Abhigyan Kundu double century: एसीसी मेंस अंडर-19 एशिया कप 2025 में भारत और मलेशिया के बीच खेले गए मुकाबले ने भारतीय क्रिकेट को एक नई पहचान दी। इस मैच में 17 साल के विकेटकीपर बल्लेबाज अभिज्ञान कुंडू ने वह कर दिखाया, जो इससे पहले कोई भारतीय खिलाड़ी यूथ वनडे इंटरनेशनल क्रिकेट में नहीं कर पाया था। Abhigyan Kundu double century की बदौलत भारत ने बड़ा स्कोर खड़ा किया और टूर्नामेंट में अपनी मजबूत स्थिति दर्ज कराई।
शुरुआती झटकों के बाद अभिज्ञान की एंट्री
भारतीय टीम की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। वैभव सूर्यवंशी और कप्तान आयुष म्हात्रे के आउट होने के बाद पारी पर दबाव साफ नजर आ रहा था। ऐसे समय में पांचवें नंबर पर बल्लेबाजी करने आए अभिज्ञान कुंडू। उन्होंने आते ही बड़े शॉट खेलने की जल्दबाजी नहीं दिखाई और हालात को समझते हुए बल्लेबाजी शुरू की। यही संयम आगे चलकर Abhigyan Kundu double century की मजबूत नींव बना।
फिफ्टी से सेंचुरी तक का सफर
अभिज्ञान कुंडू ने अपनी पारी का पहला अहम पड़ाव 44 गेंदों में पार किया। छह चौकों की मदद से उन्होंने अर्धशतक पूरा किया। इसके बाद उन्होंने रन गति बढ़ाई, लेकिन जोखिम भरे शॉट्स से दूरी बनाए रखी। 80 गेंदों पर उन्होंने अपनी सेंचुरी पूरी की, जिसमें 11 चौके और एक छक्का शामिल था। इस दौरान साफ दिख रहा था कि अभिज्ञान लंबी पारी खेलने के इरादे से मैदान पर उतरे हैं। Abhigyan Kundu double century की चर्चा यहीं से शुरू हो गई थी।
150 के बाद बदला गियर
सेंचुरी के बाद अभिज्ञान कुंडू ने अपने खेल में बदलाव किया। उन्होंने गेंदबाजों पर दबाव बनाना शुरू किया और स्ट्राइक रोटेशन के साथ बाउंड्री भी लगाईं। 106 गेंदों पर उन्होंने 150 रन पूरे किए। इस चरण में उनके शॉट्स ज्यादा आत्मविश्वास भरे नजर आए। मैदान के चारों ओर गेंद पहुंचती रही, लेकिन फिर भी उनकी बल्लेबाजी में संतुलन बना रहा। Abhigyan Kundu double century अब सिर्फ समय की बात लग रही थी।
121 गेंदों में ऐतिहासिक दोहरा शतक
121वीं गेंद पर छक्का लगाकर अभिज्ञान कुंडू ने अपना दोहरा शतक पूरा किया। इसके साथ ही वह यूथ वनडे इंटरनेशनल क्रिकेट में दोहरा शतक लगाने वाले भारत के पहले बल्लेबाज बन गए। उनकी नाबाद पारी 125 गेंदों पर 209 रन की रही, जिसमें 17 चौके और 9 छक्के शामिल थे। स्ट्राइक रेट 167.20 रहा। Abhigyan Kundu double century ने न सिर्फ रिकॉर्ड बुक में जगह बनाई, बल्कि मैच की दिशा भी पूरी तरह बदल दी।
भारत का 400 पार स्कोर
अभिज्ञान कुंडू की इस पारी के दम पर भारत ने सात विकेट के नुकसान पर 408 रन बनाए। अंडर-19 स्तर पर यह स्कोर काफी अहम माना जाता है। मलेशिया के गेंदबाजों के लिए इस लक्ष्य को रोकना आसान नहीं था। पूरी पारी के दौरान अभिज्ञान ने टीम की जरूरत के हिसाब से बल्लेबाजी की और आखिर तक क्रीज पर टिके रहे। Abhigyan Kundu double century टीम के स्कोर में साफ झलक रही थी।
टूटा पाकिस्तान का रिकॉर्ड
इस टूर्नामेंट में इससे पहले पाकिस्तान के ओपनर समीर मिन्हास ने 177 रन बनाकर सबसे बड़ी पारी का रिकॉर्ड बनाया था। भारत के खिलाफ मुकाबले से पहले उस पारी को लेकर काफी चर्चा थी। लेकिन मलेशिया के खिलाफ Abhigyan Kundu double century ने उस रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। अब यूथ एशिया कप में सबसे बड़ी पारी भारतीय बल्लेबाज के नाम दर्ज हो चुकी है।
वैभव सूर्यवंशी की पारी से भी बड़ा कारनामा
अंडर-19 एशिया कप के पहले मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी ने 171 रन बनाए थे और उन्हें लेकर काफी सुर्खियां बनी थीं। ऐसे में मलेशिया के खिलाफ मैच में भी उनसे बड़ी पारी की उम्मीद थी। लेकिन इस बार अभिज्ञान कुंडू ने उनसे भी बड़ा स्कोर खड़ा कर दिया। पांचवें नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए उन्होंने यह साबित किया कि वह सिर्फ ओपनिंग तक सीमित खिलाड़ी नहीं हैं। Abhigyan Kundu double century ने टीम संयोजन में उनकी अहमियत बढ़ा दी है।
संयम और समझदारी की मिसाल
अभिज्ञान कुंडू की इस पारी की सबसे खास बात उनका धैर्य रहा। उन्होंने न तो शुरुआत में जल्दबाजी की और न ही रिकॉर्ड के चक्कर में गैरजरूरी शॉट खेले। पहले टीम को संभाला, फिर रन गति बढ़ाई और आखिर में बड़े शॉट लगाए। Abhigyan Kundu double century इस बात का उदाहरण है कि सही सोच और योजना के साथ बड़े लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं।
आगे क्या संकेत देता है यह प्रदर्शन
अभी अभिज्ञान कुंडू का करियर शुरुआती दौर में है, लेकिन इस तरह की पारी भविष्य की संभावनाओं की ओर इशारा करती है। अंडर-19 स्तर पर इस तरह का प्रदर्शन चयनकर्ताओं और टीम मैनेजमेंट का ध्यान जरूर खींचेगा। Abhigyan Kundu double century सिर्फ एक मैच की कहानी नहीं है, बल्कि यह भारतीय क्रिकेट को मिलने वाले नए नाम की शुरुआत भी मानी जा सकती है।
अंडर-19 एशिया कप में भारत की मजबूत मौजूदगी
मलेशिया के खिलाफ यह मुकाबला भले ही ग्रुप स्टेज का था, लेकिन इसके असर दूर तक जाएंगे। रिकॉर्ड टूटे हैं, नए बने हैं और भारत ने एक बार फिर दिखाया है कि उसकी अंडर-19 टीम कितनी गहरी है। Abhigyan Kundu double century आने वाले समय में इस टूर्नामेंट की सबसे यादगार पारियों में गिनी जाएगी।