाजारों, रेलवे स्टेशन/ट्रांसपोर्ट हब्स पर पेट्रोलिंग और बैरिकेडिंग भी बढ़ाई गई है। Republic Day 2026 के दौरान VIP एन्क्लोजर्स, जिनके नाम भारतीय नदियों के आधार पर रखे गए हैं, वहां सख्त फ्रिस्किंग और डिजिटल पास की व्यवस्था का भी जिक्र है।

पहली बार ‘वॉन्टेड’ पोस्टर में Mohammed Rehan—पब्लिक से मदद की अपील

Republic Day 2026 से पहले एक और अहम कदम यह बताया गया है कि दिल्ली पुलिस ने पहली बार Al-Qaeda in the Indian Subcontinent (AQIS) से जुड़े बताए गए Mohammed Rehan की तस्वीर वाले “वॉन्टेड/अलर्ट” पोस्टर सार्वजनिक जगहों पर लगाए हैं—जैसे Metro stations, बाजार और ट्रांसपोर्ट हब्स। लोगों से कहा गया है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या जानकारी को तुरंत पुलिस को बताएं और इमरजेंसी नंबर 112 पर सूचना दें।

साफ है कि Republic Day 2026 की सुरक्षा केवल ‘पुलिस-तैनाती’ तक सीमित नहीं रखी जा रही, बल्कि पब्लिक विजिलेंस को भी एक लेयर माना जा रहा है—यानी “देखें-समझें-रिपोर्ट करें” वाला मॉडल।

अयोध्या, जम्मू-कश्मीर और अन्य शहरों में क्या स्थिति?

Republic Day 2026 के इनपुट्स में अयोध्या के Ram Temple और जम्मू के Raghunath Temple जैसे धार्मिक स्थलों पर भी खतरे की आशंका की बात कही गई है। इसलिए इन जगहों पर अतिरिक्त फोर्स, गहन चेकिंग और निगरानी बढ़ाने के कदम सामने आ रहे हैं। जम्मू-कश्मीर को वैसे भी संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है, इसलिए वहां सर्विलांस और बॉर्डर/आंतरिक सुरक्षा गतिविधियों को और कड़ा किया गया है।

इन निर्देशों का एक हिस्सा “हाई-फुटफॉल” लोकेशंस पर फोकस भी है—धार्मिक स्थल, ट्रांसपोर्ट हब, भीड़ वाले बाजार, सराय/ठहरने की जगहें और कुछ संवेदनशील सामग्री (जैसे केमिकल्स) की निगरानी। Republic Day 2026 के आसपास अक्सर सुरक्षा एजेंसियां पहले से ही अलर्ट रहती हैं, लेकिन इस बार इनपुट्स में “स्केल” को बड़ा बताया गया है, इसलिए बहु-एजेंसी समन्वय का स्तर भी बढ़ाया गया है।

आम लोग क्या करें—विजिलेंस, पर घबराहट नहीं

Republic Day 2026 के हाई अलर्ट का मतलब यह नहीं कि लोग घबराएं। इसका मतलब यह है कि एजेंसियां संभावित खतरे को पहले से रोकने की कोशिश कर रही हैं। अगर आप Delhi/NCR या किसी बड़े शहर में हैं, तो Republic Day 2026 के आसपास कुछ बातें सामान्य सावधानी के तौर पर याद रखें:

  • भीड़ वाले इलाके में लावारिस बैग/संदिग्ध वस्तु दिखे तो दूरी बनाएं और तुरंत सुरक्षा कर्मियों/पुलिस को बताएं।
  • अनजान व्यक्ति की संदिग्ध हरकत, ड्रोन जैसा कुछ असामान्य दिखे, या कोई जबरदस्ती संवेदनशील जगहों की रिकॉर्डिंग करता दिखे—तो रिपोर्ट करें।
  • होटल/गेस्ट हाउस/किराये के मकान में सत्यापन नियमों का पालन करें।
  • जरूरत पड़े तो 112 जैसे हेल्पलाइन नंबर का इस्तेमाल करें।

कुल मिलाकर, Republic Day 2026 के लिए सुरक्षा व्यवस्था “चौकसी + तकनीक + बहु-एजेंसी समन्वय” पर आधारित दिख रही है। अलर्ट का मकसद यही है कि किसी भी साजिश को समय रहते रोका जा सके और Republic Day 2026 के कार्यक्रम सुरक्षित तरीके से पूरे हों।

Leave a Comment