सुबह-सुबह कांपी धरती: Budgam में Epicentre, Jammu Kashmir Earthquake से सहमे लोग, जानिए क्या हुआ और क्यों बार-बार हिल रहा है Kashmir

सोमवार की सुबह Jammu and Kashmir के लोगों के लिए डर और बेचैनी लेकर आई, जब तड़के करीब 5:35 बजे ज़मीन अचानक हिलने लगी। 4.8 तीव्रता का यह भूकंप इतना तेज था कि Srinagar, Pulwama, Shopian और आसपास के इलाकों में लोग नींद से जागकर घरों से बाहर निकल आए। Jammu Kashmir Earthquake का Epicentre Budgam ज़िले में बताया गया है और इसकी गहराई महज 10 किलोमीटर थी, इसी वजह से झटके काफी साफ़ महसूस हुए। राहत की बात यह रही कि शुरुआती जानकारी के अनुसार कहीं से भी जान-माल के नुकसान की खबर नहीं आई है।

भूकंप के झटके ऐसे समय आए जब घाटी में सर्दी अपने चरम पर है। Epicentre वाले इलाके में उस वक्त मौसम बेहद ठंडा था, तापमान शून्य से नीचे करीब माइनस 0.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आसमान में बादल छाए थे और नमी करीब 95 फीसदी थी। ऐसे हालात में आए Jammu Kashmir Earthquake ने लोगों की घबराहट और बढ़ा दी। कई लोगों ने बताया कि झटके कुछ सेकंड के लिए ही थे, लेकिन इतने तेज थे कि पंखे और खिड़कियां हिलती नजर आईं।

Budgam में Epicentre, आसपास के इलाकों तक असर

प्राथमिक आंकड़ों के मुताबिक इस भूकंप का Epicentre Budgam ज़िले में 33.9°N और 74.76°E निर्देशांकों पर स्थित था। Charar-i-Sharief, जो Epicentre से महज 4 किलोमीटर दूर है, वहां झटके सबसे ज्यादा महसूस किए गए। Pulwama में भी कंपन साफ तौर पर महसूस हुआ, जो Epicentre से लगभग 13 किलोमीटर दूर है। वहीं Srinagar और Shopian जैसे इलाके करीब 21 किलोमीटर की दूरी पर होने के बावजूद भूकंप के असर से अछूते नहीं रहे। Jammu Kashmir Earthquake के दौरान कई जगहों पर लोग डर के मारे खुले मैदानों और सड़कों पर निकल आए।

कितना शक्तिशाली था यह भूकंप

विशेषज्ञों के मुताबिक 4.8 तीव्रता का यह भूकंप मध्यम श्रेणी में आता है, लेकिन इसकी गहराई कम होने के कारण इसका असर ज्यादा महसूस हुआ। अनुमान है कि इस Jammu Kashmir Earthquake के दौरान करीब 1 x 10^12 जूल ऊर्जा रिलीज़ हुई। इसे अगर आसान भाषा में समझें तो यह लगभग 239 टन TNT के विस्फोट के बराबर है। इतनी ऊर्जा आमतौर पर लोगों को नींद से जगा देने, हल्की दरारें पैदा करने या पुराने ढांचों में कंपन पैदा करने के लिए काफी मानी जाती है, खासकर पहाड़ी और ठंडे इलाकों में।

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अधिकारियों ने क्या कहा

State Disaster Management Authority और स्थानीय प्रशासन ने साफ किया है कि अब तक किसी तरह के जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं मिली है। अधिकारियों ने बताया कि सभी जिलों से प्राथमिक रिपोर्ट मंगाई गई है और हालात पर नजर रखी जा रही है। Jammu Kashmir Earthquake के बाद लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की गई है। साथ ही यह भी कहा गया कि किसी तरह की आपात स्थिति के लिए टीमें तैयार हैं।

