Republic Day Parade 2026: January 26, 2026 को भारत के 77वें गणतंत्र दिवस के मौके पर कर्तव्य पथ (Kartavya Path) पर आयोजित Republic Day Parade 2026 इस बार एक खास संदेश के साथ सामने आई। परेड का मुख्य थीम “150 Years Of Vande Mataram” रखा गया, जिसमें वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ और भारत की आधुनिक सैन्य ताकत—दोनों का संगम दिखाई दिया। Republic Day Parade 2026 में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से लेकर झांकियों और सैन्य प्रदर्शन तक, हर हिस्से में “150 Years Of Vande Mataram” को केंद्र में रखा गया।
परेड का केंद्र: “150 Years Of Vande Mataram”
Republic Day Parade 2026 की शुरुआत से ही संकेत साफ था कि इस बार कार्यक्रम का भाव-बिंदु “150 Years Of Vande Mataram” है। रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह के मुताबिक, इस साल के गणतंत्र दिवस समारोह में कर्तव्य पथ पर “150 Years Of Vande Mataram”, भारत की सैन्य ताकत और देश की सांस्कृतिक विविधता का मिश्रण दिखाने की कोशिश की गई। Republic Day Parade 2026 के मंचन में यह बात कई स्तरों पर दिखी—संगीत, दृश्य, झांकियां और कार्यक्रम के समापन तक। “150 Years Of Vande Mataram” को दृश्य रूप से जीवंत करने के लिए कर्तव्य पथ पर 1923 में चित्रकार तेजेंद्र कुमार मित्र द्वारा बनाई गई वंदे मातरम के श्लोकों की श्रृंखलागत चित्र-श्रृंखला को ‘view-cutters’ के रूप में प्रदर्शित किया गया। यह पहल दर्शकों के लिए एक तरह से इतिहास और वर्तमान को जोड़ने वाली कड़ी बन गई। Republic Day Parade 2026 में ऐसे दृश्य-तत्वों ने “150 Years Of Vande Mataram” को सिर्फ एक थीम नहीं, बल्कि पूरे आयोजन की रीढ़ की तरह स्थापित किया।
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अंत में “वंदे मातरम” बैनर और गुब्बारे
Republic Day Parade 2026 के समापन की ओर बढ़ते हुए “150 Years Of Vande Mataram” का संदेश और स्पष्ट किया गया। परेड के अंत में एक विशाल “वंदे मातरम” बैनर का अनावरण हुआ और रबर के गुब्बारे छोड़े गए। इसे वंदे मातरम के 150 साल के इतिहास को समर्पित प्रतीकात्मक क्षण के तौर पर प्रस्तुत किया गया। इस तरह Republic Day Parade 2026 ने “150 Years Of Vande Mataram” को एक औपचारिक नारे की तरह नहीं, बल्कि एक अनुभव की तरह दर्शकों तक पहुंचाने की कोशिश की।
2,500 कलाकारों की प्रस्तुति, थीम भी “वंदे मातरम”
Republic Day Parade 2026 में सांस्कृतिक प्रस्तुति का केंद्र भी “150 Years Of Vande Mataram” ही रहा। करीब 2,500 कलाकारों ने “स्वतंत्रता का मंत्र – वंदे मातरम” और “समृद्धि का मंत्र – आत्मनिर्भर भारत” थीम पर नृत्य–संगीत का मंचन किया। इस प्रस्तुति को आकार देने वाली टीम में म्यूजिक डायरेक्टर एम.एम. कीरावणी, गीतकार सुभाष सेहगल, नरेटर अनुपम खेर और कोरियोग्राफर संतोष नायर का नाम शामिल रहा। Republic Day Parade 2026 में यह हिस्सा उन दर्शकों के लिए खास रहा जो सैन्य प्रदर्शनों के साथ-साथ सांस्कृतिक पहचान को भी उसी तीव्रता से देखना चाहते हैं। “150 Years Of Vande Mataram” यहां एक भाव के रूप में मौजूद रहा।
झांकियों में भी दिखा “150 Years Of Vande Mataram” का रंग
