India EU FTA पर ऐतिहासिक सहमति: 20 साल बाद PM Modi ने बताया क्यों भारत के लिए अहम है यह डील

करीब 20 साल की लंबी बातचीत के बाद भारत और European Union के बीच India EU FTA पर आखिरकार सहमति बन गई है। मंगलवार सुबह भारत सरकार ने इस Free Trade Agreement की घोषणा की, जिसे भारत और यूरोप के रिश्तों में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। India-EU FTA का मकसद दोनों पक्षों के बीच व्यापार को आसान बनाना और निवेश के नए रास्ते खोलना है। European Union 27 देशों का समूह है और यह दुनिया की लगभग 25 फीसदी GDP और एक-तिहाई वैश्विक व्यापार का प्रतिनिधित्व करता है। ऐसे में India-EU FTA को भारत के लिए रणनीतिक रूप से भी काफी अहम माना जा रहा है।

PM Modi का बयान: भारत और यूरोप दोनों को फायदा

Prime Minister Narendra Modi ने India EU FTA को भारत और यूरोप के आम लोगों के लिए बड़ा अवसर बताया है। उन्होंने कहा कि यह समझौता दुनिया की दो बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच साझेदारी का उदाहरण है। PM Modi के मुताबिक, India-EU FTA से दोनों क्षेत्रों में व्यापार और निवेश को नई दिशा मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि यह डील वैश्विक स्तर पर बदलते आर्थिक हालात के बीच सहयोग का मजबूत संदेश देती है।

27 देशों का बाजार और भारत के लिए मौका

India EU FTA के तहत भारत को 27 यूरोपीय देशों के बड़े बाजार तक आसान पहुंच मिलेगी। यह बाजार करीब दो अरब उपभोक्ताओं का है। लंबे समय से भारतीय निर्यातक यूरोप में व्यापार बढ़ाने की मांग कर रहे थे। कपड़ा, फार्मा, ऑटो पार्ट्स, इंजीनियरिंग और IT जैसे सेक्टर को India-EU FTA से खास फायदा मिलने की उम्मीद है। वहीं यूरोपीय कंपनियों के लिए भारत का बड़ा उपभोक्ता बाजार और निवेश के अवसर और खुलेंगे।

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बातचीत कैसे आगे बढ़ी और क्यों मिली तेजी

India EU FTA पर बातचीत की शुरुआत करीब दो दशक पहले हुई थी, लेकिन कई मुद्दों पर सहमति नहीं बन पाने के कारण यह प्रक्रिया लंबे समय तक अटकी रही। पिछले साल PM Modi और European Commission President Ursula von der Leyen के बीच हुई बातचीत के बाद इसे तेजी से आगे बढ़ाने पर सहमति बनी। इसके बाद India-EU FTA को लेकर दोनों पक्षों के बीच बातचीत ने रफ्तार पकड़ी और अब जाकर यह समझौता अंतिम रूप तक पहुंच सका।

Trade Secretary का बयान और डील की प्रकृति

Trade Secretary Rajesh Agrawal के हवाले से कहा गया है कि India EU FTA एक संतुलित और भविष्य को ध्यान में रखकर किया गया समझौता है। उनके मुताबिक, बातचीत सफलतापूर्वक पूरी हो चुकी है और डील को अंतिम रूप दे दिया गया है। India EU FTA से दोनों पक्षों के बीच आर्थिक एकीकरण मजबूत होगा और व्यापार व निवेश को बढ़ावा मिलेगा।

कब होगा साइन और कब लागू होगी डील

सरकारी अधिकारियों के अनुसार, India EU FTA पर औपचारिक हस्ताक्षर से पहले कानूनी जांच की प्रक्रिया होगी। इसमें करीब पांच से छह महीने लग सकते हैं। इसके बाद European Parliament और भारत में Cabinet की मंजूरी जरूरी होगी। सभी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद India EU FTA को एक साल के भीतर लागू किए जाने की उम्मीद है।

‘Mother of all deals’ क्यों कहा जा रहा है

Commerce Minister Piyush Goyal और European Commission President Ursula von der Leyen दोनों ने India EU FTA को “mother of all trade deals” कहा है। इसकी वजह यह है कि यह समझौता केवल टैरिफ या व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें निवेश, सेवाएं और भविष्य के आर्थिक सहयोग से जुड़े कई पहलू शामिल हैं। India EU FTA को भारत और यूरोप के रिश्तों में एक नए अध्याय की शुरुआत के तौर पर देखा जा रहा है।

Republic Day और Europe-India रिश्ते

Republic Day समारोह के दौरान European Council President Antonio Luis Santos da Costa और Ursula von der Leyen भारत के मुख्य अतिथि रहे। इस मौके पर Europe और India के लोकतांत्रिक मूल्यों और साझा भविष्य पर जोर दिया गया। माना जा रहा है कि इसी राजनीतिक भरोसे ने India EU FTA को अंतिम रूप देने में अहम भूमिका निभाई।

अमेरिका की प्रतिक्रिया और विवादित बयान

India EU FTA को लेकर अमेरिका की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई है। US Treasury Secretary Scott Bessent ने आरोप लगाया कि European देश भारत से ऐसे तेल उत्पाद खरीद रहे हैं, जो रूसी कच्चे तेल से रिफाइन किए गए हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने रूस से तेल खरीदने को लेकर भारत पर टैरिफ लगाए, लेकिन यूरोप भारत से रिफाइंड उत्पाद खरीदकर अप्रत्यक्ष रूप से युद्ध को फंड कर रहा है। इस बयान के बाद India-EU FTA अंतरराष्ट्रीय चर्चा का हिस्सा बन गया है।

भारत के लिए क्या बदल सकता है India EU FTA

विशेषज्ञों का मानना है कि India EU FTA से भारत के निर्यात में बढ़ोतरी हो सकती है और रोजगार के नए अवसर बन सकते हैं। विदेशी निवेश को बढ़ावा मिलने की भी उम्मीद है। साथ ही, यूरोपीय तकनीक और निवेश से भारत के कई सेक्टर को मजबूती मिल सकती है। India-EU FTA को सिर्फ एक व्यापार समझौता नहीं, बल्कि आने वाले समय में भारत की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने वाले कदम के तौर पर देखा जा रहा है।

आगे की राह

अब सबकी नजरें इस पर हैं कि India EU FTA से जुड़ी कानूनी और संसदीय प्रक्रियाएं कितनी जल्दी पूरी होती हैं। अगर सब कुछ तय समय पर हुआ, तो अगले एक साल में यह समझौता जमीन पर लागू हो सकता है। इसके साथ ही India-EU FTA भारत और यूरोप के रिश्तों को नई दिशा देने वाला साबित हो सकता है।

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