KTM Production India: Rajiv Bajaj के बयान से ऑस्ट्रिया में मची खलबली

KTM Production India: क्या आपने कभी सोचा था कि एक भारती कंपनी की एक टिप्पणी यूरोप के दूसरे छोर पर बैठे हज़ारों कर्मचारियों की नींद उड़ा देगी? यही हाल हुआ है बजाज ऑटो के MD राजीव बजाज के एक ताज़ा बयान का। CNBC-TV18 को दिए एक इंटरव्यू में राजीव बजाज ने साफ़ शब्दों में कहा कि ‘यूरोप में प्रोडक्शन अब संभव नहीं है’। यह बयान ऑस्ट्रिया में KTM के पुराने ठिकाने मट्टीघोफेन में एक तूफान ले आया है।

अब सवाल यह उठ रहा है: क्या KTM की नई मंजिल भारत है? और क्या इसके पीछे सिर्फ़ कम लागत ही वजह है, या कोई बड़ा गेम प्लान? आइए इस पूरे मामले को विस्तार से समझते हैं।

बजाज का वह बयान जिसने बदल दिया गेम

राजीव बजाज ने अपनी बात रखते हुए कहा, “KTM के लिए हमारी रणनीति दो बातों पर टिकी है। पहला, ब्रांड को उसकी मूल पहचान पर वापस लाना। सफलता के चक्कर में KTM बहुत ज़्यादा categories और segments में फैल गया है, जिससे ब्रांड कमजोर हुआ है। दूसरा, cost को reset करना। सीधे शब्दों में कहूं तो यूरोप में manufacturing अब मर चुकी है।”

उन्होंने Triumph का उदाहरण देते हुए कहा कि कैसे Mr. Bloor ने 15 साल पहले ही अपना पूरा प्रोडक्शन थाईलैंड शिफ्ट कर दिया था। अगर Triumph ये कर सकता है, तो KTM क्यों नहीं?

भारत से निर्यात होने वाले KTM बाइक्स दे रहे हैं 30% से ज़्यादा का मार्जिन

सबसे दिलचस्प खुलासा तब हुआ जब राजीव बजाज ने बताया कि भारत में बनी और दुनिया के दूसरे हिस्सों में एक्सपोर्ट होने वाली KTM बाइक्स बजाज को 30% से भी ज़्यादा का EBITDA मार्जिन दे रही हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह है भारत की कम लागत और मजबूत सप्लाई चेन।

यही वजह है कि अब KTM के लिए ऑस्ट्रिया में high-cost production lines को चलाने का कोई मतलब नहीं रह गया है। बजाज के लिए, जो एक publicly listed कंपनी है, profitability सबसे ज़्यादा जरूरी है।

ऑस्ट्रियाई कर्मचारियों में फैला डर, लेकिन क्या है पूरी सच्चाई?

राजीव बजाज के इस बयान के बाद ऑस्ट्रिया के KTM प्लांट्स में काम करने वाले कर्मचारी अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं। दशकों से KTM की पहचान उसके ऑस्ट्रियाई factories से रही है। यहां सिर्फ jobs ही नहीं, बल्कि company की heritage और engineering pride भी जुड़ी हुई है।

हालांकि, KTM के ऑस्ट्रियाई अधिकारियों ने अपने employees को यह आश्वासन दिया है कि production जारी रहेगी। लेकिन सच्चाई यह है कि अब KTM सिर्फ एक ऑस्ट्रियाई कंपनी नहीं रही। बजाज ऑटो ने पहले minority stake खरीदी और धीरे-धीरे इसे controlling shareholding में बदल दिया। अब KTM एक ऐसा ब्रांड है जिसका मालिकाना हक एक भारतीय कंपनी के पास है और वही सारे फैसले ले रही है।

क्या China का partnership भी होगा खत्म?

KTM का CFMoto के साथ चीन में एक partnership भी है, जिसे low-cost production base के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा था। लेकिन अब जब बजाज पूरी तरह से charge में है, तो इस partnership की ज़रूरत भी खत्म हो सकती है। बजाज, KTM को भारत में ही वही cost efficiencies दे सकता है, साथ ही उसे stronger control और integration भी मिलेगा।

ऐसे में संभावना यही है कि KTM की चाइना production भी धीरे-धीरे खत्म हो जाए और ऑस्ट्रिया की production कम हो जाए। इस तरह भारत KTM का undisputed manufacturing hub बन जाएगा।

आम खरीदारों के लिए क्या है मतलब?

अगर KTM की ज़्यादातर manufacturing भारत में होने लगे, तो इसका सीधा फायदा ग्राहकों को मिलेगा। भारत में production होने से बाइक्स की कीमतें और competitive हो सकती हैं। साथ ही, global market में KTM models की availability भी बेहतर होगी।

क्या अब KTM की असली पहचान ‘मेड इन इंडिया’ होगी?

राजीव बजाज के बयान से एक बात तो साफ़ है: global manufacturing का centre of gravity अब एशिया की तरफ shift हो रहा है। यूरोप जैसे high-cost regions में अब traditional production maintain करना मुश्किल होता जा रहा है। Companies अब वहीं production consolidate कर रही हैं जहाँ cost structure competitive है।

KTM का भविष्य भले ही ऑस्ट्रिया में उसके design और R&D centres से तय हो, लेकिन उसका production base अब भारत की तरफ देख रहा है। राजीव बजाज के शब्दों ने ऑस्ट्रिया में panic तो जरूर फैलाया है, लेकिन ये global manufacturing की एक कड़वी सच्चाई भी दिखाते हैं।

 

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