Dharamshala College Ragging: हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला से सामने आया Dharamshala College Ragging का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। 19 साल की एक छात्रा की मौत के बाद उसके पिता के आरोपों ने पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पिता का कहना है कि उनकी बेटी को अपने ही कॉलेज से इतना डर लगने लगा था कि वह बार-बार कहती थी—“वे मुझे मार देंगे।” इस Dharamshala College Ragging केस में छात्राओं के साथ-साथ एक प्रोफेसर पर भी गंभीर आरोप लगे हैं।
मृत छात्रा गवर्नमेंट डिग्री कॉलेज, धर्मशाला में पढ़ती थी। पिछले महीने उसकी मौत लुधियाना के एक अस्पताल में हुई थी। इससे पहले उसका इलाज हिमाचल और पंजाब के अलग-अलग अस्पतालों में चला। पुलिस के मुताबिक, छात्रा को कुल सात अस्पतालों में भर्ती कराया गया था, लेकिन उसकी हालत में सुधार नहीं हो पाया।
पिता का आरोप: कॉलेज जाना नहीं चाहती थी बेटी
Dharamshala College Ragging मामले में पिता ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनकी बेटी कॉलेज जाने से डरने लगी थी। पिता के मुताबिक, वह बार-बार कहती थी कि कॉलेज में मौजूद छात्राएं उसे नुकसान पहुंचा सकती हैं।
उन्होंने कहा, “वह साफ शब्दों में कहती थी कि वे छात्राएं मुझे मार देंगी। वह कॉलेज नहीं जाना चाहती थी।”
पिता का दावा है कि यह डर यूं ही नहीं था, बल्कि रैगिंग के नाम पर की गई मारपीट और मानसिक प्रताड़ना की वजह से पैदा हुआ था। यह सब सितंबर 2025 में शुरू हुआ, जब तीन सीनियर छात्राओं ने कथित तौर पर रैगिंग के दौरान उसकी पिटाई की।
रैगिंग के दौरान बोतल से हमला और बाल काटने का आरोप
शिकायत के मुताबिक, Dharamshala College Ragging की यह घटना 18 सितंबर को हुई थी। पिता ने आरोप लगाया कि तीन छात्राओं ने मिलकर उनकी बेटी को पीटा। इनमें से एक छात्रा ने बोतल से हमला किया और उसके बाल भी काट दिए गए।
पिता का कहना है कि इस घटना ने उनकी बेटी को अंदर से तोड़ दिया। वह चुपचाप सब सहती रही, लेकिन डर और तनाव लगातार बढ़ता चला गया।
घटना के बाद पिता ने अपनी बेटी की सुरक्षा के लिए उसे 20 सितंबर को एक निजी कंप्यूटर अकादमी में दाखिला दिला दिया, ताकि वह कुछ समय के लिए कॉलेज न जाए। लेकिन तब तक मानसिक असर गहरा हो चुका था।
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प्रोफेसर पर यौन उत्पीड़न का आरोप
Dharamshala College Ragging केस में एक और गंभीर मोड़ तब आया, जब छात्रा का एक वीडियो सामने आया। इस वीडियो में उसने कॉलेज के प्रोफेसर अशोक पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया।
छात्रा ने कहा था कि प्रोफेसर उसे “गलत तरीके से छूते थे।” यह वीडियो उसकी मौत से पहले रिकॉर्ड किया गया था और सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
परिवार का आरोप है कि रैगिंग और प्रोफेसर के कथित व्यवहार ने मिलकर छात्रा को गहरे डिप्रेशन में डाल दिया। यही वजह थी कि उसकी तबीयत लगातार बिगड़ती चली गई।
इलाज चलता रहा, लेकिन नहीं बच सकी जान
पुलिस के अनुसार, छात्रा की तबीयत बिगड़ने के बाद उसे कई अस्पतालों में भर्ती कराया गया। पहले हिमाचल प्रदेश के अस्पतालों में इलाज हुआ, फिर हालत गंभीर होने पर उसे लुधियाना रेफर किया गया।
26 दिसंबर को लुधियाना के अस्पताल में उसकी मौत हो गई। इस Dharamshala College Ragging मामले ने पूरे इलाके में शोक और आक्रोश फैला दिया।
कांगड़ा के एसपी अशोक रतन ने बताया कि सभी तथ्यों की जांच की जा रही है। मेडिकल रिकॉर्ड, वीडियो सबूत और परिवार के बयान खंगाले जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जांच के बाद ही साफ हो पाएगा कि मौत की असली वजह क्या थी।
पुलिस में शिकायत और दर्ज केस
पिता ने बेटी की मौत के बाद धर्मशाला पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि उस वक्त वे मानसिक रूप से इतने टूट चुके थे कि तुरंत शिकायत नहीं कर पाए।
पुलिस ने इस Dharamshala College Ragging केस में प्रोफेसर और तीन छात्राओं के खिलाफ केस दर्ज किया है। इसमें यौन उत्पीड़न, मारपीट और रैगिंग से जुड़ी धाराएं लगाई गई हैं।
कॉलेज प्रशासन का दावा अलग
जहां परिवार रैगिंग और उत्पीड़न को मौत की वजह बता रहा है, वहीं कॉलेज प्रशासन का पक्ष कुछ अलग है। प्रशासन का कहना है कि छात्रा पढ़ाई में फेल होने के बाद तनाव में थी और यूनिवर्सिटी नियमों के कारण उसका नाम रोल से हटा दिया गया था।
हालांकि परिवार इन दावों को सिरे से खारिज करता है। उनका कहना है कि अगर सब कुछ सामान्य होता, तो उनकी बेटी इतना डर क्यों महसूस करती?
सोशल मीडिया और जांच एजेंसियों की नजर
Dharamshala College Ragging मामला सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोग छात्रा के लिए न्याय की मांग कर रहे हैं। कई लोग कॉलेजों में रैगिंग पर सख्त कार्रवाई की बात कह रहे हैं।
सूत्रों के मुताबिक, इस केस पर उच्च स्तर पर भी नजर रखी जा रही है और जांच आगे बढ़ने के साथ और खुलासे हो सकते हैं।
सवाल जो अब भी बाकी हैं
इस पूरे Dharamshala College Ragging मामले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि कॉलेज कैंपस कितने सुरक्षित हैं। क्या रैगिंग रोकने के लिए बने नियम जमीन पर सही से लागू हो रहे हैं?
फिलहाल, पीड़ित परिवार न्याय की उम्मीद लगाए बैठा है। जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि छात्रा की मौत के पीछे कौन-कौन जिम्मेदार था, लेकिन इतना तय है कि इस मामले ने कई कड़वी सच्चाइयों को सामने ला दिया है।