Republic Day Parade 2026 में केंद्र सरकार की ओर से संस्कृति मंत्रालय ने वंदे मातरम को समर्पित अपनी झांकी प्रस्तुत की, जिसका शीर्षक था “वंदे मातरम: नेशन की आत्मा की पुकार।” झांकी के जरिए वंदे मातरम के जन्म, आज़ादी की लड़ाई में उसकी भूमिका और आज भी जीवित राष्ट्रीय भावना को दृश्य रूप से दिखाने पर जोर रहा। इस कारण “150 Years Of Vande Mataram” का संदेश झांकियों के जरिए भी लोगों तक पहुंचा। कुछ राज्यों की झांकियां भी इसी धारा से जुड़ी दिखीं। छत्तीसगढ़ की झांकी का विषय “मंत्र ऑफ फ्रीडम: वंदे मातरम” बताया गया, जबकि गुजरात की झांकी “स्वतंत्रता का मंत्र – वंदे मातरम” थीम पर आधारित रही। इसके साथ बालू और फूलों से बनी फ्लोरल झांकी में भी “150 Years Of Vande Mataram” को दर्शाया गया। Republic Day Parade 2026 में ये झांकियां इसलिए भी चर्चा में रहीं क्योंकि यहां ‘थीम’ शब्द सिर्फ पोस्टर तक सीमित नहीं रहा, बल्कि कई अलग-अलग रूपों में दिखाई दिया।
सैन्य ताकत: Army का “Phased Battle Array” पहली बार
Republic Day Parade 2026 का दूसरा बड़ा केंद्र भारत की सैन्य तैयारी और आधुनिक हथियार प्रणालियां रहीं। भारतीय थलसेना ने पहली बार “Phased Battle Array” प्रस्तुत किया, जिसमें लाइव कमेंट्री के साथ युद्ध के अलग-अलग चरणों—रेकी, युद्धक मशीनरी, लॉन्ग रेंज हथियार प्रणाली और एयर पावर—को एक साथ दिखाया गया। Republic Day Parade 2026 में यह हिस्सा उन दर्शकों के लिए खास रहा जो सेना के संचालन को सिर्फ परेड-फॉर्मेशन में नहीं, बल्कि युद्ध-परिस्थिति की क्रमबद्ध झलक के रूप में भी समझना चाहते हैं। इस प्रस्तुति में जिन प्रणालियों और प्लेटफॉर्म्स का उल्लेख किया गया, उनमें उच्च गति वाले रेकी वाहन (HMRV), बख्तरबंद वाहन BMP-II, नाग मिसाइल प्रणाली, अटैक गन सिस्टम (ATAGS), धनुष तोप, ब्रह्मोस, आकाश और MRSAM, UGV (Unmanned Ground Vehicle), ड्रोन शक्ति और ग्लेशियर ATV जैसे आधुनिक संसाधन शामिल रहे। इसके अलावा भारी टैंक T-90 और अर्जुन मेन बैटल टैंक, एयरोस्पेस वाहन, ध्रुव हेलीकॉप्टर और अन्य नवीनतम संस्थापनों का भी प्रदर्शन किया गया। Republic Day Parade 2026 में सैन्य प्रदर्शन के इस हिस्से ने यह संकेत दिया कि तकनीक, गतिशीलता और समन्वय—तीनों पर ध्यान है, जबकि पूरे आयोजन के केंद्र में “150 Years Of Vande Mataram” का भाव चलता रहा।
जानवरों वाला दल भी शामिल
Republic Day Parade 2026 में सैन्य टुकड़ियों और हथियार प्रणालियों के साथ जानवरों वाला विशेष दल भी शामिल रहा। इसमें जंस्कर के घोड़े, बैक्टीरियन ऊंट और प्रशिक्षित कुत्तों का उल्लेख किया गया। परेड में ऐसे दल अक्सर दर्शकों का ध्यान खींचते हैं क्योंकि यह सेना की विविध क्षमताओं और प्रशिक्षण को अलग तरीके से सामने लाते हैं। इस बार भी Republic Day Parade 2026 में यह हिस्सा कार्यक्रम की निरंतरता का हिस्सा बना।
वायुसेना की फ्लाई-पास्ट: 29 विमान अलग-अलग फॉर्मेशन में