Andaman and Nicobar में भी महसूस हुए झटके

इसी दिन सुबह एक और भूकंप Andaman and Nicobar Islands में भी दर्ज किया गया। National Centre for Seismology के अनुसार वहां 4.6 तीव्रता का भूकंप सुबह 3:31 बजे आया। इसकी गहराई भी 10 किलोमीटर थी और Epicentre Nicobar क्षेत्र में था। हालांकि इन दोनों घटनाओं का आपस में सीधा संबंध नहीं है, लेकिन एक ही दिन दो अलग-अलग इलाकों में भूकंप दर्ज होना लोगों के लिए चिंता का विषय जरूर बना।

क्यों बार-बार आता है Jammu Kashmir Earthquake

कई लोगों के मन में सवाल है कि आखिर Jammu and Kashmir में बार-बार भूकंप क्यों आते हैं। दरअसल यह इलाका Seismic Zone V में आता है, जो भूकंप के लिहाज से सबसे संवेदनशील ज़ोन माना जाता है। यहां Indian और Eurasian tectonic plates आपस में टकराती हैं। यही टकराव और प्लेटों की लगातार हलचल जम्मू-कश्मीर में बार-बार Earthquake की बड़ी वजह है। जब प्लेटों के बीच जमा ऊर्जा अचानक बाहर निकलती है, तो धरती हिलने लगती है।

विशेषज्ञ बताते हैं कि Budgam और आसपास के इलाकों में मिट्टी की बनावट और पानी से भरी ज़मीन भी झटकों को ज्यादा महसूस कराने में भूमिका निभाती है। यही कारण है कि कई बार मध्यम तीव्रता का Jammu Kashmir Earthquake भी लोगों को काफी तेज लगता है।

पुराने भूकंप और सीख

Kashmir घाटी ने अतीत में कई भूकंप देखे हैं। 2005 में आए Muzaffarabad भूकंप की याद आज भी लोगों के ज़ेहन में ताज़ा है, जिसमें हजारों जानें गई थीं और बड़े पैमाने पर तबाही हुई थी। Budgam क्षेत्र में भी पहले भूकंपीय गतिविधियां दर्ज की जा चुकी हैं। हाल के वर्षों में भी 4 से 5 तीव्रता के कई Jammu Kashmir Earthquake दर्ज हुए हैं, जिनमें अधिकतर में बड़ा नुकसान नहीं हुआ, लेकिन ये लगातार चेतावनी जरूर देते हैं।

भूकंप के समय क्या करें

विशेषज्ञों का कहना है कि भूकंप को रोका नहीं जा सकता, लेकिन सही जानकारी से नुकसान कम किया जा सकता है। अगर फिर से Jammu Kashmir Earthquake के झटके महसूस हों तो घबराने के बजाय मजबूत मेज या फर्नीचर के नीचे बैठें, सिर और गर्दन को ढकें और झटके रुकने तक वहीं रहें। खुले में हों तो बिजली के खंभों और इमारतों से दूर रहें। घरों में भारी सामान को सुरक्षित तरीके से रखना भी जरूरी है।

आगे भी सतर्कता जरूरी

फिलहाल सोमवार सुबह आए इस Jammu Kashmir Earthquake के बाद हालात सामान्य हैं। सड़क, बिजली और संचार सेवाओं पर कोई असर नहीं पड़ा है। लेकिन विशेषज्ञ मानते हैं कि हिमालयी क्षेत्र में भूकंपीय गतिविधियां आगे भी जारी रह सकती हैं। ऐसे में मजबूत निर्माण, आपदा प्रबंधन की तैयारी और लोगों में जागरूकता बेहद जरूरी है।

यह भूकंप भले ही बिना किसी नुकसान के गुजर गया हो, लेकिन इसने एक बार फिर याद दिला दिया कि Jammu Kashmir Earthquake इस इलाके की सच्चाई है। सतर्क रहना, सही जानकारी रखना और अफवाहों से बचना ही सबसे बड़ा बचाव है।

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