Republic Day Parade 2026 में भारतीय वायुसेना की फ्लाई-पास्ट ने आकाश में एक क्रमबद्ध और संगठित दृश्य बनाया। राफेल, Su-30, P-8I, C-295, MiG-29, अपाचे, LCA हेलीकॉप्टर, ALH, Mi-17 सहित कुल 29 विमानों ने विभिन्न फॉर्मेशन में उड़ान भरी। Republic Day Parade 2026 का यह हिस्सा हमेशा की तरह दर्शकों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा, क्योंकि यह तकनीकी शक्ति के साथ-साथ सटीक तालमेल भी दिखाता है। “150 Years Of Vande Mataram” की थीम जमीन पर चल रही थी, तो ऊपर आसमान में फ्लाई-पास्ट ने सुरक्षा और तैयारी का संदेश जोड़ा। वायुसेना की एक विशेष झांकी “Veteran Tableau” भी रही, जो वर्षों तक सेवा देने वाले वीर वेटरन्स के योगदान को समर्पित थी। Republic Day Parade 2026 में यह झांकी सेना के वरिष्ठ वीरों के दीर्घकालिक योगदान को राष्ट्रीय ध्यान में लाने का प्रयास मानी गई।
तीनों सेनाओं का संदेश और “Operation Sindoor” झांकी
Republic Day Parade 2026 में तीनों सेवाओं की संयुक्त ताकत को भी स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया गया। तीन सेनाओं की एक झांकी “Operation Sindoor” को दर्शाती थी और “Jointness के माध्यम से विजय” के संदेश को बढ़ावा देती थी। Republic Day Parade 2026 में इस हिस्से का महत्व इसलिए भी बढ़ा क्योंकि यह सिर्फ अलग-अलग बलों का प्रदर्शन नहीं, बल्कि संयुक्त संचालन की सोच को रेखांकित करता है। इसी क्रम में भारतीय नौसेना और नौसेना मुख्यालय की झांकी “Samudra Se Samridhi” (समुद्र से समृद्धि) थी, जो महासागरों से आर्थिक विकास की संभावना पर केंद्रित रही। इसके अलावा नौसेना, BSF, असम राइफल्स, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों और अन्य संगठनों के दलों ने भी परेड में हिस्सा लिया। Republic Day Parade 2026 में यह व्यापक भागीदारी भी “150 Years Of Vande Mataram” के राष्ट्रीय भाव के साथ जुड़ती दिखी।
कुल 30 झांकियां, राज्यों से लेकर मंत्रालयों तक
Republic Day Parade 2026 में कुल 30 झांकियां कर्तव्य पथ पर निकलीं—17 राज्य/केंद्र शासित प्रदेशों की और 13 मंत्रालय/विभागों की। इनमें अलग-अलग क्षेत्रों की सांस्कृतिक विविधता के साथ राष्ट्रीय योजनाओं और उपलब्धियों की झलक भी दिखाई गई। उदाहरण के तौर पर ओडिशा की झांकी का विषय “मिट्टी से सिलिकॉन: परंपरा में जड़ें, इनोवेशन के साथ उठता भारत” बताया गया। इसी तरह महाराष्ट्र, तमिलनाडु, गुजरात जैसे राज्यों की झांकियों में आत्मनिर्भर भारत, EV मैन्युफैक्चरिंग और गणेशोत्सव जैसे विषयों का उल्लेख रहा। Republic Day Parade 2026 में यह विविधता दर्शकों को एक ही मंच पर कई भारत देखने का अवसर देती है—और इसी बीच “150 Years Of Vande Mataram” की थीम अलग-अलग रूपों में लगातार साथ चलती रही।
कुल मिलाकर क्या संदेश निकलता है?
Republic Day Parade 2026 ने इस बार दो बड़े पहलुओं को एक साथ रखा—“150 Years Of Vande Mataram” के जरिए राष्ट्रभाव और इतिहास की स्मृति, और सैन्य प्रदर्शन के जरिए आधुनिक सुरक्षा तैयारी। कर्तव्य पथ पर दृश्य-कटर्स, झांकियों, सांस्कृतिक मंचन और समापन के प्रतीकात्मक क्षणों ने “150 Years Of Vande Mataram” को आयोजन का केंद्र बनाए रखा। वहीं Army का “Phased Battle Array”, IAF की फ्लाई-पास्ट और संयुक्त संचालन वाली झांकियों ने यह संकेत दिया कि सुरक्षा और समन्वय भी उतने ही महत्वपूर्ण संदेश हैं, जिन्हें Republic Day Parade 2026 ने सामने रखा।
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